फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Amritsar News ›   Resignation of Giani Harpreet Singh of Takht Damdama Sahib rejected by SGPC

Punjab: जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह का इस्तीफा नामंजूर, एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर धामी ने दी जानकारी

Thu, 17 Oct 2024 11:12 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 17 Oct 2024 11:12 PM IST
सार

जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने पद से बुधवार देर शाम को त्यागपत्र दे दिया था। जत्थेदार ने इसके लिए पूर्व अकाली नेता विरसा सिंह वल्टोहा को जिम्मेदार ठहराया था। 

विज्ञापन
Resignation of Giani Harpreet Singh of Takht Damdama Sahib rejected by SGPC
जानकारी देते हरजिंदर धामी। - फोटो : संवाद

विस्तार

तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के त्यागपत्र को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने अस्वीकार कर दिया है। एसजीपीसी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने यह जानकारी दी।

विज्ञापन


जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने पद से बुधवार देर शाम को त्यागपत्र दे दिया था। जत्थेदार ने इसके लिए पूर्व अकाली नेता विरसा सिंह वल्टोहा को जिम्मेदार ठहराया था। 
विज्ञापन


ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने अपना त्याग पत्र एसजीपीसी को भेज दिया था। जत्थेदार हरप्रीत सिंह ने सोशल मीडिया पर डाले वीडियो में केंद्र व पंजाब सरकार से भी उन्हें प्रदान की गई जेड सुरक्षा वापस लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अब उनके पास कोई पद न होने के चलते उन्हें इस सुरक्षा की कोई जरूरत नहीं है। वह तो अपने छोटे से घर में रहने के इच्छुक हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने वल्टोहा द्वारा दी जा रही धमकियों को लेकर एसजीपीसी की चुप्पी पर भी रोष जताया है। उन्होंने खुलासा किया कि सिंह साहिबानों के आदेशों के बाद भी अकाली दल का सोशल मीडिया विंग वल्टोहा की ओर से दिए गए बयानों को अब भी जारी कर रहा है।


जत्थेदार हरप्रीत सिंह ने सोशल मीडिया पर डाले पोस्ट में कहा है कि वल्टोहा द्वारा उन पर एसजीपीसी व आरएसएस का समर्थक होने के झूठे आरोप लगाए हैं। वल्टोहा द्वारा उन्हें बार- बार निशाना बनाया जा रहा है। उसने निजता की सभी हदें पार कर दी हैं। वल्टोहा द्वारा अभी भी अप्रयत्क्ष तौर से उन्हें धमकियों भरे संदेश भेजे जा रहे हैं, यह सब अब उनके बर्दाश्त से बाहर है। ऐसे हालात में वह जत्थेदारी की सेवाएं निभाने में असमर्थ हैं, क्योंकि वह एक जत्थेदार होने के साथ-साथ बेटियों के पिता भी हैं। वल्होटा उनकी जाति पात परख रहा है और इस पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। जत्थेदार ने कहा कि उनके घर पर गंदे संदेश भेजे जा रहे हैं यह सब अब बर्दाश्त के बाहर है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed