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एसजीपीसी चुनाव कराने की मांग: चार सिख संगठनों ने गृह मंत्री को लिखा पत्र, 2011 के बाद नहीं हुए आम चुनाव
Sat, 10 Oct 2026 07:59 AM IST
Nivedita
हरीश शर्मा, संवाद, अमृतसर
हरीश शर्मा, संवाद, अमृतसर
Published by: Nivedita
Updated Sat, 10 Oct 2026 07:59 AM IST
सार
एसजीपीसी सिखों की प्रमुख धार्मिक प्रबंधन संस्था है। यह श्री हरिमंदिर साहिब समेत कई गुरुद्वारों का प्रबंधन करती है। इसके चुनाव धार्मिक और सिख समुदाय के प्रतिनिधित्व दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
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एसजीपीसी
- फोटो : वीडियो ग्रैब
विस्तार
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के आम चुनाव कराने की मांग फिर तेज हो गई है। चार सिख संगठनों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र भेजा है। इसमें सिख संस्था में लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाल करने और नए नेतृत्व चुनने की मांग की गई है।
सिख चिंतक मंच, पंचक बुद्धिजीवी काउंसिल, सिख फोरम और सिख यूथ फेडरेशन ने यह पत्र भेजा है। संगठनों के पदाधिकारियों एडवोकेट आरएस बिंद्रा, अवतार सिंह, हरी सिंह और गुरबख्श सिंह थिंद ने ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि सिख गुरुद्वारा एक्ट, 1925 के तहत हर पांच साल में चुनाव होने चाहिए। लेकिन 2011 के बाद से अब तक आम चुनाव नहीं हुए हैं।
संगठनों ने गुरुद्वारा चुनाव आयोग को नए चुनाव कराने के निर्देश देने की मांग की है। उन्होंने मतदाता सूची को भी पारदर्शी तरीके से तैयार करने पर जोर दिया।
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मौजूदा हाउस की स्थिति
ज्ञापन में एसजीपीसी के मौजूदा हाउस पर सवाल उठाए गए हैं। 191 सदस्यों वाले हाउस में सदस्यों के निधन और इस्तीफों से कई सीटें खाली हैं। वर्तमान में करीब 144 सदस्य ही बचे हैं। इतने लंबे समय तक चुनाव न होने से प्रतिनिधित्व और जवाबदेही पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मतदाता पंजीकरण और नई सूची की मांग
वर्ष 2011 के चुनाव में करीब 57 लाख मतदाता पंजीकृत थे। इनमें पंजाब के 52.69 लाख, हरियाणा के 3.75 लाख, हिमाचल प्रदेश के 23 हजार और चंडीगढ़ के लगभग 12 हजार मतदाता शामिल थे। 2024 में पंजाब से करीब 51.04 लाख आवेदन प्राप्त हुए, जो 2011 के पंजीकृत मतदाताओं से कम थे। संगठनों ने गुरुद्वारा चुनाव आयोग से चुनाव की समय-सीमा तय करने को कहा है। उन्होंने पारदर्शी तरीके से पात्र सिख मतदाताओं का पंजीकरण कराने और नई मतदाता सूची तैयार करने की मांग की।
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सिख चिंतक मंच, पंचक बुद्धिजीवी काउंसिल, सिख फोरम और सिख यूथ फेडरेशन ने यह पत्र भेजा है। संगठनों के पदाधिकारियों एडवोकेट आरएस बिंद्रा, अवतार सिंह, हरी सिंह और गुरबख्श सिंह थिंद ने ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि सिख गुरुद्वारा एक्ट, 1925 के तहत हर पांच साल में चुनाव होने चाहिए। लेकिन 2011 के बाद से अब तक आम चुनाव नहीं हुए हैं।
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संगठनों ने गुरुद्वारा चुनाव आयोग को नए चुनाव कराने के निर्देश देने की मांग की है। उन्होंने मतदाता सूची को भी पारदर्शी तरीके से तैयार करने पर जोर दिया।
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मौजूदा हाउस की स्थिति
ज्ञापन में एसजीपीसी के मौजूदा हाउस पर सवाल उठाए गए हैं। 191 सदस्यों वाले हाउस में सदस्यों के निधन और इस्तीफों से कई सीटें खाली हैं। वर्तमान में करीब 144 सदस्य ही बचे हैं। इतने लंबे समय तक चुनाव न होने से प्रतिनिधित्व और जवाबदेही पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मतदाता पंजीकरण और नई सूची की मांग
वर्ष 2011 के चुनाव में करीब 57 लाख मतदाता पंजीकृत थे। इनमें पंजाब के 52.69 लाख, हरियाणा के 3.75 लाख, हिमाचल प्रदेश के 23 हजार और चंडीगढ़ के लगभग 12 हजार मतदाता शामिल थे। 2024 में पंजाब से करीब 51.04 लाख आवेदन प्राप्त हुए, जो 2011 के पंजीकृत मतदाताओं से कम थे। संगठनों ने गुरुद्वारा चुनाव आयोग से चुनाव की समय-सीमा तय करने को कहा है। उन्होंने पारदर्शी तरीके से पात्र सिख मतदाताओं का पंजीकरण कराने और नई मतदाता सूची तैयार करने की मांग की।