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सिख समुदाय की सर्वोच्च संस्थाओं में आपसी मतभेद समुदाय के हित में नहीं: एडवोकेट धामी

Thu, 22 May 2025 06:24 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 22 May 2025 06:24 PM IST
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Mutual differences in the supreme bodies of the Sikh community are not in the interest of the community: Advocate Dhami
संवाद न्यूज एजेंसी
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अमृतसर।

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरिजंदर सिंह धामी ने कहा है कि सिख पंथ में तख्त साहिबों की ऐतिहासिक और सैद्धांतिक महानता अपार है, जिसके मद्देनजर उनका सम्मान बनाए रखना पंथ की महान जिम्मेदारी है। धामी ने कहा कि बुधवार को श्री अकाल तख्त साहिब से पांच सिंह साहिबान की ओर से लिए गए फैसलों के बाद तख्त श्री पटना साहिब के पांच प्यारों के आदेश से कौम में अच्छा संदेश नहीं गया है।
धामी ने कहा कि पंथक संगठनों और पंथक मुद्दों को गंभीरता के साथ सुलझाया जाना चाहिए। इसलिए आपसी बातचीत ही सबसे अच्छा रास्ता है। पूरा सिख जगत, समुदाय की संस्थाओं और तख्त साहिबों से प्रेरणा लेता है, लेकिन इस तरह के विरोधाभासी माहौल ने समुदाय के भीतर दुविधा पैदा कर दी है। वर्तमान समय पंथ के लिए बहुत गंभीर और चुनौतीपूर्ण है, जिसे देखते हुए सिख संगठनों को एकजुटता के साथ आगे बढ़ना होगा। वह शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष के रूप में सिख पंथ के एक हिस्से के रूप में संस्थागत और व्यक्तिगत रूप से प्रयास करेंगे कि यह मुद्दा जल्द ही हल हो जाए।
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तख्त श्री पटना साहिब के ग्रंथी सिंहों का फैसला पंथक एकता को नुकसान पहुंचाने वाला: पांच प्यारे
वहीं, पांच प्यारों की बैठक में कहा गया कि मीरी पीरी के मालिक श्री गुरु हरिगोबिंद साहिब जी ने जब से श्री अकाल तख्त साहिब की स्थापना की है, यह सिख जगत में सर्वोच्च है। सारा सिख जगत अपने मसले श्री अकाल तख्त साहिब में लेकर आता है। श्री अकाल तख्त साहिब से हुए फैसले को सारी नानक नाम लेवा संगत स्वीकार करती है। तख्त श्री पटना साहिब के ग्रंथी सिंहों की ओर से 21 मई को जो फैसला किया गया है, वह पंथक एकता को नुकसान पहुंचाने वाला है। यह सिख कौम की छवि खराब करने वाला है। बैठक में भाई सुखदेव सिंह, भाई कुलवंत सिंह, सुखविंदर सिंह, रछपाल सिंह व संदीप सिंह पांच प्यारे शामिल हुए।
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