Manmohan Singh: अमृतसर में बीता बचपन, दादी ने की परवरिश, जिस घर में रहे वो अब हो गया खंडहर, Video
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का अमृतसर से गहरा और विशेष जुड़ाव था। विभाजन के बाद उनका परिवार अमृतसर में आकर बसा। उनके परिवार का घर अब खंडहर हो चुका है।
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देश में आर्थिक सुधारों के जनक माने जाने वाले व पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का वीरवार रात दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन हो गया। 92 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से देश और अमृतसर के लोगों में गहरा शोक है।
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का अमृतसर से गहरा और विशेष जुड़ाव था। विभाजन के बाद उनका परिवार अमृतसर में आकर बसा। उनके परिवार का घर अब खंडहर हो चुका है, लेकिन उनकी यादें आज भी शहरवासियों के दिलों में ताजा हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि अमृतसर में डॉ. मनमोहन सिंह का घर है। जो अब खंडहर हो चुका है। करीब 70 से 80 साल पहले उनका परिवार इसी घर में रहता था। मनमोहन सिंह सांसद बनने के बाद एक बार इस पुराने घर को देखने भी आए थे। लोगों ने बताया कि वह इसी घर में रहते थे और पास में स्कूल था उसी में ही वह पढ़ा करते थे।
शिक्षा और बचपन की यादें
1932 में पंजाब (अब पाकिस्तान) के गाह में जन्मे मनमोहन सिंह का परिवार 1948 में विभाजन के बाद अमृतसर आकर बसा। उन्होंने अमृतसर के हिंदू कॉलेज से अर्थशास्त्र में इंटरमीडिएट और स्नातक की पढ़ाई की। इसके बाद वे उच्च शिक्षा के लिए पंजाब विश्वविद्यालय होशियारपुर चले गए।
पारिवारिक लगाव और स्वर्ण मंदिर से जुड़ाव
पूर्व पीएम के सौतेले भाई सुरजीत सिंह कोहली अमृतसर में कारोबारी हैं। वह रेडीमेड कपड़ों का व्यवसाय करते हैं। सुरजीत सिंह ने बताया कि मनमोहन सिंह अपनी दादी से गहरा लगाव रखते थे, जिन्होंने उनकी परवरिश की थी। क्योंकि डॉ. मनमोहन सिंह की माता का देहांत बहुत पहले हो गया था। अमृतसर आने पर वे हमेशा स्वर्ण मंदिर जरूरत जाते थे और माथा टेकते थे।
हिंदू कॉलेज के दिनों की यादें
अमृतसर स्थित हिंदू कॉलेज के सेवानिवृत्त प्रोफेसर राजिंदर लूंबा ने बताया कि डॉ. मनमोहन सिंह का पसंदीदा विषय अर्थशास्त्र था। कुछ साल पहले मनमोहन सिंह ने हिंदू कॉलेज के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की थी। उन्होंने वहां अपने शिक्षकों और पुराने दोस्तों को याद किया और छात्रों के साथ फोटो खिंचवाई।
स्थानीय निवासियों की यादें
71 वर्षीय राज कुमार ने बताया कि डॉ. मनमोहन सिंह पेतावाला बाजार में रहते थे। वे बहुत विनम्र स्वभाव के थे। उनके परिवार के जाने के बाद उनका घर खाली पड़ा है और अब जर्जर स्थिति में है।
अमृतसर के लिए किए कई प्रयास
स्थानीय लोगों का कहना है कि डॉ. मनमोहन सिंह ने राजनीति में रहते हुए अमृतसर के विकास के लिए कई प्रयास किए। जब वे प्रधानमंत्री थे तब उन्होंने अमृतसर के लिए कई योजनाएं मंजूर करवाईं। वे हमेशा इस पवित्र शहर के विकास के लिए चिंतित रहते थे।