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इनोवा लूट मामले में पुलिस की जांच हाशिए पर
Updated Sun, 25 Nov 2018 10:08 PM IST
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इनोवा लूट में पुलिस खाली हाथ
माधोपुर में 13 तारीख को 4 संदिग्धों ने लूटी थी गाड़ी, संभावित गैंगस्टर को पहचानने से ड्राइवर का इन्कार
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट। माधोपुर में 13 नवंबर को 4 संदिग्धों की ओर से इनोवा लूटने मामले में पुलिस के हाथ अभी तक कुछ नहीं लग पाया है। 4 दिन पहले पुलिस ने दावा किया था कि घटना के बाद ड्राइवर राज कुमार को पुलिस एप पर फोटो दिखाए और उसने कुछ लोगों की पहचान भी की थी। इसी बिनाह पर पुलिस ने दावा ठोका था कि इनोवा छीनने की घटना आतंकी नहीं बल्कि गैंगस्टरों ने की है।
रविवार को जब जालंधर के क्रिमिनल को ड्राइवर के सामने बिठाया गया तो उसने पहचानने से मना कर दिया। राजकुमार ने साफ किया कि जिस व्यक्ति को लूट का संदिग्ध बता पेश किया जा रहा है, वह उस दिन वहां मौजूद नहीं था, जिसके बाद 1 घंटा पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे वापस भेज दिया। हालांकि किरकिरी से बचने के लिए पुलिस इस मामले में कोई जानकारी देने से कतरा रही है। हालांकि जांच में शामिल लोगों ने इस बात की पुष्टि की है। सुजानपुर पुलिस ने पहले तो उ ऐसी कोई पूछताछ होने संबंधी साफ ही इंकार कर दिया गया। जब ड्राइवर राज कुमार को थाना बुलाए जाने संबंधी पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कुछेक कागजों पर हस्ताक्षर करवाने के लिए ही उसे बुलाया गया था। आज हस्ताक्षर करवाने के बाद उसे वापस जम्मू भेज दिया गया है। वहीं दूसरी ओर जब एसएसपी विवेकशील सोनी से इस मामले संबंधी बात करनी चाही तो उनसे संपर्क नहीं हो सका।
चिप लगाने का नहीं मिल पाया कोई फायदा: आंचल सिंह
टैक्सी आपरेटर यूनियन जम्मू के प्रधान आंचल सिंह ने कहा कि दो सप्ताह के लगभग समय बीत चुका है। न तो मामले के आरोपी पुलिस के हाथ लगे हैं और न ही इनोवा का पता लग पाया है। उन्होंने बताया कि इनोवा पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाई गई थी तो उन्हें आश्वस्त किया गया था कि इसमें लगी चिप के आधार पर कोई भी वाहन चोरी होने के तत्काल बाद आरोपी काबू कर लिया जाएगा। अब उन्हें लगता है कि इस नंबर प्लेट के नाम पर उनके साथ लूट की गई थी।
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माधोपुर में 13 तारीख को 4 संदिग्धों ने लूटी थी गाड़ी, संभावित गैंगस्टर को पहचानने से ड्राइवर का इन्कार
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट। माधोपुर में 13 नवंबर को 4 संदिग्धों की ओर से इनोवा लूटने मामले में पुलिस के हाथ अभी तक कुछ नहीं लग पाया है। 4 दिन पहले पुलिस ने दावा किया था कि घटना के बाद ड्राइवर राज कुमार को पुलिस एप पर फोटो दिखाए और उसने कुछ लोगों की पहचान भी की थी। इसी बिनाह पर पुलिस ने दावा ठोका था कि इनोवा छीनने की घटना आतंकी नहीं बल्कि गैंगस्टरों ने की है।
रविवार को जब जालंधर के क्रिमिनल को ड्राइवर के सामने बिठाया गया तो उसने पहचानने से मना कर दिया। राजकुमार ने साफ किया कि जिस व्यक्ति को लूट का संदिग्ध बता पेश किया जा रहा है, वह उस दिन वहां मौजूद नहीं था, जिसके बाद 1 घंटा पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे वापस भेज दिया। हालांकि किरकिरी से बचने के लिए पुलिस इस मामले में कोई जानकारी देने से कतरा रही है। हालांकि जांच में शामिल लोगों ने इस बात की पुष्टि की है। सुजानपुर पुलिस ने पहले तो उ ऐसी कोई पूछताछ होने संबंधी साफ ही इंकार कर दिया गया। जब ड्राइवर राज कुमार को थाना बुलाए जाने संबंधी पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कुछेक कागजों पर हस्ताक्षर करवाने के लिए ही उसे बुलाया गया था। आज हस्ताक्षर करवाने के बाद उसे वापस जम्मू भेज दिया गया है। वहीं दूसरी ओर जब एसएसपी विवेकशील सोनी से इस मामले संबंधी बात करनी चाही तो उनसे संपर्क नहीं हो सका।
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चिप लगाने का नहीं मिल पाया कोई फायदा: आंचल सिंह
टैक्सी आपरेटर यूनियन जम्मू के प्रधान आंचल सिंह ने कहा कि दो सप्ताह के लगभग समय बीत चुका है। न तो मामले के आरोपी पुलिस के हाथ लगे हैं और न ही इनोवा का पता लग पाया है। उन्होंने बताया कि इनोवा पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाई गई थी तो उन्हें आश्वस्त किया गया था कि इसमें लगी चिप के आधार पर कोई भी वाहन चोरी होने के तत्काल बाद आरोपी काबू कर लिया जाएगा। अब उन्हें लगता है कि इस नंबर प्लेट के नाम पर उनके साथ लूट की गई थी।
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