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Pahalgam Attack: पासपोर्ट ने सीमा पर दो हिस्सों में बांटे परिवार, शादी के बावजूद अब तक पाक में न मिली नागरिकता
Sat, 26 Apr 2025 03:27 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, अमृतसर
अमर उजाला नेटवर्क, अमृतसर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 26 Apr 2025 03:27 PM IST
सार
पासपोर्ट ने पति-पत्नी की दूरियां बढ़ा दी हैं। बीएसएफ ने कुछ महिलाओं को बॉर्डर पर ही रोक लिया। उन्हें पाकिस्तान जाने की इजाजत नहीं दी गई क्योंकि उनके पास भारतीय पासपोर्ट थे। बरसों पहले पाकिस्तान में शादी हुई थी लेकिन नागरिकता नहीं मिली।
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पति के गले लगकर रोती जाकिया
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
पहलगाम हमले के बाद सरकार की ओर से जारी आदेश के बाद शुक्रवार को भी 191 पाकिस्तानी नागरिक अपने देश लौट गए। 287 भारतीय अटारी के रास्ते अपने देश लौट आए। लेकिन इस दौरान बीएसएफ ने कुछ महिलाओं को बॉर्डर पर ही रोक लिया।
उन्हें पाकिस्तान जाने की इजाजत नहीं दी गई क्योंकि उनके पास भारतीय पासपोर्ट थे। वो पति और बच्चों के साथ मायके आई हुई थीं। हालांकि बीएसएफ ने उनके पति और बच्चों को पाकिस्तान जाने की इजाजत दे दी।
महिलाओं ने कहा कि उनकी शादी पाकिस्तान में हुई है। उनकी नागरिकता का मामला कोर्ट में चल रहा है। बीएसएफ ने कहा कि भारतीय पासपोर्ट वालों को जाने की इजाजत नहीं दे सकते। इस तरह एक पासपोर्ट की वजह से परिवार दो हिस्सों में बंट गए। पत्नी भारत में रह गई और पति व बच्चे पाकिस्तान चले गए।
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शनिजा ने बताया कि 15 साल पहले उसकी शादी कराची में हुई थी। उसके मायके दिल्ली में है और वह अपने माता-पिता से मिलने के लिए आई थी। सरकार के आदेश जारी होने के बाद वह अटारी बाॅर्डर पहुंची तो उसे वापसी की इजाजत नहीं दी जा रही।
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उन्हें पाकिस्तान जाने की इजाजत नहीं दी गई क्योंकि उनके पास भारतीय पासपोर्ट थे। वो पति और बच्चों के साथ मायके आई हुई थीं। हालांकि बीएसएफ ने उनके पति और बच्चों को पाकिस्तान जाने की इजाजत दे दी।
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महिलाओं ने कहा कि उनकी शादी पाकिस्तान में हुई है। उनकी नागरिकता का मामला कोर्ट में चल रहा है। बीएसएफ ने कहा कि भारतीय पासपोर्ट वालों को जाने की इजाजत नहीं दे सकते। इस तरह एक पासपोर्ट की वजह से परिवार दो हिस्सों में बंट गए। पत्नी भारत में रह गई और पति व बच्चे पाकिस्तान चले गए।
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शनिजा ने बताया कि 15 साल पहले उसकी शादी कराची में हुई थी। उसके मायके दिल्ली में है और वह अपने माता-पिता से मिलने के लिए आई थी। सरकार के आदेश जारी होने के बाद वह अटारी बाॅर्डर पहुंची तो उसे वापसी की इजाजत नहीं दी जा रही।
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उसका शौहर वाघा बॉर्डर के पार उसका इंतजार करता रहा लेकिन उसे वापस दिल्ली भेज दिया गया। इसी तरह जोधपुर की रहने वाली अफसीन जहांगीर ने कहा, मेरी शादी कराची में हुई है। मेरे बच्चे पाकिस्तानी नागरिक हैं। उन्हें तो बॉर्डर पार कर जाने दिया गया, लेकिन मुझे रोक दिया गया।
'गुजारिश है कि हमें पाकिस्तान जाने दिया जाए'
इसी तरह जाकिया फिरदौस और पाकिस्तानी नागरिक साहिबजादा मुनादी अहमद भी बॉर्डर पर अलग हो गए क्योंकि जाकिया का पासपोर्ट भी भारत का है। उसकी भी शादी पाकिस्तान में हुई है। अरूदा ने कहा कि वापसी का टिकट होने के बावजूद उन्हें नहीं जाने दिया गया। बॉर्डर पर उनसे ढंग से बात भी नहीं की जा रही। वो अपने परिवार के पास लौटना चाहती हैं। हमारी हुकूमत से गुजारिश है कि हमें पाकिस्तान जाने दिया जाए।
यह भी पढ़ें: Pahalgam Attack: जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती गांवों में तनाव, सुरक्षा एजेंसियां हाईअलर्ट पर; बंकर ठीक कर रहे लोग
इसी तरह जाकिया फिरदौस और पाकिस्तानी नागरिक साहिबजादा मुनादी अहमद भी बॉर्डर पर अलग हो गए क्योंकि जाकिया का पासपोर्ट भी भारत का है। उसकी भी शादी पाकिस्तान में हुई है। अरूदा ने कहा कि वापसी का टिकट होने के बावजूद उन्हें नहीं जाने दिया गया। बॉर्डर पर उनसे ढंग से बात भी नहीं की जा रही। वो अपने परिवार के पास लौटना चाहती हैं। हमारी हुकूमत से गुजारिश है कि हमें पाकिस्तान जाने दिया जाए।
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