{"_id":"61d474a46702da3e746c6b63","slug":"navjot-singh-sidhu-first-weighed-then-said-prof-laxmikanta-chawla-amritsar-news-pkl438259690","type":"story","status":"publish","title_hn":"नवजोत सिंह सिद्धू पहले तोले फिर बोले - प्रो. लक्ष्मीकांता चावला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नवजोत सिंह सिद्धू पहले तोले फिर बोले - प्रो. लक्ष्मीकांता चावला
विज्ञापन
अमृतसर। पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रो. लक्ष्मीकांता चावला ने पीपीसीसी के प्रदेश प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जनता के पैसे से मुफ्त में बांटने की घोषणाएं करना पंजाब की जनता से अन्याय है। सिद्धू को बोलने से पहले अपने शब्दों को अवश्य तोल लेना चाहिए। उन्होंने यह प्रतिक्रिया सिद्धू के चुनावी स्टंट महिलाओं को दो-दो हजार रुपये और मुफ्त 8-8 सिलिंडर देने के बयान के बाद कही।
प्रो. चावला ने कहा कि वैसे तो सरकार अब भी पंजाब में कांग्रेस की है। कुछ बांटना है तो अभी बांटो। वैसे जनता के पैसे से मुफ्त में बांटने की घोषणाएं उनके साथ अन्याय हैं। जिनके टैक्स से सरकारें चलती हैं। नवजोत सिंह सिद्धू और बहुत से मंत्रियों के पास करोड़ों अरबों रुपये हैं। वे अपनी कमाई से कुछ बांटना चाहें तो चुनाव संहिता लागू होने से पहले उन्हें कोई रोक नहीं। लंगर लगाएं, हर महिला को एक एक गैस सिलिंडर देते जाएं और उसके साथ ही सर्दियों के कपड़े बनाने के लिए 2000, 5000 जो भी देना चाहें दे दें। उन्होंने कहा कि वैसे यह लोकतंत्र का मजाक है। नेता रुपये, आटा, शराब, मोबाइल फोन आदि देकर लोगों के वोट खरीदना चाहते हैं। दुर्भाग्य से चुनाव आयोग भी इस पर खामोश है। वैसे देश की जनता को अब यह घोषणा कर देनी चाहिए कि उनका वोट, उनका मतदान बिकाऊ नहीं। वे उसे वोट देंगे जो उनके हित में पांच वर्ष काम करेगा।
अधिकतर नेता मौसमी बटेरे बनकर चुनावों के निकट ही कुछ भी बोलते हैं। उसके बाद बड़े-बड़े बंगलों और सरकारी सुरक्षा में बंद हो जाते हैं। मतदान किया जाता है, बेचा नहीं जाता। उन नेताओं को नकार दें जो चुनाव बाद देने की घोषणा करते हैं। उनको जो देना है आज ही जनता के सामने रख दें। वैसे सिद्धू बार बार भूल जाते हैं कि उनकी सरकार है जनता को जो देना है अभी दे दें, क्योंकि अगली सरकार तो उनकी पार्टी की बनने वाली नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रो. चावला ने कहा कि वैसे तो सरकार अब भी पंजाब में कांग्रेस की है। कुछ बांटना है तो अभी बांटो। वैसे जनता के पैसे से मुफ्त में बांटने की घोषणाएं उनके साथ अन्याय हैं। जिनके टैक्स से सरकारें चलती हैं। नवजोत सिंह सिद्धू और बहुत से मंत्रियों के पास करोड़ों अरबों रुपये हैं। वे अपनी कमाई से कुछ बांटना चाहें तो चुनाव संहिता लागू होने से पहले उन्हें कोई रोक नहीं। लंगर लगाएं, हर महिला को एक एक गैस सिलिंडर देते जाएं और उसके साथ ही सर्दियों के कपड़े बनाने के लिए 2000, 5000 जो भी देना चाहें दे दें। उन्होंने कहा कि वैसे यह लोकतंत्र का मजाक है। नेता रुपये, आटा, शराब, मोबाइल फोन आदि देकर लोगों के वोट खरीदना चाहते हैं। दुर्भाग्य से चुनाव आयोग भी इस पर खामोश है। वैसे देश की जनता को अब यह घोषणा कर देनी चाहिए कि उनका वोट, उनका मतदान बिकाऊ नहीं। वे उसे वोट देंगे जो उनके हित में पांच वर्ष काम करेगा।
विज्ञापन
अधिकतर नेता मौसमी बटेरे बनकर चुनावों के निकट ही कुछ भी बोलते हैं। उसके बाद बड़े-बड़े बंगलों और सरकारी सुरक्षा में बंद हो जाते हैं। मतदान किया जाता है, बेचा नहीं जाता। उन नेताओं को नकार दें जो चुनाव बाद देने की घोषणा करते हैं। उनको जो देना है आज ही जनता के सामने रख दें। वैसे सिद्धू बार बार भूल जाते हैं कि उनकी सरकार है जनता को जो देना है अभी दे दें, क्योंकि अगली सरकार तो उनकी पार्टी की बनने वाली नहीं।
विज्ञापन