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डॉक्टर दंपति को लूटने वाले चारो लुटेरे गिरफ्तार
Updated Fri, 29 Dec 2017 09:29 PM IST
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डॉक्टर दंपति को लूटने वाले 4 लुटेरे गिरफ्तार
अस्पताल की नर्स निकली मास्टर माइंड, करीब 32 लाख के जेवर व नगदी बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर।
लक्कड़ मंडी स्थित सिंघानिया अस्पताल के मालिक डॉ. ओमप्रकाश सिंहानिया व उनकी पत्नी माया सिंघानिया को बीती 24 दिसंबर को तेजधार हथियारों के बल पर बंधक बना कर लूटने का मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों करीब 32 लाख के आभूषण व 90 हजार 500 रुपये बरामद किए हैं। अस्पताल की हेड नर्स ने अपने भाइयों के सहयोग से लूट की कहानी लिखी थी। पुलिस चारो आरोपियों के साथ पूछताछ कर रही है।
एसीपी जेएस वालिया ने बताया कि पुलिस ने अस्पताल के स्टाफ से ही जांच शुरू की। पहली नजर में स्टाफ नर्स नवजोत कौर उर्फ ज्योति की गतिविधियों पर पुलिस को शक हुआ। पुलिस ने ज्योति को हिरासत मेें लेकर पूछताछ की तो सारा मामला सामने आ गया। ज्योति के बयानों पर ही पुलिस ने उसके सगे व चचेरे तीन भाइयों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने ज्योति की निशानदेही पर सुरजीत उर्फ सोनू, सरबजीत सिंह उर्फ छब्बा व गोबिंद सिंह शेर गिल को गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपियों के पास से पुलिस ने सोने-चांदी व हीरे के करीब 32 लाख के आभूषण और साढ़े नब्बे हजार रुपये बरामद किए हैं।
ज्योति पिछले करीब आठ वर्ष से अस्पताल में काम करती थी। उसे पता था कि अस्पताल मालिक के बच्चे विदेश रहते हैं। ज्योति ने रेकी करके जान लिया था कि डॉक्टर दंपति कितने बजे सुबह चाय पीते हैं और उस समय अस्पताल में स्टाफ भी बहुत कम होता है। सारी प्लानिंग ज्योति ने तैयार करके अपने भाई सुरजीत सिंह को मिलाया और सुरजीत सिंह ने अपने दो अन्य भाइयों के साथ वारदात को अंजाम दिया।
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पीड़ित अंदाजा नहीं था कि लूट कितनी हुई
डॉक्टर दंपति को अंदाजा भी नहीं था कि लूट कितनी हुई है। करीब 32 लाख के जेवर (विदेशी घड़िया, चांदी के पुराने सिक्के और हीरे के आभूषण) बरामद होने पर पुलिस भी दंग रह गई। पहली वारदात होने के चलते आरोपियों ने लूट का माव छिपा कर रख दिया था, जिसे बेचने की तैयारी में थे। इस दौरान पुलिस ने आरोपियों को दबोच लिया।
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अस्पताल की नर्स निकली मास्टर माइंड, करीब 32 लाख के जेवर व नगदी बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर।
लक्कड़ मंडी स्थित सिंघानिया अस्पताल के मालिक डॉ. ओमप्रकाश सिंहानिया व उनकी पत्नी माया सिंघानिया को बीती 24 दिसंबर को तेजधार हथियारों के बल पर बंधक बना कर लूटने का मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों करीब 32 लाख के आभूषण व 90 हजार 500 रुपये बरामद किए हैं। अस्पताल की हेड नर्स ने अपने भाइयों के सहयोग से लूट की कहानी लिखी थी। पुलिस चारो आरोपियों के साथ पूछताछ कर रही है।
एसीपी जेएस वालिया ने बताया कि पुलिस ने अस्पताल के स्टाफ से ही जांच शुरू की। पहली नजर में स्टाफ नर्स नवजोत कौर उर्फ ज्योति की गतिविधियों पर पुलिस को शक हुआ। पुलिस ने ज्योति को हिरासत मेें लेकर पूछताछ की तो सारा मामला सामने आ गया। ज्योति के बयानों पर ही पुलिस ने उसके सगे व चचेरे तीन भाइयों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने ज्योति की निशानदेही पर सुरजीत उर्फ सोनू, सरबजीत सिंह उर्फ छब्बा व गोबिंद सिंह शेर गिल को गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपियों के पास से पुलिस ने सोने-चांदी व हीरे के करीब 32 लाख के आभूषण और साढ़े नब्बे हजार रुपये बरामद किए हैं।
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ज्योति पिछले करीब आठ वर्ष से अस्पताल में काम करती थी। उसे पता था कि अस्पताल मालिक के बच्चे विदेश रहते हैं। ज्योति ने रेकी करके जान लिया था कि डॉक्टर दंपति कितने बजे सुबह चाय पीते हैं और उस समय अस्पताल में स्टाफ भी बहुत कम होता है। सारी प्लानिंग ज्योति ने तैयार करके अपने भाई सुरजीत सिंह को मिलाया और सुरजीत सिंह ने अपने दो अन्य भाइयों के साथ वारदात को अंजाम दिया।
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पीड़ित अंदाजा नहीं था कि लूट कितनी हुई
डॉक्टर दंपति को अंदाजा भी नहीं था कि लूट कितनी हुई है। करीब 32 लाख के जेवर (विदेशी घड़िया, चांदी के पुराने सिक्के और हीरे के आभूषण) बरामद होने पर पुलिस भी दंग रह गई। पहली वारदात होने के चलते आरोपियों ने लूट का माव छिपा कर रख दिया था, जिसे बेचने की तैयारी में थे। इस दौरान पुलिस ने आरोपियों को दबोच लिया।