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मुंह के कैंसर को किया जा सकता है खत्म : डॉ. जीके राथ
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट के मुखी व पूर्व प्रिंसिपल रेडिएशन ऑन्कोलॉजी डॉ. जीके राथ ने कहा कि तंबाकू चबाने से होने वाले मुंह के कैंसर का इलाज किया जा सकता है। मुंह के इस कैंसर को मौजूद सेहत विज्ञान से खत्म किया जा सकता है। डॉ. राथ विश्व सिर और गर्दन के कैंसर दिवस के अवसर पर श्री गुरु राम दास स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने भारत में मुंह के कैंसर के लिए दृष्टिकोण और लोगों के जीवन पर तंबाकू का कहर बरपा रहा है, पर प्रकाश डालने हुए कहा कि यह कैंसर भारत में काफी फैल चुका है। मुंह का कैंसर पुरुषों में सबसे आम कैंसर है और महिलाओं में चौथा सबसे आम कैंसर है। इस कैंसर का जल्द पता लगाकर इलाज किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान सिर और गर्दन के कैंसर के बारे में आम जनता में जागरूकता लाने के लिए आह्वान किया गया।
ख्याति प्राप्त सर्जन डॉ. मणि ए. कुरियाकोस ने इस दौरान कहा कि सिर और गर्दन का कैंसर भारत में युवाओं पर सबसे ज्यादा स्वास्थ्य और आर्थिक बोझ डाल रहा है। युवा इस गंभीर बीमारी का शिकार होकर अपनी जिंदगी के सबसे अहम पल गंवा रहे हैं। अगर हम पश्चिमी आबादी से तुलना करें तो वहां बुढ़ापे में कैंसर लोगों को अपना शिकार बना रहा है, जबकि भारत के युवाओं में तंबाकू के मामले पिछले एक-दो दशकों से बढ़ते ही जा रहे हैं।
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श्री गुरु रामदास स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के डीन डॉ. एपी सिंह ने कहा कि मुंह व सिर के कैंसर के कई गंभीर मरीजों का सफलता से इलाज हो चुका है। उन्होंने आह्वान किया कि डॉक्टर नागरिकों को कैंसर देखभाल के संबंध में हमेशा नवीनतम और सर्वोत्तम सेवाएं प्रदान करते हुए जागृत करें।
इस अवसर पर डॉ. दलजीत सिंह, कुलपति, श्री गुरु रामदास स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, डॉ. मंजीत सिंह उप्पल, प्राचार्य डॉ. जैसा सूद, प्रोफेसर और मुख्य ईएनटी डॉ. अमनदीप सिंह ने भी विचार पेश किए।
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अमृतसर। नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट के मुखी व पूर्व प्रिंसिपल रेडिएशन ऑन्कोलॉजी डॉ. जीके राथ ने कहा कि तंबाकू चबाने से होने वाले मुंह के कैंसर का इलाज किया जा सकता है। मुंह के इस कैंसर को मौजूद सेहत विज्ञान से खत्म किया जा सकता है। डॉ. राथ विश्व सिर और गर्दन के कैंसर दिवस के अवसर पर श्री गुरु राम दास स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने भारत में मुंह के कैंसर के लिए दृष्टिकोण और लोगों के जीवन पर तंबाकू का कहर बरपा रहा है, पर प्रकाश डालने हुए कहा कि यह कैंसर भारत में काफी फैल चुका है। मुंह का कैंसर पुरुषों में सबसे आम कैंसर है और महिलाओं में चौथा सबसे आम कैंसर है। इस कैंसर का जल्द पता लगाकर इलाज किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान सिर और गर्दन के कैंसर के बारे में आम जनता में जागरूकता लाने के लिए आह्वान किया गया।
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ख्याति प्राप्त सर्जन डॉ. मणि ए. कुरियाकोस ने इस दौरान कहा कि सिर और गर्दन का कैंसर भारत में युवाओं पर सबसे ज्यादा स्वास्थ्य और आर्थिक बोझ डाल रहा है। युवा इस गंभीर बीमारी का शिकार होकर अपनी जिंदगी के सबसे अहम पल गंवा रहे हैं। अगर हम पश्चिमी आबादी से तुलना करें तो वहां बुढ़ापे में कैंसर लोगों को अपना शिकार बना रहा है, जबकि भारत के युवाओं में तंबाकू के मामले पिछले एक-दो दशकों से बढ़ते ही जा रहे हैं।
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श्री गुरु रामदास स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के डीन डॉ. एपी सिंह ने कहा कि मुंह व सिर के कैंसर के कई गंभीर मरीजों का सफलता से इलाज हो चुका है। उन्होंने आह्वान किया कि डॉक्टर नागरिकों को कैंसर देखभाल के संबंध में हमेशा नवीनतम और सर्वोत्तम सेवाएं प्रदान करते हुए जागृत करें।
इस अवसर पर डॉ. दलजीत सिंह, कुलपति, श्री गुरु रामदास स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, डॉ. मंजीत सिंह उप्पल, प्राचार्य डॉ. जैसा सूद, प्रोफेसर और मुख्य ईएनटी डॉ. अमनदीप सिंह ने भी विचार पेश किए।