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जीएनडीएच में एमआरआई मशीन ने खींचा ऑक्सीजन सिलिंडर, धमाका

Thu, 05 Nov 2020 07:05 PM IST
Punjab Bureau पंजाब ब्‍यूरो
Updated Thu, 05 Nov 2020 07:05 PM IST
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MRI machine pulled oxygen cylinder, exploded in collision
अमृतसर। गुरुनानक देव अस्पताल स्थित रेडियोलॉजी विभाग में वीरवार को सुबह एमआरआई मशीन टेस्ला 1.5 ने चुबंकीय शक्ति से आक्सीजन सिलिंडर को अपनी ओर खींच लिया। इसके बाद तेज गति से सिलिंडर सीधे एमआरआई मशीन से जा टकराया। जोरदार धमाके की आवाज के साथ मशीन क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में डाक्टर व मरीज बाल-बाल बचे।
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वीरवार को एक मरीज का एमआरआई करवाने के लिए दर्जा चार का कर्मचारी उसे स्ट्रेचर पर एमआरआई कक्ष में लाया। मरीज आक्सीजन स्पोर्ट पर था। दर्जा चार कर्मचारी ने एमआरआई कक्ष के बाहर सर्वप्रथम आक्सीजन से भरे सिलिंडर को दरवाजे के पास रख दिया। इसके बाद वह मरीज को अंदर ले जाने लगा। इसी बीच अचानक आक्सीजन सिलिंडर अपने आप ही तीव्र गति से एमआरआई मशीन की तरफ चला गया और मशीन से जा टकराया। इस दौरान जोरदार धमाके की आवाज आई। यह देख डाक्टर व तकनीकी स्टाफ बाहर की तरफ भागे। आनन-फानन में सभी को बाहर निकाला गया।
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दरअसल, एमआरआई यानी मैग्नेटिक रेसोनेंस इमेजिंग स्केन मशीन शक्तिशाली चुंबकों से लैस होती है। चुंबक से रेडियो तरंगें निकलती हैं, जिससे शरीर के अंदरूनी अंगों का डायग्राम तैयार होता है। एमआरआई रेडिएशन के बजाय मैग्नेटिक फील्ड पर काम करता है, इसलिए यह सीटी स्कैन व एक्सरे से अलग होता है। इसीलिए स्कैन से पहले मरीज की बेल्ट, हेयर पिन, कड़ा, आभूषण सहित लोहे की हर वस्तु उतरवाई जाती है।
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पांच से सात फुट दूर से लोहे की वस्तु को खींच सकती है मशीन : डॉ. अत्री
गुरुनानक देव अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डा. जेपी अत्री ने कहा कि जिस मरीज को लाया गया था, वह काफी सीरियस था। शुक्र है सभी सकुशल हैं। मशीन डैमेज हुई है। इंजीनियर को बुलाकर इसे ठीक करवाया जाएगा। डा. अत्री ने कहा कि रेडियोलॉजी विभाग के टेक्नीशियन को मालूम था कि एमआरआई मशीन पांच से सात फुट दूर से लोहे की वस्तु को खींच सकती है तो फिर उन्होंने आक्सीजन सिलिंडर को निर्धारित दूरी तक आने ही क्यों दिया। शुक्र है सिलिंडर ब्लास्ट नहीं हुआ। मशीन का काफी नुकसान हुआ है। मामले की जांच की जा रही है।
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