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अमृतसर में सर्जरी के दौरान मौत: बॉडी बिल्डर वरिंदर केस में चार डॉक्टरों पर FIR दर्ज; SIT जांच के बाद कार्रवाई
Fri, 20 Mar 2026 09:41 PM IST
Rahul Kumar Tiwari
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
Published by: Rahul Kumar Tiwari
Updated Fri, 20 Mar 2026 09:41 PM IST
सार
अमृतसर में बॉडी बिल्डर वरिंदर घुम्मन की सर्जरी के दौरान मौत के मामले में एसआईटी जांच के बाद चार डॉक्टरों पर केस दर्ज किया गया है। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस मेडिकल रिकॉर्ड जब्त कर मामले की जांच कर रही है।
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बॉडी बिल्डर वरिंदर घुम्मण।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अमृतसर में चर्चित बॉडी बिल्डर वरिंदर घुम्मन की सर्जरी के दौरान मौत के मामले में पुलिस ने फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल के चार डॉक्टरों के खिलाफ केस दर्ज किया है। यह केस जांच के बाद दर्ज किया गया है। वरिंदर घुम्मन के पिता भूपेंद्र सिंह की शिकायत पर गठित एसआईटी की जांच के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
शिकायत के मुताबिक, वरिंदर घुम्मन के पिता भूपेंद्र सिंह ने बताया कि उनके बेटे को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी सर्जरी की गई। आरोप है कि सर्जरी के दौरान उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और बाद में उसकी मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही और मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन न करने के आरोप लगाए हैं। मामला तूल पकड़ने के बाद एसआईटी का गठन किया गया, जिसने जांच के दौरान चार डॉक्टरों को आरोपी ठहराया।
मामले में जिन डॉक्टरों को नामजद किया गया है, उनमें डॉ. तपिश शुक्ला (ऑर्थोपेडिक सर्जन), डॉ. अलका तिवारी (कंसल्टेंट एनेस्थीसिया), डॉ. राजिंदर कौर (हेड, एनेस्थीसिया विभाग) और डॉ. अरुण कुमार चोपड़ा (कंसल्टेंट कार्डियोलॉजी) शामिल हैं। सभी डॉक्टर फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल, अमृतसर से संबंधित हैं।
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पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच के बाद केस दर्ज कर लिया गया है और मरीज के इलाज से जुड़े सभी मेडिकल रिकॉर्ड कब्जे में ले लिए गए हैं। सर्जरी के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया, डॉक्टरों की भूमिका और आपात स्थिति में उठाए गए कदमों की जांच की जा रही है।
जांच के तहत यह भी देखा जा रहा है कि ऑपरेशन के दौरान आवश्यक उपकरण, विशेषज्ञ स्टाफ और इमरजेंसी प्रोटोकॉल का सही तरीके से पालन किया गया था या नहीं। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मेडिकल विशेषज्ञों की राय भी ली जा रही है।
पुलिस का कहना है कि केस दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। इस मामले में नामजद आरोपियों से पूछताछ की जाएगी। वहीं, अस्पताल प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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शिकायत के मुताबिक, वरिंदर घुम्मन के पिता भूपेंद्र सिंह ने बताया कि उनके बेटे को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी सर्जरी की गई। आरोप है कि सर्जरी के दौरान उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और बाद में उसकी मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही और मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन न करने के आरोप लगाए हैं। मामला तूल पकड़ने के बाद एसआईटी का गठन किया गया, जिसने जांच के दौरान चार डॉक्टरों को आरोपी ठहराया।
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मामले में जिन डॉक्टरों को नामजद किया गया है, उनमें डॉ. तपिश शुक्ला (ऑर्थोपेडिक सर्जन), डॉ. अलका तिवारी (कंसल्टेंट एनेस्थीसिया), डॉ. राजिंदर कौर (हेड, एनेस्थीसिया विभाग) और डॉ. अरुण कुमार चोपड़ा (कंसल्टेंट कार्डियोलॉजी) शामिल हैं। सभी डॉक्टर फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल, अमृतसर से संबंधित हैं।
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पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच के बाद केस दर्ज कर लिया गया है और मरीज के इलाज से जुड़े सभी मेडिकल रिकॉर्ड कब्जे में ले लिए गए हैं। सर्जरी के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया, डॉक्टरों की भूमिका और आपात स्थिति में उठाए गए कदमों की जांच की जा रही है।
जांच के तहत यह भी देखा जा रहा है कि ऑपरेशन के दौरान आवश्यक उपकरण, विशेषज्ञ स्टाफ और इमरजेंसी प्रोटोकॉल का सही तरीके से पालन किया गया था या नहीं। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मेडिकल विशेषज्ञों की राय भी ली जा रही है।
पुलिस का कहना है कि केस दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। इस मामले में नामजद आरोपियों से पूछताछ की जाएगी। वहीं, अस्पताल प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।