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आरसीएफ इंप्लाइज यूनियन ने किया संघर्ष का एलान
ब्यूरो, अमर उजाला/अमृतसर
Updated Tue, 12 Jul 2016 10:16 PM IST
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कपूरथला के रेल कोच फैक्टरी के गेट के बाहर रैली निकालते आरसीएफ इंप्लाइज यूनियन के सदस्य।
- फोटो : amarujala
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रेलवे में एफडीआई, पीपीपी, आउटसोर्सिंग, नई भर्ती, नई पेंशन को खत्म करने और रेलवे कर्मियों की जायज मांगों के समर्थन में रेलवे इंप्लाइज यूनियन ने सुबह साढ़े सात बजे वर्कशॉप गेट पर रैली निकाली। इसमें रेलवे की मान्यता प्राप्त फेडरेशनों की ओर से की जाने वाली अनिश्चितकालीन हड़ताल को बार-बार स्थगित करने पर भी कर्मचारियों में उबाल दिखा।
यूनियन के प्रेस सचिव अमरीक सिंह ने कहा कि 11 जुलाई को होने वाली हड़ताल में एनपीएस खत्म करके पुरानी पेंशन बहाल करवाने सहित 26 अहम मांगें शामिल थीं। मान्यता प्राप्त फेडरेशनों की ओर से इन 26 मांगों में से केवल एक सातवें वेतन आयोग के वेतन का मुददा ही उठाया गया। बाकी कर्मचारी पक्षीय मांगों का जिक्र तक नहीं छेड़ा और हड़ताल खत्म कर दी।
यूनियन के महासचिव सरवजीत सिंह ने कहा कि हम ऐसे लीडरों और फेडरेशनों से क्या उम्मीद कर सकते हैं जो खुद रेलवे के निजीकरण के लिए बनाई कमेटियों के सदस्य हों। ऐसे लोग 15-15 साल से रिटायर होने के बावजूद सिर्फ कुर्सी और सुविधा प्रेम में कर्मचारियों के हकों की आवाज क्यों बुलंद करेंगे।
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उन्होंने कर्मचारियों से आह्वान करते हुए कहा कि हमें खुद ही आगे आकर संघर्ष का झंडा बुलंद करना चाहिए। मौके पर शरणजीत सिंह, मनजीत सिंह बाजवा, पीके कौशल, दर्शन लाल, एम. भटनागर, संजीव वर्मा, चेतराम मीना, दलजीत थिंद, शिवराज मीना, परविंदर सिंह, अमरीक सिंह गिल, संदीप कुमार, अवतार सिंह मौजूद थे।
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यूनियन के प्रेस सचिव अमरीक सिंह ने कहा कि 11 जुलाई को होने वाली हड़ताल में एनपीएस खत्म करके पुरानी पेंशन बहाल करवाने सहित 26 अहम मांगें शामिल थीं। मान्यता प्राप्त फेडरेशनों की ओर से इन 26 मांगों में से केवल एक सातवें वेतन आयोग के वेतन का मुददा ही उठाया गया। बाकी कर्मचारी पक्षीय मांगों का जिक्र तक नहीं छेड़ा और हड़ताल खत्म कर दी।
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यूनियन के महासचिव सरवजीत सिंह ने कहा कि हम ऐसे लीडरों और फेडरेशनों से क्या उम्मीद कर सकते हैं जो खुद रेलवे के निजीकरण के लिए बनाई कमेटियों के सदस्य हों। ऐसे लोग 15-15 साल से रिटायर होने के बावजूद सिर्फ कुर्सी और सुविधा प्रेम में कर्मचारियों के हकों की आवाज क्यों बुलंद करेंगे।
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उन्होंने कर्मचारियों से आह्वान करते हुए कहा कि हमें खुद ही आगे आकर संघर्ष का झंडा बुलंद करना चाहिए। मौके पर शरणजीत सिंह, मनजीत सिंह बाजवा, पीके कौशल, दर्शन लाल, एम. भटनागर, संजीव वर्मा, चेतराम मीना, दलजीत थिंद, शिवराज मीना, परविंदर सिंह, अमरीक सिंह गिल, संदीप कुमार, अवतार सिंह मौजूद थे।