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Punjab: सरबजीत की बेटी ने लगाया आरोप, पाकिस्तान ने सबूत मिटाने के लिए कराया सरफराज का कत्ल
Sun, 14 Apr 2024 09:56 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sun, 14 Apr 2024 09:56 PM IST
सार
सरबजीत 1990 में शराब के नशे में पाकिस्तान पहुंच गए थे। वर्ष 1991 में सरबजीत सिंह को पाकिस्तान की अदालत ने फांसी की सजा सुनाई।
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सरबजीत की बेटी स्वपन दीप कौर
- फोटो : संवाद
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विस्तार
पाकिस्तान में भारतीय नागरिक सरबजीत की हत्या करने वाले अमीर सरफराज की पाकिस्तान में रविवार को गोलियां मारकर अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी है। इस पर सरबजीत की बेटी स्वपनदीप ने आरोप लगाया है कि उसके पिता की हत्या का सबूत मिटाने के लिए ही अमीर सरफराज की पाकिस्तान की ओर से हत्या कराई गई है।
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तरनतारन जिले के भिखीविंड कस्बा निवासी सरबजीत सिंह 30 अगस्त 1990 की शाम भारत-पाकिस्तान सीमा पार करके पाकिस्तान चले गए थे। बाद में उन्हें पाकिस्तान पुलिस ने फैसलाबाद में हुए बम धमाकों के मामले में गिरफ्तार किया।
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पाकिस्तान पुलिस ने दावा किया था कि तरनतारन के गांव भिखीविंड निवासी सरबजीत सिंह भारतीय एजेंसियों का जासूस है और पाकिस्तान में वह मनजीत सिंह के नाम पर रहता था। उसने फैसलाबाद में बम धमाके किए थे, जिनमें 14 लोगों की जान चली गई थी।
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वर्ष 1991 में सरबजीत सिंह को पाकिस्तान की अदालत ने फांसी की सजा सुनाई। पाकिस्तान की अदालत द्वारा सरबजीत सिंह को सजा सुनाए जाने के बाद मामला केंद्र सरकार के समक्ष उठाया था। सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर और पत्नी सुखप्रीत कौर ने केंद्र सरकार के समक्ष कई बार गुहार लगाते हुए सरबजीत सिंह की रिहाई के लिए मांग की थी।
इसके बाद केंद्र की मनमोहन सिंह की सरकार ने भी पाकिस्तान से सरबजीत सिंह का मामला उठाया था। बता दें कि सरबजीत सिंह पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में बंद था। वहां पर 26 अप्रैल 2013 को इसी जेल में बंद अमीर सरफराज ने साथियों से मिलकर जानलेवा हमला किया था।
हमले में गंभीर घायल सरबजीत सिंह को अस्पताल में दाखिल करवाया गया, जिसके बाद सरबजीत सिंह का परिवार 1 मई 2013 को उन्हें मिलने के लिए पाकिस्तान पहुंचा था। परिवार सरबजीत सिंह से मिलने के लिए जब पाकिस्तान पहुंचा तो सरबजीत सिंह बेहोशी की हालत में था। बाद में सरबजीत का परिवार लौट आया।
2 मई 2013 को सरबजीत सिंह को मृत घोषित किर दिया गया था। सरबजीत सिंह को तत्कालीन बादल सरकार की ओर से शहीद का दर्जा दिया गया था। उनकी बड़ी बेटी स्वप्नदीप कौर को नायब तहसीलदार बनाया गया था।
सरबजीत पर पाक जेल में उस वक्त हमला करने वाले अमीर सरफराज का पाकिस्तान में रविवार को गोलियां मारकर अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी है। इस पर सरबजीत सिंह की बेटी स्वप्नदीप कौर ने आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पिता शराब के नशे में सीमा पार कर गए थे।
पाकिस्तान की ओर से उन्हें मनजीत सिंह का नाम देकर बम धमाकों का आरोपी बनाकर फांसी की सजा सुनाई गई थी। स्वप्नदीप कौर ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से सरबजीत सिंह के मामले पर जरा भी नरमी नहीं बरती गई।
अब पाकिस्तान सरकार ने ही उनके पिता की हत्या के मामले में ही सबूत मिटाने के लिए अमीर सरफराज की हत्या करवा दी है। बता दें कि स्वपनदीप कौर इस समय कपूरथला में तहसीलदार तैनात हैं।