{"_id":"612526e68ebc3e7a0c017fcb","slug":"kafila-e-meer-delegation-meets-sgpc-head-amritsar-news-pkl4244715114","type":"story","status":"publish","title_hn":"काफिला-ए-मीर के शिष्टमंडल ने एसजीपीसी प्रधान से की मुलाकात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
काफिला-ए-मीर के शिष्टमंडल ने एसजीपीसी प्रधान से की मुलाकात
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब के दर्शन दीदार करने पहुंचे काफिला-ए-मीर आल इंडिया (रजि.) पंजाब के शिष्टमंडल ने मंगलवार को एसजीपीसी प्रधान बीबी जागीर कौर के साथ मुलाकात की। इस शिष्टमंडल, जिसमें कई प्रसिद्ध गायक शामिल थे, ने शिरोमणि कमेटी की प्रधान को भाई मरदाना जी की याद में संगीत अकादमी खोले जाने संबंधी मांग पत्र दिया।
एसजीपीसी प्रधान बीबी जागीर कौर ने कहा कि भाई मरदाना जी गुरु घर के पहले रबाबी कीर्तनिए थे, जिन्हें लंबा समय श्री गुरु नानक देव जी की संगत करने का सौभाग्य मिला। उन्होंने कहा कि भाई मरदाना जी का सिख इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान है। गुरुद्वारा बेर साहिब, सुल्तानपुर लोधी में पहले पातशाह श्री गुरु नानक देव जी के 550वें साला प्रकाश पर्व के मौके पर समागमों की शुरुआत भाई मरदाना जी की याद में बने गुरुद्वारा श्री रबाबसर साहिब से विशेष नगर कीर्तन के साथ की गई थी। इसमें तंती साजों के साथ 550 रागी सिंगों ने शमूलियत की थी।
उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा श्री बेर साहिब सुल्तानपुर लोधी में पहले ही भाई मरदाना जी की याद में हाल का निर्माण करवाया गया है। उन्होंने इस शिष्टमंडल को भरोसा दिया कि उनकी ओर से रखी गई मांग के मुताबिक शिरोमणि कमेटी भाई मरदाना जी की याद में उचित जगह पर संगीत अकादमी खोलेगी, जिसमें विद्यार्थियों को तंती साजों (म्युजिकल इंस्ट्रूमेंट) की शिक्षा दी जाएगी।
विज्ञापन
बीबी जागीर कौर ने कहा कि शिरोमणि कमेटी की ओर से पहले ही सभी स्कूलों में बच्चों को धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ संगीत की विद्या भी दी जा रही है। अगर भाई मरदाना जी के वारिसों में से बहुत अच्छी रबाब बजाने वाले अध्यापक मिलते हैं, तो उन्हें जरूर विशेष स्थान दिया जाएगा। इस अवसर पर काफिला-ए-मीर आल इंडिया के चेयरमैन बूटा मुहम्मद, प्रधान अली मतोई, वाइस चेयरमैन कमल खान व अन्य पदाधिकारियों ने एसजीपीसी बीबी जागीर कौर का धन्यवाद किया।
विज्ञापन
एसजीपीसी प्रधान बीबी जागीर कौर ने कहा कि भाई मरदाना जी गुरु घर के पहले रबाबी कीर्तनिए थे, जिन्हें लंबा समय श्री गुरु नानक देव जी की संगत करने का सौभाग्य मिला। उन्होंने कहा कि भाई मरदाना जी का सिख इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान है। गुरुद्वारा बेर साहिब, सुल्तानपुर लोधी में पहले पातशाह श्री गुरु नानक देव जी के 550वें साला प्रकाश पर्व के मौके पर समागमों की शुरुआत भाई मरदाना जी की याद में बने गुरुद्वारा श्री रबाबसर साहिब से विशेष नगर कीर्तन के साथ की गई थी। इसमें तंती साजों के साथ 550 रागी सिंगों ने शमूलियत की थी।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा श्री बेर साहिब सुल्तानपुर लोधी में पहले ही भाई मरदाना जी की याद में हाल का निर्माण करवाया गया है। उन्होंने इस शिष्टमंडल को भरोसा दिया कि उनकी ओर से रखी गई मांग के मुताबिक शिरोमणि कमेटी भाई मरदाना जी की याद में उचित जगह पर संगीत अकादमी खोलेगी, जिसमें विद्यार्थियों को तंती साजों (म्युजिकल इंस्ट्रूमेंट) की शिक्षा दी जाएगी।
विज्ञापन
बीबी जागीर कौर ने कहा कि शिरोमणि कमेटी की ओर से पहले ही सभी स्कूलों में बच्चों को धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ संगीत की विद्या भी दी जा रही है। अगर भाई मरदाना जी के वारिसों में से बहुत अच्छी रबाब बजाने वाले अध्यापक मिलते हैं, तो उन्हें जरूर विशेष स्थान दिया जाएगा। इस अवसर पर काफिला-ए-मीर आल इंडिया के चेयरमैन बूटा मुहम्मद, प्रधान अली मतोई, वाइस चेयरमैन कमल खान व अन्य पदाधिकारियों ने एसजीपीसी बीबी जागीर कौर का धन्यवाद किया।