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आइईडी के साथ पकड़े गए जोबनजीत के घर एनआईए की दबिश, अधिकारियों ने भारत-पाक सीमांत गांव अवान वसाऊ के साथ-साथ गुज्जरपुरा और खानोवाल में भी जांच की

Tue, 10 May 2022 11:33 PM IST
Punjab Bureau पंजाब ब्‍यूरो
Updated Tue, 10 May 2022 11:33 PM IST
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NIA knock at Jobanjit's house caught with IED case
अमृतसर। आईईडी और डेढ़ किलो आरडीएक्स के साथ पकड़े गए मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने भारत-पाक सीमांत गांव अव्वान वसाऊ में दबिश दी। मामले में फरार चल रहे आरोपी जोबनजीत सिंह का गांव अंतरराष्ट्रीय बार्डर से मात्र ढाई किलोमीटर दूर है। आईएनए के अधिकारी जोबनजीत के गांव में जांच के बाद गुज्जरपुरा और खानोवाल में भी पहुंचे और जांच की। एनआईए अधिकारियों को जांच के दौरान आरोपी जोबनजीत के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ संबंधों के कुछ सबूत हाथ लगने की बात सामने आई है।
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एनआईए की इस टीम के साथ तरनतारन पुलिस, स्टेट स्पेशल आपरेशन सेल (एसएसओसी) के अधिकारियों ने भी जांच की। आशंका है कि कुछ दिन पहले पुलिस द्वारा पकड़ी गई आईईडी को ड्रोन के जरिये भारतीय क्षेत्र में गिराया गया था। सूत्रों के मुताबिक बहुत जल्द मामले की जांच एनआईए के पास आने वाली है। एक पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि एनआईए के अधिकारी आज अवान वसाऊ, खानोवाल और गुज्जरपुरा में करीब तीन घंटे तक रहे। हालांकि मामले में आरोपी जोबनजीत सिंह, गुज्जरपुरा के बलजिंदर सिंह उर्फ बिंदू और खानोवाल गांव के जगतार सिंह उर्फ जगा की गिरफ्तारी के बाद से उनके परिवार अंडरग्राउंड हो गए हैं।
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एनआईए के अधिकारियों ने जब गांव अवान वसाऊ में कुछ लोगों से जोबनजीत सिंह के बारे में जानकारी लेनी चाहिए तो कोई भी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं दिखा। जोबनजीत पर पहले से ही नशा तस्करी के केस दर्ज दर्ज हैं और अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर रखा है। पुलिस के डर से जोबनजीत अपने घर नहीं आता। आईईडी ठिकाने लगाने के लिए जोबनजीत ने ही बलजिंदर सिंह बिंदू और जगतार सिंह जग्गा को तीस लाख रुपये का लालच देकर अपने साथ मिलाया था। उन्हें कहा गया था कि आईईडी सुरक्षित ठिकाने लगाने पर राशि उन्हें मिल जाएगी। दूसरी तरफ मोहाली में हुए हमले के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी पता लगाने में जुटी है कि आतंकियों का अगला निशाना क्या है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि जोबनजीत सिंह पंजाब या विदेश के किस आतंकी संगठन के इशारे पर काम कर रहा था।
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