आतंकी हैप्पी पासिया गिरफ्तार: अमृतसर में घर पर ताला लगा परिवार के लोग फरार, मां और बहन जेल में बंद
आतंकी हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासिया की गिरफ्तारी के बाद अमृतसर स्थित उसके घर पर ताला लग गई है। परिवार के लोग घर बंद करके फरार हो गए हैं। हालांकि उसकी मां और बहन पहले से ही जेल में बंद हैं।
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पंजाब में पिछले कई वर्षों से अपराध की दुनिया में सक्रिय और कई आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड माने जाने वाला हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासिया सुरक्षा एजेंसियों के शिकंजे में आ गया है। अमेरिका में रह रहा यह मोस्ट वांटेड गैंगस्टर अब एफबीआई और अमेरिकी इमीग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट की हिरासत में है। हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासिया पंजाब में आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार है।
हैप्पी पासिया की गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद जिला अमृतसर के अजनाला स्थित हैप्पी पासिया के घर पर ताला लगा मिला और उसके परिवार के सदस्य भी घर से फरार हैं। यह स्पष्ट संकेत देता है कि गिरफ्तारी की भनक लगते ही परिवार के लोग भी फरार हो गए हैं।
गैंगस्टर से आतंकी बना हरप्रीत सिंह उर्फ हैपी पसिया जल्द भारत लाया जा रहा है। पिछले दो साल से हैप्पी पसिया का नाम अपराध की दुनिया में उभर कर सामने आया है। इससे पहले उसका पेशा डरा-धमका कर कारोबारियों से रंगदारी वसूलना था। लेकिन बीते साल उसने 24 नंवबर की रात अपने गुर्गों से अजनाला थाने को आईईडी लगाकर उड़ाने का प्रयास किया था। बदमाश आईईडी को तकनीकि तौर पर तैयार नहीं कर पाए। इसके कारण बम ब्लास्ट नहीं हुआ था। घटना के दो दिन बाद 26 नवंबर को पुलिस ने रमदास थाने के अधीन पड़ते गांव पासिया निवासी उसकी मां भूपिंदर कौर और बहन किरणदीप कौर को गिरफ्तार कर लिया था। आरोप था कि दोनों ने आतंकी हैप्पी के इशारे पर विस्फोटक तैयार करने वालों को शरण दी थी। वर्तमान में भी दोनों महिलाएं जेल में ही बंद हैं।
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मां और बहन की गिरफ्तारी के बाद हैप्पी पसिया काफी गुस्से में था और उसने पंजाब में ग्रेनेड हमले तेज करने की धमकियां दी थी। स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल ने 13 दिसंबर को जंडियाला निवासी जश्नदीप उर्फ डैनी और उसके नाबालिग भाई को गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने सुरक्षा एजेंसियों के समक्ष स्वीकार किया था कि उन्हें आईईडी से धमाका करने की एवज में पासिया द्वारा तीन तीन हजार रुपये दिए जाने थे। लेकिन जब धमाका नहीं हुआ तो पसिया ने उन्हें मोबाइल पर संपर्क कर हत्या करने की धमकी दी थी।
गूगल और यू-ट्यूब से सिखा आईईडी तैयार करना
पासिया ने उन्हें कहा था कि आईईडी तैयार करने की तकनीक गूगल और यूट्यूब से हासिल की जा सकती है। पासिया के कहने पर उन्होंने इंटरनेट मीडिया से आईईडी तैयार करने की जानकारी ली थी। जबकि आईईडी तैयार करने में जो विस्फोटक लगने थे वह पासिया के ही एक करिंदे ने उन्हें घटना से कुछ दिन पहले ही दिए थे। बाद में पुलिस ने दोनों के कब्जे से दो हैंड ग्रेनेड और पिस्तौल बरामद की थी।
हैप्पी पासिया पर दर्ज हैं कई मामले
इसी तरह पुलिस ने 17 दिसंबर को इस्लामाबाद थाने पर हमला करने वाले दो आतंकियों तरनतारन के छापे गांव निवासी बलजीत सिंह और डंडे गांव निवासी गुरजीत सिंह को 28 दिसंबर को काबू किया था। आरोपियों के कब्जे से एक हैंड ग्रेनेड, दो पिस्तौल, डेढ़ किलो हेरोइन और पांच कारतूस बरामद किए गए थे। हरप्रीत सिंह के खिलाफ अमृतसर देहात में 13 मामले दर्ज हैं। जबकि अमृतसर शहरी में 18 और तरनतारन में 22 केस दर्ज किए जा चुके हैं।
पैसों का लालच देकर बेरोजगार युवाओं को करता था टारगेट
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि हैप्पी पासिया की पाकिस्तान में छिपकर बैठे हरिंदर सिंह उर्फ रिंदा से काफी नजदीकियां हैं। रिंदा आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल का किंगपिन है। वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर बेरोजगार युवकों की हैप्पी पसिया के मार्फत पहचान करवाता था। इसके बाद पैसों का लालच देकर ग्रेनेड धमाके, हेरोइन सप्लाई के कारोबार में घकेलता था।