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धन-धन गुरुनानक देव जी के जयकारों से गूंजा बटाला
ब्यूरो, अमर उजाला/अमृतसर
Updated Thu, 08 Sep 2016 10:10 PM IST
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बटाला में बाबे के ब्याह पर्व पर निकाले गए नगर कीर्तन के दौरान पालकी साहिब में सुशोभित श्री गुरू ग्रंथ साहिब के आगे नत्मस्तक होते लोग।
- फोटो : amarujala
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विश्व प्रसिद्ध 529वें बाबे के विवाह पर्व पर विशाल खालसाई नगर कीर्तन निकाला गया। वीरवार को सबसे पहले पिछले तीन दिनों से गुरुद्वारों में चल रहे अखंड पाठ साहिब का भोग डाला गया।
इसके बाद पंज प्यारों की अगुवाई में श्री ग्रंथ साहिब को पालकी साहिब में सुशोभित करके गुरुद्वारा डेहरा साहिब से नगर कीर्तन की शुरुआत की गई। इस दौरान पूर्व मंत्री जत्थेदार सुच्चा सिंह लंगाह, सेवा सिंह सेखवां, विवाह पर्व के मुख्य प्रबंधक व एसजीपीसी सदस्य गुरिंदरपाल सिंह गोरा, गुरुद्वारा कंध साहिब के मैनेजर गुरतिंदरपाल सिंह भाटिया, मास्टर जोगिंदर सिंह अचलीगेट, गुरुद्वारा डेहरा साहिब के मैनेजर कुलवंत सिंह जफरवाल मौजूद थे।
नगर कीर्तन के दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी के आगे-आगे श्रद्धालुओं का सफाई सेवक जत्था रास्ते की सफाई कर रहा था। नगर कीर्तन के दौरान दो हेलिकॉप्टरों से फूलों की वर्षा की जा रही थी। निहंग सिंहों और गतका पार्टी ने खालसाई युद्ध कौशल का बड़े ही रोचक तरीके से प्रदर्शन किया। नगर कीर्तन के दौरान पालकी साहिब में सुशोभित श्री गुरु ग्रंथ साहिब को माथा टेककर हजारों की संख्या में संगत ने प्रसाद ग्रहण किया।
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ट्रालियों में बैठी महिला संगत गुरु जी के शबद गायन कर रही थी। पूरा शहर लोगों से खचाखच भरा हुआ था। जगह-जगह लंगर और ठंडे मीठे जल की छबीलें लगी हुई थी। सड़कों पर ही लगे धामक दीवानों पर रागी जत्थे गुरु की वाणी का बखान कर रहे थे। नगर कीर्तन के दौरान आतिशबाजी आकर्षण का केंद्र थी। बैंड की धुनें वातावरण को मंत्रमुुग्ध कर रही थी।
नगर कीर्तन के दौरान सुरक्षा के भी कड़े प्रबंध किए गए थेे। बटाला के सभी गुरुद्वारों में शबद कीर्तन का प्रवाह चल रहा था और गुरुद्वारों को बढ़िया ढंग से सजाया गया था। नगर कीर्तन के स्वागत के लिए जगह-जगह पर स्वागती गेट भी लगे हुए थे। नगर कीर्तन गुरुद्वारा डेहरा साहिब से कादी हट्टी, सरकुलर रोड, समाधि रोड, सुरजीत सिंह चौक, सुखा सिंह मेहताब सिंह चौक, शास्त्री नगर, काहनूवान रोड, पुलिस लाइन रोड, जीटी रोड, सिंबल चौक से होता हुआ गुरुद्वारा डेहरा साहिब में संपन्न हुआ।
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इसके बाद पंज प्यारों की अगुवाई में श्री ग्रंथ साहिब को पालकी साहिब में सुशोभित करके गुरुद्वारा डेहरा साहिब से नगर कीर्तन की शुरुआत की गई। इस दौरान पूर्व मंत्री जत्थेदार सुच्चा सिंह लंगाह, सेवा सिंह सेखवां, विवाह पर्व के मुख्य प्रबंधक व एसजीपीसी सदस्य गुरिंदरपाल सिंह गोरा, गुरुद्वारा कंध साहिब के मैनेजर गुरतिंदरपाल सिंह भाटिया, मास्टर जोगिंदर सिंह अचलीगेट, गुरुद्वारा डेहरा साहिब के मैनेजर कुलवंत सिंह जफरवाल मौजूद थे।
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नगर कीर्तन के दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी के आगे-आगे श्रद्धालुओं का सफाई सेवक जत्था रास्ते की सफाई कर रहा था। नगर कीर्तन के दौरान दो हेलिकॉप्टरों से फूलों की वर्षा की जा रही थी। निहंग सिंहों और गतका पार्टी ने खालसाई युद्ध कौशल का बड़े ही रोचक तरीके से प्रदर्शन किया। नगर कीर्तन के दौरान पालकी साहिब में सुशोभित श्री गुरु ग्रंथ साहिब को माथा टेककर हजारों की संख्या में संगत ने प्रसाद ग्रहण किया।
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ट्रालियों में बैठी महिला संगत गुरु जी के शबद गायन कर रही थी। पूरा शहर लोगों से खचाखच भरा हुआ था। जगह-जगह लंगर और ठंडे मीठे जल की छबीलें लगी हुई थी। सड़कों पर ही लगे धामक दीवानों पर रागी जत्थे गुरु की वाणी का बखान कर रहे थे। नगर कीर्तन के दौरान आतिशबाजी आकर्षण का केंद्र थी। बैंड की धुनें वातावरण को मंत्रमुुग्ध कर रही थी।
नगर कीर्तन के दौरान सुरक्षा के भी कड़े प्रबंध किए गए थेे। बटाला के सभी गुरुद्वारों में शबद कीर्तन का प्रवाह चल रहा था और गुरुद्वारों को बढ़िया ढंग से सजाया गया था। नगर कीर्तन के स्वागत के लिए जगह-जगह पर स्वागती गेट भी लगे हुए थे। नगर कीर्तन गुरुद्वारा डेहरा साहिब से कादी हट्टी, सरकुलर रोड, समाधि रोड, सुरजीत सिंह चौक, सुखा सिंह मेहताब सिंह चौक, शास्त्री नगर, काहनूवान रोड, पुलिस लाइन रोड, जीटी रोड, सिंबल चौक से होता हुआ गुरुद्वारा डेहरा साहिब में संपन्न हुआ।