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गुरुनगरी पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री जोड़ेमाजरा ने कहा, अमृतसर में हुए 43 करोड़ के पीपीई किट्स घोटाले की होगी जांच
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अमृतसर। स्वास्थ्य मंत्री चेतन सिंह जोड़ेमाजरा ने संकेत दिए हैं कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में खरीदे गए सैनिटाइजर व मास्क में हुए घोटाले के आरोपों के बाद अब अमृतसर में पीपीई किट्स घोटाले की जांच की जाएगी। घपले करने वाला कोई भी बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों को हर हाल में गिरफ्तार किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री अपने दौरे पर गुरुनगरी पहुंचे थे।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2020 में गुरु नानक देव अस्पताल के डॉक्टरों व सहयोगी स्टाफ के लिए दो हजार पीपीई किट्स खरीदी गई थीं। ये किट्स पहनते ही फट रही थीं। लिहाजा डॉक्टरों ने इन्हें पहनने से इन्कार कर दिया था। इस मामले की पड़ताल में यह स्पष्ट हुआ कि दो हजार किट्स खरीदने के लिए 43.44 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई। किट के सैंपल जांच के लिए रक्षा एवं अनुसंधान विभाग दिल्ली डीआरडी भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ था कि ये किट्स घटिया क्वालिटी की थीं।
मामले ने तूल पकड़ा तो मेडिकल शिक्षा व खोज विभाग ने मेडिसिन विभाग के डा. शिवचरण का तबादला कर दिया। डा. शिवचरण ने ही घटिया किट्स का मामला उठाया था। मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डा. सुजाता शर्मा सहित वाइस प्रिंसिपल बदल दिए गए, पर आज तक पीपीई किट्स में किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। कुछ सत्ता से जुड़े बड़े लोगों के नाम इस में शामिल पाए जाने के कारण पिछली कांग्रेस सरकार ने इस घोटाले को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। मंत्री ने भरोसा दिया कि इसकी दोबारा जांच होगी।
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उल्लेखनीय है कि वर्ष 2020 में गुरु नानक देव अस्पताल के डॉक्टरों व सहयोगी स्टाफ के लिए दो हजार पीपीई किट्स खरीदी गई थीं। ये किट्स पहनते ही फट रही थीं। लिहाजा डॉक्टरों ने इन्हें पहनने से इन्कार कर दिया था। इस मामले की पड़ताल में यह स्पष्ट हुआ कि दो हजार किट्स खरीदने के लिए 43.44 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई। किट के सैंपल जांच के लिए रक्षा एवं अनुसंधान विभाग दिल्ली डीआरडी भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ था कि ये किट्स घटिया क्वालिटी की थीं।
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मामले ने तूल पकड़ा तो मेडिकल शिक्षा व खोज विभाग ने मेडिसिन विभाग के डा. शिवचरण का तबादला कर दिया। डा. शिवचरण ने ही घटिया किट्स का मामला उठाया था। मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डा. सुजाता शर्मा सहित वाइस प्रिंसिपल बदल दिए गए, पर आज तक पीपीई किट्स में किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। कुछ सत्ता से जुड़े बड़े लोगों के नाम इस में शामिल पाए जाने के कारण पिछली कांग्रेस सरकार ने इस घोटाले को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। मंत्री ने भरोसा दिया कि इसकी दोबारा जांच होगी।
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