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दो घंटे की नवजात को अस्पताल में छोड़ गए पिताऔर दादी
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अमृतसर के तरनतारन रोड स्थित एक अस्पताल में पैदा हुई प्री-मैच्योर नवजात बच्ची की हालत खराब होने पर उसके पिता और दादी उसे सुल्तानविंड रोड स्थित एसजेएस अस्पताल में दाखिल करवाने के बाद लौटकर नहीं आए। डॉक्टरों ने बच्ची को वेंटिलेटर पर रखा है। चार दिन से बच्ची मौत से लड़ रही है। हालांकि अब डॉक्टर हालत में सुधार की बात कह रहे हैं।
अस्पताल के संचालक डॉ. कुशल सिंह का कहना है कि नवजात की दादी उन्हें बोलकर गई है कि यह बच्ची परिवार को नहीं चाहिए। यह बच भी गई तो वह तरनतारन रोड स्थित उसी अस्पताल की चौखट में छोड़ आएंगी जहां इसने जन्म लिया है। जब तरनतारन रोड पर स्थित अस्पताल की मुखिया डॉ. रंजीत कौर व नवजात के पिता नवदीप से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने बात करने से इंकार कर दिया।
डॉ. कुशल सिंह ने बताया कि 14 जुलाई को नवजात को लेकर उसकी दादी व पिता अस्पताल आए थे। उस समय बच्ची को पैदा हुए मात्र दो घंटे ही हुए थे। नवजात को सांस लेने में तकलीफ थी। उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। दादी और पिता यह कहकर चले गए कि बच्ची की मां की तबीयत ठीक नहीं है। वे बाद में आते हैं। शहीद ऊधम सिंह नगर में रहने वाले इसके पिता को टेलीफोन कर जब भी अस्पताल में बुलाते हैं वह कुछ पल रुकने के बाद लौट जाता है और बच्ची का हाल तक नहीं पूछता। नवजात को अस्पताल के डॉक्टर व स्टाफ संभाल रहा है। जिस अस्पताल में नवजात पैदा हुई उसके डॉक्टरों ने भी उनसे संपर्क नहीं किया है। डॉ. कुशल के अनुसार नवजात की हालत में काफी सुधार हो रहा है। आगामी तीन चार दिन में बच्ची ठीक हो जाएगी। उनकी समस्या है कि बच्ची के ठीक होने पर क्या इसके माता-पिता इसे स्वीकार करेंगे। उसकी दादी बोल गई है कि इस नवजात को वहां छोड़ दो जहां यह पैदा हुई है। पुलिस को इसकी जानकारी दे दी गई है। कुछ समाजसेवी संस्थाओं से भी संपर्क किया गया है। सिविल सर्जन दफ्तर में भी शिकायत की गई है।
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अस्पताल के संचालक डॉ. कुशल सिंह का कहना है कि नवजात की दादी उन्हें बोलकर गई है कि यह बच्ची परिवार को नहीं चाहिए। यह बच भी गई तो वह तरनतारन रोड स्थित उसी अस्पताल की चौखट में छोड़ आएंगी जहां इसने जन्म लिया है। जब तरनतारन रोड पर स्थित अस्पताल की मुखिया डॉ. रंजीत कौर व नवजात के पिता नवदीप से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने बात करने से इंकार कर दिया।
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डॉ. कुशल सिंह ने बताया कि 14 जुलाई को नवजात को लेकर उसकी दादी व पिता अस्पताल आए थे। उस समय बच्ची को पैदा हुए मात्र दो घंटे ही हुए थे। नवजात को सांस लेने में तकलीफ थी। उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। दादी और पिता यह कहकर चले गए कि बच्ची की मां की तबीयत ठीक नहीं है। वे बाद में आते हैं। शहीद ऊधम सिंह नगर में रहने वाले इसके पिता को टेलीफोन कर जब भी अस्पताल में बुलाते हैं वह कुछ पल रुकने के बाद लौट जाता है और बच्ची का हाल तक नहीं पूछता। नवजात को अस्पताल के डॉक्टर व स्टाफ संभाल रहा है। जिस अस्पताल में नवजात पैदा हुई उसके डॉक्टरों ने भी उनसे संपर्क नहीं किया है। डॉ. कुशल के अनुसार नवजात की हालत में काफी सुधार हो रहा है। आगामी तीन चार दिन में बच्ची ठीक हो जाएगी। उनकी समस्या है कि बच्ची के ठीक होने पर क्या इसके माता-पिता इसे स्वीकार करेंगे। उसकी दादी बोल गई है कि इस नवजात को वहां छोड़ दो जहां यह पैदा हुई है। पुलिस को इसकी जानकारी दे दी गई है। कुछ समाजसेवी संस्थाओं से भी संपर्क किया गया है। सिविल सर्जन दफ्तर में भी शिकायत की गई है।
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