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दीनानगर में पढ़ रहे कश्मीरी छात्रों पर लगाए हिमाचल के छात्र ने राष्ट्रीय ध्वज फाडने के आरोप।
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कश्मीरी छात्रों पर तिरंगा फाड़ने के लगाए आरोप
गुस्से में दीनानगर के लोगों ने किया रोष प्रदर्शन
भारतीय सेना के विरोध में भी सोशल मीडिया पर गलत टिप्पणी करने के आरोप
पुलवामा हमले में दीनानगर के मनिंदर हुए थे शहीद
अमर उजाला ब्यूरो
दीनानगर (गुरदासपुर)। स्वामी सर्वानंद ग्रुप आफ इंस्टीट्यूट (एसएसजीआई) संस्थान में पढ़ रहे कश्मीरी छात्रों पर साथी हिमाचल के छात्र ने तिरंगा फाड़ने तथा उसका अपमान करने के आरोप लगाए हैं। छात्रों का आरोप है कि कश्मीरी छात्रों ने भारतीय सेना के विरोध में फेसबुक पर गलत टिप्पणी कर संदेश डाला। जिसके चलते लोगों में भारी रोष है। इस संबंध में सभी संगठन के नेताओं ने बुधवार को रोष प्रदर्शन करते हुए संस्थान कमेटी के खिलाफ नारेबाजी कर संस्थान की संदिग्ध भूमिका पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
संस्थान में हिमाचल के छात्र अतुल कुमार ने बताया कि रविवार को कॉलेज संस्थान के होस्टल में छात्रों ने पुलवामा में शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए अपने कमरों के बाहर भारतीय ध्वज लगाए थे। इनको कश्मीर से पढ़ने आए छात्र सोहेल व उमर ने फाड़ कर अपमान किया। इसके उपरांत उनकी कश्मीरी छात्रों से कहासुनी हो गई। संस्थान में तैनात प्राध्यापक, जो खुद कश्मीर से हैं, ने मामला बढ़ता देख इसे दबाने की कोशिश की। इसके बाद कश्मीरी छात्र सोेहेल ने धमकाते हुए कहा कि तुम जितने चाहे ध्वज लगा, लो मैं सभी को फाड़ दूंगा। इसके बाद मामला भड़कता चला गया। मैनेजमेंट के पास जब मामला पहुंचा तो उन्होंने इसे रफा-दफा कर दिया। इस बाद कश्मीरी छात्र सोहेल ने उसे फोन पर जान से मारने की धमकी दी गई तो वह डर गया। उसने डरते हुए यह बात अपने होस्टल में रहते अन्य साथियों को बताई तो धीरे धीरे बात शहर में फैल गई।
सभी पार्टी नेताओं ने संस्थान को घेरा
बुधवार को सभी पार्टियों के नेताओं ने संस्थान का घेराव किया तो पुलिस प्रशासन के हाथ पैर फूल गए। हालात पर काबू पाने के लिए डीएसपी बलदेव सिंह, डीएसपी मनजीत सिंह, एसपी हेडर्क्वाटर एसएल सोनी, डीएसपी स्पेशल ब्रांच गुरविंदर सिंह बैंस ने होस्टल की तलाशी लेकर शिकायत देने वाले छात्रों के बयान दर्ज किए। जबकि तलाशी के दौरान कोई भी आपत्तिजनक समान वहां से नहीं मिला। जब इस बारे में संस्थान की कमेटी के प्रधान स्वामी सदानंद व सचिव दिनेश शास्त्री से बात की तो किसी भी प्रश्न का ठोस जवाब न देते हुए कोई जानकारी न होने की बात कहते रहे। उनका कहना था कि वह दो दिन से कहीं बाहर गए थे। हालांकि लोगों में था कि संस्थान मसले को दबा क्यों रहा है।
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सिर्फ दो के साथ ही हुई कहासुनी
गौर रहे कि पुलवामा हमले में शहीद होने वाले में दीनानगर के आर्य नगर के रहने वाले सीआरपीएफ के जवान मनिंदर सिंह भी थे। जिनकी अंतिम यात्रा पर पूरा शहर उमड़ पड़ा था। उन्होंने केंद्र सरकार व पंजाब सरकार से दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस संबंध में जब गुरदासपुर के एसएसपी स्वर्णदीप सिंह ने बताया कि सभी तथ्यों पर जांच कराई जाएगी। दो छात्रों के बीच में हुई कहासुनी को मैनेजमेंट ने सुलझा लिया था। लिखित बयान पुलिस ने दर्ज कर लिए हैं। कालेज में करीब 15 कश्मीरी छात्र पढ़ते हैं और सिर्फ दो से ही कहासुनी हुई है, अन्य के साथ कोई बात नहीं हुई। मामले में सभी तथ्यों पर जांच की जाएगी।
20जीडीआरपी01- बातचीत करते हुए संस्थान के स्वामी सदानंद तथा अन्य।
