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जौड़ा फाटक हादसाः प्रदेश सरकार ने निगम के दो अधिकारियों की तरक्की रोकी, दो रिटायर अधिकारियों की पेंशन से की जाएगी पांच फीसदी की कटौती

Tue, 23 Feb 2021 11:05 PM IST
Punjab Bureau पंजाब ब्‍यूरो
Updated Tue, 23 Feb 2021 11:05 PM IST
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Jowda Gate accident state government stopped promotion two officers corporation pension retired officers reduced five percent
अमृतसर। जिले के अति व्यस्त जौड़ा फाटक पर अक्तूबर 2018 में आयोजित दशहरा कार्यक्रम के दौरान हुए रेल हादसे में प्रदेश सरकार ने नगर निगम के इस्टेट अधिकारी सुशांत भाटिया व सुपरिंटेंडेंट पुष्पिंदर सिंह समेत चार लोगों पर शिकंजा कसा है। प्रदेश सरकार के सचिव अजोय कुमार सिन्हा ने आदेश जारी कर निगम के इन अधिकारियों की तरक्की रोक दी है। जो निगम अधिकारी सेवामुक्त हुए हैं उनकी पेंशन राशि से पांच फीसदी की कटौती करने के आदेश जारी किए गए हैं। एक निगम अधिकारी कश्मीर सिंह पर आरोप साबित न होने के कारण उसके विरुद्ध जारी की चार्जशीट पर रोक लगाने के आदेश दिए गए हैं। जिनकी तरक्की रोकी गई है उनमें निगम के इस्टेट विभाग में तैनात अधिकारी सुशांत भाटिया व सुपरिंटेंडेंट शामिल हैं। सेवा मुक्त इंस्पेक्टर गिरीश शर्मा व केवल किशन की पेंशन राशि में दो वर्ष के लिए पांच फीसदी की कटौती की गई है।
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दशहरा कमेटी के साथ सात सदस्यों का चालान अदालत में हुआ था पेश
गौरतलब है कि जीआरपी ने पूर्व स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के नजदीकी मिट्ठू मदान समेत दशहरा कमेटी के 7 सदस्यों के खिलाफ कोर्ट में 11 जुलाई 2020 को अदालत में चालान पेश किया था। जीआरपी ने अपनी जांच में दशहरा कमेटी के प्रधान व कांग्रेस नेता सौरव मदान उर्फ मिट्ठू मदान, कमेटी के महासचिव राहुल कल्याण, कैशियर दीपक कुमार, सचिव करण भंडारी, सचिव काबल सिंह, प्रेस सचिव दीपक गुप्ता और कार्यकारी सदस्य भूपिंदर सिंह को आरोपी बनाया था।
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पंजाब सरकार की जांच में निगम के अधिकारियों पर तय हुए थे आरोप
पंजाब सरकार ने रिटायर्ड जज अमरजीत सिंह कटारी को इस हादसे की जांच की जिम्मेदारी सौंपी थी। 21 महीने की जांच के बाद जारी इस रिपोर्ट में नगर निगम के चार अधिकारियों को आरोपी बताया गया था। रिपोर्ट में निगम के तत्कालीन सचिव सुशांत भाटिया, इंस्पेक्टर पुष्पिंदर सिंह, रिटायर हो चुके इंस्पेक्टर केवल सिंह और गिरीश कुमार को आरोपी बनाते हुए कड़ी सजा देने की सिफारिश की गई थी। कटारी ने इन सभी आरोपियों से 15 दिन में अपना स्पष्टीकरण सरकार को देने के लिए कहा था। इन सभी ने अपने जवाब जांच कमेटी को भेज दिए थे।
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