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बाप के हत्यारे बेटों को उम्रकैद
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर
Updated Sat, 06 Jun 2015 10:30 PM IST
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नशा और चोरी करने से रोकने पर दो युवकों ने अपने बाप की गला दबाकर हत्या कर दी।
शनिवार को इस मामले में जिला सेशन जज गुरबीर सिंह ने प्रगट सिंह और उसके भाई निर्मल सिंह गांव निऊका जंडियाला को दोषी करार दिया। अदालत ने दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई और 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
पुलिस थाना जंडियाला में सात अप्रैल 2014 को मामला दर्ज किया गया था। मनदीप कौर ने बताया कि उसके पिता अमरीक सिंह उसके भाई प्रगट सिंह और निर्मल सिंह को नश करने से रोकता था। नशे के कारण दोनों ने घर में चोरी करनी भी शुरू कर दी थी। वह घर का सामान ले जाकर बाहर बेच देते थे।
पिता अमरीक सिंह उन्हें समझाते थे, जिसके चलते उनके बीच विवाद रहता था। छह अप्रैल को उसे सूचना मिली कि भाइयों और पिता में झगड़ा हो रहा है। वह अपने गांव की तरफ आ रही थी तो उसने देखा कि उसके दोनों भाई उसके पिता का खेतों में ले जाकर गला दबा रहे थे। इसके बाद उन्होंने तेज हथियार से उस पर हमला कर दिया। उसके पिता अमरीक सिंह की मौत हो गई। उसे वहां देखकर आरोपी भाग गए थे।
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शनिवार को इस मामले में जिला सेशन जज गुरबीर सिंह ने प्रगट सिंह और उसके भाई निर्मल सिंह गांव निऊका जंडियाला को दोषी करार दिया। अदालत ने दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई और 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
पुलिस थाना जंडियाला में सात अप्रैल 2014 को मामला दर्ज किया गया था। मनदीप कौर ने बताया कि उसके पिता अमरीक सिंह उसके भाई प्रगट सिंह और निर्मल सिंह को नश करने से रोकता था। नशे के कारण दोनों ने घर में चोरी करनी भी शुरू कर दी थी। वह घर का सामान ले जाकर बाहर बेच देते थे।
पिता अमरीक सिंह उन्हें समझाते थे, जिसके चलते उनके बीच विवाद रहता था। छह अप्रैल को उसे सूचना मिली कि भाइयों और पिता में झगड़ा हो रहा है। वह अपने गांव की तरफ आ रही थी तो उसने देखा कि उसके दोनों भाई उसके पिता का खेतों में ले जाकर गला दबा रहे थे। इसके बाद उन्होंने तेज हथियार से उस पर हमला कर दिया। उसके पिता अमरीक सिंह की मौत हो गई। उसे वहां देखकर आरोपी भाग गए थे।