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सरबत खालसा बुलाने की जरूरत नहीं : ज्ञानी गुरबचन
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर
Updated Fri, 06 Nov 2015 04:30 PM IST
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श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कुछ संगठनों द्वारा सरबत खालसा बुलाने को गैर जरूरी बताया है।
उन्होंने कहा है कि बेअदबी के मामले कौम के लिए इतना बड़ा संकट नहीं है कि सरबत खालसा बुलाने की जरूरत पड़े। इन संगठनों ने दस नवंबर को सरबत खालसा बुलाया है। ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि सिख कौम किसी भी कीमत पर इस तरह सरबत खालसा बुलाए जाने को स्वीकार नहीं करेगी।
ये लोग किसी के हाथों में खेल रहे हैं। जत्थेदार ने कहा कि बेअदबी की जो घटनाएं हो रही हैं उनको रोकने के लिए सरकारों को सख्त कदम उठाने चाहिए। वहीं सरकार को इस बारे में सख्त कानून भी बनाने चाहिए। वहीं पंज प्यारों की ओर से उनको श्री अकाल तख्त साहिब पर तलब किए जाने और पांचों तख्तों के जत्थेदारों के त्यागपत्र लेने संबंधी जारी गुरमतों के सवाल पर जत्थेदार ने कोई जवाब नहीं दिया।
सरबत खालसा बुलाने की एक विधि है। सिर्फ श्री अकाल तख्त साहिब से ही इसे बुलाया जा सकता है। वह भी तब जब सिख कौम के सामने बहुत बड़ा संकट हो। इस वक्त कोई भी ऐसा मामला नहीं है, जिसको मुख्य रख सरबत खालसा बुलाया जाए।
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ज्ञानी गुरबचन सिंह, जत्थेदार, श्री अकाल तख्त साहिब
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उन्होंने कहा है कि बेअदबी के मामले कौम के लिए इतना बड़ा संकट नहीं है कि सरबत खालसा बुलाने की जरूरत पड़े। इन संगठनों ने दस नवंबर को सरबत खालसा बुलाया है। ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि सिख कौम किसी भी कीमत पर इस तरह सरबत खालसा बुलाए जाने को स्वीकार नहीं करेगी।
ये लोग किसी के हाथों में खेल रहे हैं। जत्थेदार ने कहा कि बेअदबी की जो घटनाएं हो रही हैं उनको रोकने के लिए सरकारों को सख्त कदम उठाने चाहिए। वहीं सरकार को इस बारे में सख्त कानून भी बनाने चाहिए। वहीं पंज प्यारों की ओर से उनको श्री अकाल तख्त साहिब पर तलब किए जाने और पांचों तख्तों के जत्थेदारों के त्यागपत्र लेने संबंधी जारी गुरमतों के सवाल पर जत्थेदार ने कोई जवाब नहीं दिया।
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सरबत खालसा बुलाने की एक विधि है। सिर्फ श्री अकाल तख्त साहिब से ही इसे बुलाया जा सकता है। वह भी तब जब सिख कौम के सामने बहुत बड़ा संकट हो। इस वक्त कोई भी ऐसा मामला नहीं है, जिसको मुख्य रख सरबत खालसा बुलाया जाए।
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ज्ञानी गुरबचन सिंह, जत्थेदार, श्री अकाल तख्त साहिब