20जीडीआरपी02- रोष प्रर्दशन करते हुए विभिन्न संगठनों के लोग।
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गुस्से में दीनानगर के लोगों ने किया रोष प्रदर्शन
भारतीय सेना के विरोध में भी सोशल मीडिया पर गलत टिप्पणी करने के आरोप
पुलवामा हमले में दीनानगर के मनिंदर हुए थे शहीद
अमर उजाला ब्यूरो
दीनानगर (गुरदासपुर)। स्वामी सर्वानंद ग्रुप आफ इंस्टीट्यूट (एसएसजीआई) संस्थान में पढ़ रहे कश्मीरी छात्रों पर साथी हिमाचल के छात्र ने तिरंगा फाड़ने तथा उसका अपमान करने के आरोप लगाए हैं। छात्रों का आरोप है कि कश्मीरी छात्रों ने भारतीय सेना के विरोध में फेसबुक पर गलत टिप्पणी कर संदेश डाला। जिसके चलते लोगों में भारी रोष है। इस संबंध में सभी संगठन के नेताओं ने बुधवार को रोष प्रदर्शन करते हुए संस्थान कमेटी के खिलाफ नारेबाजी कर संस्थान की संदिग्ध भूमिका पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
संस्थान में हिमाचल के छात्र अतुल कुमार ने बताया कि रविवार को कॉलेज संस्थान के होस्टल में छात्रों ने पुलवामा में शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए अपने कमरों के बाहर भारतीय ध्वज लगाए थे। इनको कश्मीर से पढ़ने आए छात्र सोहेल व उमर ने फाड़ कर अपमान किया। इसके उपरांत उनकी कश्मीरी छात्रों से कहासुनी हो गई। संस्थान में तैनात प्राध्यापक, जो खुद कश्मीर से हैं, ने मामला बढ़ता देख इसे दबाने की कोशिश की। इसके बाद कश्मीरी छात्र सोेहेल ने धमकाते हुए कहा कि तुम जितने चाहे ध्वज लगा, लो मैं सभी को फाड़ दूंगा। इसके बाद मामला भड़कता चला गया। मैनेजमेंट के पास जब मामला पहुंचा तो उन्होंने इसे रफा-दफा कर दिया। इस बाद कश्मीरी छात्र सोहेल ने उसे फोन पर जान से मारने की धमकी दी गई तो वह डर गया। उसने डरते हुए यह बात अपने होस्टल में रहते अन्य साथियों को बताई तो धीरे धीरे बात शहर में फैल गई।
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सभी पार्टी नेताओं ने संस्थान को घेरा
बुधवार को सभी पार्टियों के नेताओं ने संस्थान का घेराव किया तो पुलिस प्रशासन के हाथ पैर फूल गए। हालात पर काबू पाने के लिए डीएसपी बलदेव सिंह, डीएसपी मनजीत सिंह, एसपी हेडर्क्वाटर एसएल सोनी, डीएसपी स्पेशल ब्रांच गुरविंदर सिंह बैंस ने होस्टल की तलाशी लेकर शिकायत देने वाले छात्रों के बयान दर्ज किए। जबकि तलाशी के दौरान कोई भी आपत्तिजनक समान वहां से नहीं मिला। जब इस बारे में संस्थान की कमेटी के प्रधान स्वामी सदानंद व सचिव दिनेश शास्त्री से बात की तो किसी भी प्रश्न का ठोस जवाब न देते हुए कोई जानकारी न होने की बात कहते रहे। उनका कहना था कि वह दो दिन से कहीं बाहर गए थे। हालांकि लोगों में था कि संस्थान मसले को दबा क्यों रहा है।
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सिर्फ दो के साथ ही हुई कहासुनी
गौर रहे कि पुलवामा हमले में शहीद होने वाले में दीनानगर के आर्य नगर के रहने वाले सीआरपीएफ के जवान मनिंदर सिंह भी थे। जिनकी अंतिम यात्रा पर पूरा शहर उमड़ पड़ा था। उन्होंने केंद्र सरकार व पंजाब सरकार से दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस संबंध में जब गुरदासपुर के एसएसपी स्वर्णदीप सिंह ने बताया कि सभी तथ्यों पर जांच कराई जाएगी। दो छात्रों के बीच में हुई कहासुनी को मैनेजमेंट ने सुलझा लिया था। लिखित बयान पुलिस ने दर्ज कर लिए हैं। कालेज में करीब 15 कश्मीरी छात्र पढ़ते हैं और सिर्फ दो से ही कहासुनी हुई है, अन्य के साथ कोई बात नहीं हुई। मामले में सभी तथ्यों पर जांच की जाएगी।
20जीडीआरपी01- बातचीत करते हुए संस्थान के स्वामी सदानंद तथा अन्य।
20जीडीआरपी02- रोष प्रर्दशन करते हुए विभिन्न संगठनों के लोग।