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ईसीएचएस कार्ड के नाम पर बनाए फर्जी बिल, 16 नामी डॉक्टरों पर एफआईआर
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केंद्र सरकार की ओर से सेवानिवृत्त सैनिकों के इलाज के लिए लागू की गई एक्स सर्विसमैन कंट्रीब्यूशन हेल्थ स्कीम (ईसीएचएस) कार्ड के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी करने के आरोप में पुलिस ने कई बड़े अस्पतालों के 16 नामी डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मामले में सामने आया है कि शहर के कई अस्पताल व नर्सिंग हाउस के डॉक्टर और रिटायर सैनिक मिलीभगत कर फर्जी मेडिकल बिल बनाकर सरकार को करोड़ों की चपत लगा रहे थे।
ब्रिगेडियर एमडी उपाध्याय की शिकायत पर पुलिस ने शहर के प्रतिष्ठित 16 डॉक्टरों, सेना से रिटायर हुए दो सूबेदारों, एक नायक व उसकी पत्नी सहित चार अन्य पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। जिन 16 डॉक्टरों पर मामला दर्ज किया गया है, उनमें से एक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर बीते विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की टिकट पर अमृतसर दक्षिण विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ चुका है। इसके अलावा डॉ. गौतम वर्मा, डॉ. सुनील दत्त, डॉ. परवीन कुमार, डॉ. सुरिंदर गुप्ता, डॉ. आशीष कुमार, डॉ. राकेश मदान, डॉ. सचिन गुप्ता, डॉ. मनीष चंदे, डॉ. लखबीर सिंह रंधावा, डॉ. अर्शदीप कौर, डॉ. सुशील मोहिंद्रू, डॉ. परमिंदर सिंह, डॉ. गौतम वर्मा, डॉ. हरमीत व डॉ. गुरमीत पर केस दर्ज किया गया है।
वहीं पुलिस ने इस मामले में सेना से रिटायर सूबेदार कश्मीर सिंह, सतविंदर सिंह, नायक छिंदा सिंह, उसकी पत्नी प्रकाश कौर सहित चार नागरिकों अमरजीत सिंह, जगरूप सिंह, जतिंदर सिंह व बलजिंदर सिंह के खिलाफ धारा 406, 409, 420, 425, 463, 464, 467, 468, 471, 491, 120बी के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस कमिश्नर डॉ. सुखचैन सिंह के निर्देश पर दर्ज एफआईआर के अनुसार अस्पतालों के ये डॉक्टर इलाज के नाम पर रिटायर सैनिकों के फर्जी मेडिकल बिल बनाकर करोड़ों की धोखाधड़ी कर रहे थे। ये डॉक्टर व स्केनिंग सेंटर पूर्व सैनिकों को जांच के बाद अपने-अपने अस्पतालों में दाखिल कर लेते थे। धोखाधड़ी के इस गिरोह ने इलाज के लिए ब्रिगेडियर एमडी उपाध्याय को भी नहीं बख्शा। ईसीएचएस के तहत इलाज करवाने के लिए डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर के निज्जर स्केनिंग सेंटर में आए ब्रिगेडियर एमडी उपाध्याय के कार्ड को रखकर उन्हें अस्पताल में दाखिल होने की सलाह दी। जब ब्रिगेडियर इन डॉक्टरों द्वारा संचालित किए जाने वाले एक अस्पताल में दाखिल हुए तो कई दिन तक उन्हें अस्पताल में रखा गया और ईसीएचएस का कार्ड के जरिये फर्जी बिल बनाकर राशि सरकार से हासिल कर ली। ईसीएचएस कार्ड के नाम पर हो रही लूट की जब ब्रिगेडियर ने अपने स्तर पर जांच की तो पाया कि इस लूट में कुछ रिटायर सैनिक भी शामिल हैं, जो अन्य पूर्व सैनिकों को इलाज के लिए लेकर आते हैं। ब्रिगेडियर ने इस मामले के सभी सबूत इकट्ठे कर 2 अक्टूबर को पुलिस कमिश्नर डॉ. सुखचैन सिंह के पास एक शिकायत दर्ज कार्रवाई। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि इलाज के दौरान उन्हें वह सुविधा नहीं दी गई, जो एक कार्डधारक को मिलनी चाहिए। उन्हें जानबूझकर अस्पताल में कई दिन तक रखा गया, ताकि कई गुना बिल बनाया जा सके। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एक कमेटी गठित कर जांच शुरू कर दी है।
