{"_id":"6ac2ca3c6b20836ce309c853","slug":"terror-plot-foiled-in-punjab-one-arrested-with-an-ak-47-and-two-hand-grenades-2026-10-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंजाब में आतंकी साजिश नाकाम: एके-47 और दो हैंड ग्रेनेड के साथ एक गिरफ्तार, खतरनाक था त्योहार का मंसूबा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंजाब में आतंकी साजिश नाकाम: एके-47 और दो हैंड ग्रेनेड के साथ एक गिरफ्तार, खतरनाक था त्योहार का मंसूबा
Mon, 05 Oct 2026 03:21 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अमृतसर
अमर उजाला नेटवर्क, अमृतसर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 05 Oct 2026 03:21 AM IST
सार
पुलिस ने सराय अमानत खां निवासी नवजोत सिंह को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एके-47 राइफल, मैगजीन, जिंदा कारतूस और दो हैंड ग्रेनेड बरामद किए हैं।
विज्ञापन
demo
- फोटो : ANI
विस्तार
त्योहारों के दौरान अमृतसर में आतंकी वारदात को अंजाम देने की साजिश को अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया। पुलिस ने सराय अमानत खां निवासी नवजोत सिंह को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एके-47 राइफल, मैगजीन, जिंदा कारतूस और दो हैंड ग्रेनेड बरामद किए हैं। उसके पास से मोबाइल फोन और बाइक भी मिली है। प्रारंभिक जांच में हथियारों की खेप ड्रोन के जरिए आईएसआई की ओर से सीमा पार से भेजे जाने की बात सामने आई है।
विज्ञापन
आईजी बॉर्डर जोन गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि आरोपी के संपर्क में दुबई में बैठा तस्कर सुखबीर सिंह था। दोनों पहले साथ पढ़ते थे और तभी से एक-दूसरे को जानते हैं। पुलिस के अनुसार सुखबीर सिंह के आईएसआई से संपर्क हैं और वह सीमा पार से हथियार व नशे की खेप मंगवाता है। जांच में सामने आया है कि त्योहारों के दौरान पुलिस थानों और अन्य सरकारी संस्थानों को निशाना बनाकर वारदात की तैयारी थी।
विज्ञापन
पुलिस के मुताबिक नवजोत को आगे निर्देश मिलने का इंतजार था। इसके बाद उसे हथियारों की यह खेप एक अन्य स्लीपर सेल तक पहुंचानी थी। इस काम के बदले उसे 50 हजार रुपये देने का लालच दिया गया था, हालांकि अभी उसे कोई रकम नहीं मिली थी। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को हथियारों समेत दबोच लिया।
विज्ञापन
आरोपी पहले भी नशे के मामले में शामिल रहा है और ट्रक चालक का काम करता है। थाना घरिंडा में आर्म्स एक्ट और एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों, हथियारों की सप्लाई के स्रोत और विदेशी तस्करों से उसके संपर्क की कड़ियां खंगाल रही है।