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गाड़ी के नीचे आईईडी लगाने का मामला: आतंकवाद के दौरान हुई थी दिलबाग की ज्वाइनिंग, आतंकियों से उगलवाते थे राज

Wed, 17 Aug 2022 02:04 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Wed, 17 Aug 2022 02:04 AM IST
सार

सब-इंस्पेक्टर दिलबाग सिंह को पहले भी कई बार धमकियां मिल चुकी हैं। वह परिवार को विभाग की बातों से दूर रखते हैं। ताकि वे लोग आतंकियों की धमकियों की बात सुन कर परेशान नहीं हो जाएं।

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Dilbagh joined police during terrorism period in punjab, he used to spew secrets from terrorists
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विस्तार

पंजाब के अमृतसर में सब-इंस्पेक्टर दिलबाग सिंह पुलिस के एक ऐसे जाबांज सिपाही हैं, जिन्होंने पंजाब में आतंकवाद के दौरान पुलिस को ज्वाइन किया। अमृतसर जिला के ही जम-पल यह फरवरी 1990 में तब पंजाब पुलिस का हिस्सा बने जब आतंकवाद पूरे जोबन पर था और पंजाब पुलिस में नौकरी पाने से भय खाते थे। तब संजीव गुप्ता पंजाब पुलिस के डायरेक्टर जनरल थे।

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तब एक कांस्टेबल के रूप में पुलिस में शामिल हुए दिलबाग सिंह की पहली पोस्टिंग अमृतसर के सीआईए स्टाफ में हुई, जहां पकड़े गए आतंकवादियों को लाया जाता था। तब आतंकवादियों की इतनी दहशत थी कि पुलिस के कई बड़े-बड़े अधिकारी भी उनसे सवाल-जवाब करने से डरते थे। सिपाही दिलबाग सिंह ने आतंकवाद के दौर में उन्होंने खूब काम किया और धीरे-धीरे कांस्टेबल से पदोन्नती पाते-पाते साल 2013 में सब-इंस्पेक्टर गए।
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डीजीपी संजीव गुप्ता के बाद उन्होंने डीजीपी हरदीप सिंह ढिल्लों और उसके बाद सुमेर सिंह सैनी की पंजाब पुलिस की टीम में काम किया। साल 1990 से लेकर 1992 और उसके बाद वर्ष 2000 तक उन्हें कई बार धमकियां मिली। लेकिन वे अपनी ड्यूटी से कभी पीछे नहीं हटे और इस बाबत कभी अपने परिवार को भी नहीं बताया, ताकि वे लोग आतंकियों की धमकियों की बात सुन कर परेशान नहीं हो जाएं।    
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एसआई दिलबाग सिंह पुलिस के आला अधिकारियों के हमेंशा से पऱिय रहे हैं। रोजाना यह अपनी ड्यूटी शहीदां साहिब में शहीद बाबा दीप सिंह को सैल्यूट करने के बाद शुरु करते हैं। जिंदगी के कैसे भी हालात रहे हों, यह हमेंशा अपने दिन की शुरुआत शहीदां साहिब में आशीष निवाकर करते हैं।


उन्होंने बताया कि वाहेगुरु हमेशा उनके साथ रहते हैं, यही कारण है कि पंजाब के भर आतंकवाद के दौरान उन्होंने बहुत काम किया और उसके बाद भी नशीले पदार्थों के खिलाफ कई अभियान चला कर कई बड़े नशे के सौदागरों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने वाहेगुरु पर पूर्ण भरोसा है। क्योंकि उन्होंने कभी किसी के साथ कोई गलत नहीं किया तो आज उनके साथ होने वाली यह इतनी बड़ी घटना से बचाव हुआ।

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