Amritsar: एडीजीपी डॉ. नरेश अरोड़ा पहुंचे अमृतसर, धर्म स्थलों का दौरा कर लिया सुरक्षा का जायजा
एडीजीपी ने शहर के सभी धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ाने के उद्देशय से धार्मिक स्थलों के आस-पास नाकेबंदी करने की हिदायतें दी हैं। पुलिस कमिश्नर ने हिंदू, क्रिश्चिन और मुस्लिम धार्मिक स्थलों के आस-पास नाकेबंदी और लगातार गश्त किए जाने को लेकर पुलिस की टीमें तैनात कर दी हैं।
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एडीजीपी डॉ. नरेश कुमार अरोड़ा ने शुक्रवार को अमृतसर में सभी धर्मों के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि असामाजिक तत्व शांति भंग करने के लिए कुछ घटनाओं को अंजाम देने के प्रयास कर रहे हैं। पंजाब के डायरेक्टर जनरल पुलिस के आदेशों पर धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर पंजाब में हर जिला स्तर पर अभियान चलाकर सुरक्षा का जायजा लिया जा रहा है। इस अवसर पर पुलिस कमिश्नर अरुणपाल सिंह और डीसीपी परमिंदर सिंह भंडाल भी उनके साथ मौजूद थे।
डॉ. अरोड़ा ने कहा कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा की समीक्षा करने और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बनाए रखने के लिए पूरे राज्य में अभियान चल रहा है। इसके मद्देनजर ही वह चंडीगढ़ से अमृतसर के सभी धार्मिक स्थलों की सुरक्षा का जायजा लेने आए हैं। इसके लिए पंजाब के हर जिले में हेडक्वार्टर से सीनियर अधिकारी को तैनात किया गया है, जो लोकल पुलिस कमिश्नर और एसएसपी के साथ मिलकर धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर लगातार नजर रखेंगे और समय-समय पर इस सुरक्षा की समीक्षा भी की जाएगी।
एडीजीपी ने कहा कि पंजाब में कुछ असामाजिक तत्व शांति को भंग करने के लिए कुछ घटनाएं करते रहते हैं। पंजाब के लोग हमेशा से ऐसे असामाजिक तत्वों का मुंह तोड़ जवाब देते रहे हैं। अब भी लोकल पुलिस लोगों के सहयोग से असामाजिक तत्वों को उनके इरादों में कामयाब नहीं होने देगी। यह अभियान गांव स्तर पर भी चलाया जा रहा है। पिछले दिनों जिला में अलग-अलग चर्च में हुई घटनाओं पर पूछे सवाल के जवाब में डॉ. अरोड़ा ने कहा कि लोकल पुलिस सबूतों के आधार पर विस्तार से जांच कर रही है।
पुलिस कमिश्नर अरुणपाल सिंह ने एडीजीपी के साथ शहर के धार्मिक स्थलों का दौरा करने के दौरान एडीजीपी की हिदायतों पर सभी धर्मों के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए अलग-अलग टीमें गठित करने के बाद धार्मिक स्थलों के आसपास नाके लगा दिए हैं। यह टीमें धार्मिक स्थलों के आर्गेनाइजरों के साथ लगातार संपर्क में रहेंगी, ताकि कोई भी असामाजिक तत्व पंजाब के अलग-अलग समुदायों के बीच खाई पाटने के लिए धार्मिक स्थलों पर किसी तरह की घटना को अंजाम न दे सके।
लुधियाना पहुंचे एडीजीपी लॉ एंड आर्डर
तरनतारन के चर्च में दो दिन पहले हुई घटना के बाद नवनियुक्त एडीजीपी लॉ एंड आर्डर प्रवीण सिन्हा दौरे पर निकले। पंजाब की लॉ एंड आर्डर की स्थिति देखने के लिए एडीजीपी प्रवीण सिन्हा सबसे पहले लुधियाना शहर पहुंचे, जहां उन्होंने कई धार्मिक स्थलों का जायजा लिया। धार्मिक स्थलों के प्रबंधकों के साथ-साथ वहां की मैनेजमेंट कमेटी के साथ भी चर्चा की। इस दौरान उन्होंने वहां लगे सीसीटीवी कैमरे चेक किए और सुझाव भी मांगे। एडीजीपी ने प्रबंधकों को मीटिंग के दौरान कहा कि वह धार्मिक स्थल की एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर सीसीटीवी कैमरे जरूर लगवाएं। इस दौरान एडीजीपी ने शहर के सीनियर पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ मुलाजिमों को लेकर फ्लैग मार्च भी निकाला।
एडीजीपी लॉ एंड आर्डर प्रवीण सिन्हा ने बताया कि पुलिस के साथ-साथ शहर के लोगों की भी जिम्मेदारी बनती है कि शहर को सुरक्षित रखने में पुलिस का साथ दें। किसी भी व्यक्ति को यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस शरारती लोगों से सख्ती से निपटेगी। तरनतारन जैसी वारदातें करने वालों को किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। सिन्हा ने कहा कि सभी धार्मिक स्थलों के प्रबंधकों से कहा गया कि वह अपने सीसीटीवी कैमरों को रोजाना चेक करे। अगर किसी कैमरे में दिक्कत है तो उसे तुरंत ठीक करवा कर शुरू करवाया जाए। इस दौरान प्रबंधकों ने कुछ सुझाव भी दिए ताकि धार्मिक स्थानों की सुरक्षा सही तरीके से हो सके और पंजाब का भाईचारा सही तरीके से चलता रहे। इस दौरान एडीजीपी ने उन्हें तरह का आश्वासन दिया कि पुलिस हर समय पंजाब के लोगों के साथ है।