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मुलाजिम बताकर मरीज से ऐंठे पंद्रह सौ रुपये
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर
Updated Tue, 27 Oct 2015 09:18 PM IST
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गुरुनानक देव अस्पताल में इलाज कराने के नाम पर एक मरीज से पंद्रह सौ रुपये की ठगी हो गई। आरोपी खुद को अस्पताल का मुलाजिम बताकर मरीज से रुपये लेकर फरार हो गया।
मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल का कहना है शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर जांच कराकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
छोटा हरिपुरा निवासी जसपाल सिंह (30) ने बताया कि वह अपनी बहन सुषमा रानी के साथ दौरे का इलाज कराने के लिए मंगलवार की सुबह गुरुनानक देव अस्पताल पहुंचा था।
अस्पताल के गेट पर एक अज्ञात व्यक्ति उसे मिला। बातचीत के दौरान उस व्यक्ति को खुद को अस्पताल का मुलाजिम बताया। साथ ही कहा कि उसकी डॉक्टरों से अच्छी जान पहचान है। वह उसका अच्छा इलाज करा देगा।
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इसके बाद वह उसे इमरजेंसी वार्ड ले गया। वहां जब जूनियर डॉक्टरों ने जांच करने के बाद एमआरआई , सिटी स्कैन कराने के लिए लिख दिया।
इसके बाद उस व्यक्ति ने दोनों टेस्ट कराने के नाम पर उससे 1500 रुपये ले लिए और उन्हें वार्ड के बाहर बैठा दिया। काफी देर तक जब वह वापस नहीं आया तो उसने अपनी बहन सुषमा के साथ उसकी तलाश शुरू की। लेकिन उसका कोई पता नहीं चला।
सुषमा रानी ने आरोप लगाया कि जब अज्ञात उनके साथ आया तो डॉक्टरों ने उससे हाथ मिलाया था। इस संबंध मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल संतोख सिंह का कहना है शिकायत नहीं मिली है। पीड़ित शिकायतीपत्र लेकर उनके दफ्तर आ जाए। जांच कमेटी गठित कर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल का कहना है शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर जांच कराकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
छोटा हरिपुरा निवासी जसपाल सिंह (30) ने बताया कि वह अपनी बहन सुषमा रानी के साथ दौरे का इलाज कराने के लिए मंगलवार की सुबह गुरुनानक देव अस्पताल पहुंचा था।
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अस्पताल के गेट पर एक अज्ञात व्यक्ति उसे मिला। बातचीत के दौरान उस व्यक्ति को खुद को अस्पताल का मुलाजिम बताया। साथ ही कहा कि उसकी डॉक्टरों से अच्छी जान पहचान है। वह उसका अच्छा इलाज करा देगा।
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इसके बाद वह उसे इमरजेंसी वार्ड ले गया। वहां जब जूनियर डॉक्टरों ने जांच करने के बाद एमआरआई , सिटी स्कैन कराने के लिए लिख दिया।
इसके बाद उस व्यक्ति ने दोनों टेस्ट कराने के नाम पर उससे 1500 रुपये ले लिए और उन्हें वार्ड के बाहर बैठा दिया। काफी देर तक जब वह वापस नहीं आया तो उसने अपनी बहन सुषमा के साथ उसकी तलाश शुरू की। लेकिन उसका कोई पता नहीं चला।
सुषमा रानी ने आरोप लगाया कि जब अज्ञात उनके साथ आया तो डॉक्टरों ने उससे हाथ मिलाया था। इस संबंध मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल संतोख सिंह का कहना है शिकायत नहीं मिली है। पीड़ित शिकायतीपत्र लेकर उनके दफ्तर आ जाए। जांच कमेटी गठित कर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।