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Amritsar News: ट्राॅलियां लेकर भाग रहे किसानों की टक्कर से दो बच्चों व महिला पुलिसकर्मी समेत चार जख्मी
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फोटो
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प्रदर्शन कर रहे बीकेयू उगराहां के किसान गिरफ्तार
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। डीसी कार्यालय मांग पत्र देने जा रहे किसानों को पुलिस ने हरतेज हस्पताल के पास रोकने की कोशिश की, तो उनकी पुलिस से बहस हो गई। किसान जिद पर अड़ गए और कहा कि बैंकों की ओर से किसानों की कर्ज लेकर गिरवी रखी गई भूमि की कुर्की को रोका जाए। जब किसान कंट्रोल के बाहर होने लगे तो पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए हल्का लाठीचार्ज का प्रयोग करना पड़ा। कई किसानों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान ट्राॅलियां लेकर भाग रहे किसानों की ट्राॅली से दो स्कूली बच्चे, एक बाइक सवार और एक महिला पुलिसकर्मी जख्मी हो गए।
किसानों का आरोप है कि वह डीसी दफ्तर जा रहे थे, जहां पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया। प्रधान कश्मीर सिंह धंगई और बघेल सिंह ने बताया कि सुबह भारतीय किसान यूनियन एकता पंजाब सिद्धूपुर के किसान डीसी अमृतसर के दफ्तर में अपनी मांगों को लेकर मांग पत्र देने जा रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले भी चंडीगढ़ कूच कर रहे किसानों के रास्ते रोके फिर शंभू खनौरी बॉर्डर पर धरना प्रदर्शन कर रहे किसानों को जबरदस्ती उठाया था।
एडीसीपी हरपाल सिंह ने बताया कि किसानों को हटाने के लिए पुलिस ने किसानों को पहले चेतावनी दी और कहा कि पंजाब सरकार के मुताबिक सड़कों को रोकना, धरना लगाना लोगों को परेशान करना गैरकानूनी है। इसीलिए रोड ब्लॉक न किया जाए। सड़कों को खाली करते हुए पुलिस की गाड़ी खड़ी है। वहां गिरफ्तारियां दी जाएं। इसके बाद भी जब किसान नहीं उठे तो पुलिस ने लाठीचार्ज करते हुए उन्हें रास्ते से हटाया। पुलिस के मुताबिक, यह मामला 16 मई को शुरू हुआ था जब एक बैंक की ओर से एक किसान के घर को कुर्क करने के लिए वो गए थे जहां सिद्धपुर किसान नेता परविंदर सिंह ने सील तोड़ने की बात कही, जिसे समझाया गया कि अगर बैंक की सील तोड़ी गई तो यह माननीय हाइकोर्ट का अपमान होगा और कानूनी कार्रवाई होगी।
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प्रदर्शन कर रहे बीकेयू उगराहां के किसान गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। डीसी कार्यालय मांग पत्र देने जा रहे किसानों को पुलिस ने हरतेज हस्पताल के पास रोकने की कोशिश की, तो उनकी पुलिस से बहस हो गई। किसान जिद पर अड़ गए और कहा कि बैंकों की ओर से किसानों की कर्ज लेकर गिरवी रखी गई भूमि की कुर्की को रोका जाए। जब किसान कंट्रोल के बाहर होने लगे तो पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए हल्का लाठीचार्ज का प्रयोग करना पड़ा। कई किसानों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान ट्राॅलियां लेकर भाग रहे किसानों की ट्राॅली से दो स्कूली बच्चे, एक बाइक सवार और एक महिला पुलिसकर्मी जख्मी हो गए।
किसानों का आरोप है कि वह डीसी दफ्तर जा रहे थे, जहां पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया। प्रधान कश्मीर सिंह धंगई और बघेल सिंह ने बताया कि सुबह भारतीय किसान यूनियन एकता पंजाब सिद्धूपुर के किसान डीसी अमृतसर के दफ्तर में अपनी मांगों को लेकर मांग पत्र देने जा रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले भी चंडीगढ़ कूच कर रहे किसानों के रास्ते रोके फिर शंभू खनौरी बॉर्डर पर धरना प्रदर्शन कर रहे किसानों को जबरदस्ती उठाया था।
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एडीसीपी हरपाल सिंह ने बताया कि किसानों को हटाने के लिए पुलिस ने किसानों को पहले चेतावनी दी और कहा कि पंजाब सरकार के मुताबिक सड़कों को रोकना, धरना लगाना लोगों को परेशान करना गैरकानूनी है। इसीलिए रोड ब्लॉक न किया जाए। सड़कों को खाली करते हुए पुलिस की गाड़ी खड़ी है। वहां गिरफ्तारियां दी जाएं। इसके बाद भी जब किसान नहीं उठे तो पुलिस ने लाठीचार्ज करते हुए उन्हें रास्ते से हटाया। पुलिस के मुताबिक, यह मामला 16 मई को शुरू हुआ था जब एक बैंक की ओर से एक किसान के घर को कुर्क करने के लिए वो गए थे जहां सिद्धपुर किसान नेता परविंदर सिंह ने सील तोड़ने की बात कही, जिसे समझाया गया कि अगर बैंक की सील तोड़ी गई तो यह माननीय हाइकोर्ट का अपमान होगा और कानूनी कार्रवाई होगी।
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