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Amritsar News: पंजवड़ भारत में करता रहा हेरोइन और हथियारों की तस्करी
Sat, 06 May 2023 10:46 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
Updated Sat, 06 May 2023 10:46 PM IST
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आईएसआई के इशारे पर पंजाब में दहशत फैलाता रहा आतंकी
पंकज शर्मा
अमृतसर। लाहौर के जौहर आउन में सन फ्लावर सोसाइटी में दो अज्ञात बंदूकधारियों द्वारा मारे गए खालिस्तान कमांडो फोर्स (केसीएफ) के प्रमुख परमजीत सिंह पंजवड़ पंजाब के शांत वातावरण को खराब करने में मुख्य भूमिका थी। वह आईएसआई के इशारों पर पंजाब को दहशत की आग में झुलसाने के लिए लगातार काम करता रहा। वह भारत को हेरोइन व हथियारों की तस्करी भी करता रहा है।
अमृतपाल सिंह को पंजाब में खालिस्तान की आग भड़काने के लिए जहां बब्बर खालसा के यूरोपियन देशों में बैठे समर्थक समर्थन दे रहे थे, वहीं पंजवड़ अपने संगठन के एजेंटों के माध्यम से आईएसआई के इशारों पर दहशत फैलाने का काम कर रहा था। पंजवड़ को खतरनाक खालिस्तानी दहशतगर्द के रूप में जाना जाता था जिसकी जत्थेबंदी केसीएफ ने पंजाब में हिन्दू सिख एकता को तोड़ कर निर्दोषों के कत्लेआम करवाकर पंजाब के शांत माहौल को तहस नहस करने में भूमिका निभाई।
वह पंजाब में ड्रोन के माध्यम से मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी में शामिल था। इस तस्करी से पंजवड़ अपने संगठन केसीएफ की गतिविधियां विश्व के अन्य देशों में रह रहे समर्थकों के माध्यम से भारत के खिलाफ चला रहा था। पंजवड़ की पत्नी का सितंबर 2022 में जर्मनी में निधन हो गया।
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खालिस्तान कमांडो फोर्स (केसीएफ) का स्वयभूं प्रमुख परमजीत सिंह पंजवड़ तीन दशक से भी ज्यादा समय से पाकिस्तान में रह रहा था। पुलिस के पास उसकी एक तस्वीर है जो करीब 40 साल पुरानी है। वर्ष 2020 में भारत सरकार की ओर से जारी की नौ आतंकवादियों की सूची में पंजवड़ का नाम आठवें स्थान पर था। पंजवड़ पाकिस्तान से ड्रोन के जरिये पंजाब में ड्रग्स और हथियारों की तस्करी में शामिल है। संवाद
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पंकज शर्मा
अमृतसर। लाहौर के जौहर आउन में सन फ्लावर सोसाइटी में दो अज्ञात बंदूकधारियों द्वारा मारे गए खालिस्तान कमांडो फोर्स (केसीएफ) के प्रमुख परमजीत सिंह पंजवड़ पंजाब के शांत वातावरण को खराब करने में मुख्य भूमिका थी। वह आईएसआई के इशारों पर पंजाब को दहशत की आग में झुलसाने के लिए लगातार काम करता रहा। वह भारत को हेरोइन व हथियारों की तस्करी भी करता रहा है।
अमृतपाल सिंह को पंजाब में खालिस्तान की आग भड़काने के लिए जहां बब्बर खालसा के यूरोपियन देशों में बैठे समर्थक समर्थन दे रहे थे, वहीं पंजवड़ अपने संगठन के एजेंटों के माध्यम से आईएसआई के इशारों पर दहशत फैलाने का काम कर रहा था। पंजवड़ को खतरनाक खालिस्तानी दहशतगर्द के रूप में जाना जाता था जिसकी जत्थेबंदी केसीएफ ने पंजाब में हिन्दू सिख एकता को तोड़ कर निर्दोषों के कत्लेआम करवाकर पंजाब के शांत माहौल को तहस नहस करने में भूमिका निभाई।
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वह पंजाब में ड्रोन के माध्यम से मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी में शामिल था। इस तस्करी से पंजवड़ अपने संगठन केसीएफ की गतिविधियां विश्व के अन्य देशों में रह रहे समर्थकों के माध्यम से भारत के खिलाफ चला रहा था। पंजवड़ की पत्नी का सितंबर 2022 में जर्मनी में निधन हो गया।
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खालिस्तान कमांडो फोर्स (केसीएफ) का स्वयभूं प्रमुख परमजीत सिंह पंजवड़ तीन दशक से भी ज्यादा समय से पाकिस्तान में रह रहा था। पुलिस के पास उसकी एक तस्वीर है जो करीब 40 साल पुरानी है। वर्ष 2020 में भारत सरकार की ओर से जारी की नौ आतंकवादियों की सूची में पंजवड़ का नाम आठवें स्थान पर था। पंजवड़ पाकिस्तान से ड्रोन के जरिये पंजाब में ड्रग्स और हथियारों की तस्करी में शामिल है। संवाद