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ब्रिगेडियर एमडी उपाध्याय की शिकायत पर पुलिस ने शहर के प्रतिष्ठित 16 डॉक्टरों, सेना से रिटायर हुए दो सूबेदारों, एक नायक व उसकी पत्नी सहित चार अन्य पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। जिन 16 डॉक्टरों पर मामला दर्ज किया गया है, उनमें से एक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर बीते विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की टिकट पर अमृतसर दक्षिण विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ चुका है। इसके अलावा डॉ. गौतम वर्मा, डॉ. सुनील दत्त, डॉ. परवीन कुमार, डॉ. सुरिंदर गुप्ता, डॉ. आशीष कुमार, डॉ. राकेश मदान, डॉ. सचिन गुप्ता, डॉ. मनीष चंदे, डॉ. लखबीर सिंह रंधावा, डॉ. अर्शदीप कौर, डॉ. सुशील मोहिंद्रू, डॉ. परमिंदर सिंह, डॉ. गौतम वर्मा, डॉ. हरमीत व डॉ. गुरमीत पर केस दर्ज किया गया है।
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वहीं पुलिस ने इस मामले में सेना से रिटायर सूबेदार कश्मीर सिंह, सतविंदर सिंह, नायक छिंदा सिंह, उसकी पत्नी प्रकाश कौर सहित चार नागरिकों अमरजीत सिंह, जगरूप सिंह, जतिंदर सिंह व बलजिंदर सिंह के खिलाफ धारा 406, 409, 420, 425, 463, 464, 467, 468, 471, 491, 120बी के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस कमिश्नर डॉ. सुखचैन सिंह के निर्देश पर दर्ज एफआईआर के अनुसार अस्पतालों के ये डॉक्टर इलाज के नाम पर रिटायर सैनिकों के फर्जी मेडिकल बिल बनाकर करोड़ों की धोखाधड़ी कर रहे थे। ये डॉक्टर व स्केनिंग सेंटर पूर्व सैनिकों को जांच के बाद अपने-अपने अस्पतालों में दाखिल कर लेते थे। धोखाधड़ी के इस गिरोह ने इलाज के लिए ब्रिगेडियर एमडी उपाध्याय को भी नहीं बख्शा। ईसीएचएस के तहत इलाज करवाने के लिए डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर के निज्जर स्केनिंग सेंटर में आए ब्रिगेडियर एमडी उपाध्याय के कार्ड को रखकर उन्हें अस्पताल में दाखिल होने की सलाह दी। जब ब्रिगेडियर इन डॉक्टरों द्वारा संचालित किए जाने वाले एक अस्पताल में दाखिल हुए तो कई दिन तक उन्हें अस्पताल में रखा गया और ईसीएचएस का कार्ड के जरिये फर्जी बिल बनाकर राशि सरकार से हासिल कर ली। ईसीएचएस कार्ड के नाम पर हो रही लूट की जब ब्रिगेडियर ने अपने स्तर पर जांच की तो पाया कि इस लूट में कुछ रिटायर सैनिक भी शामिल हैं, जो अन्य पूर्व सैनिकों को इलाज के लिए लेकर आते हैं। ब्रिगेडियर ने इस मामले के सभी सबूत इकट्ठे कर 2 अक्टूबर को पुलिस कमिश्नर डॉ. सुखचैन सिंह के पास एक शिकायत दर्ज कार्रवाई। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि इलाज के दौरान उन्हें वह सुविधा नहीं दी गई, जो एक कार्डधारक को मिलनी चाहिए। उन्हें जानबूझकर अस्पताल में कई दिन तक रखा गया, ताकि कई गुना बिल बनाया जा सके। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एक कमेटी गठित कर जांच शुरू कर दी है।
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