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आरएमपी डाक्टर के इंजेक्शन लगाने से बच्चे की हुई मौत
Updated Thu, 03 May 2018 10:32 PM IST
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आरएमपी डाक्टर के इंजेक्शन लगाने से बच्चे की हुई मौत
परिवार ने एसएसपी को लगाई इंसाफ की गुहार
इतने दिन बीत जाने के बावजूद नहीं हुआ मामला दर्ज
गुरदासपुर
कस्बा मानचोपड़ा की निवासी परमजीत कौर पत्नी अमरजीत कौर निवासी गांव भुंभली के नौजवान बेटे की एक आरएमपी डाक्टर की कथित लापरवाही से गलत टीका लगने से जान चली गई। करीब 10 दिन बीत बाद भी पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया है।
अपने परिवार समेत परमजीत कौर ने एसएसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में लिखा है कि 24 अप्रैल 2018 को करीब 8 बजे उनका लड़के हरप्रीत सिंह की बाजू टूट गई। जिस कारण उसे गांव में ही तैनात डॉे. जगीर सिंह उर्फ लाड़ी निवासी मानचोपड़ा के पास लेकर गए तो जगीर सिंह कहने लगा कि वह उनके लड़के को ठीक कर सकता है। पहले तो वह कच्ची पट्टी फिर इसकी टूटी बाजू को ठीक कर देगा। मेरा पति और मेरा बड़ा लड़का लवप्रीत सिंह उक्त डाक्टर जगीर सिंह आरएमपी पास गए। जगीर सिंह ने उन्हें कहा कि आपके लड़के का नार्मल सा आपरेशन करना है, जिस पर डाक्टर ने मेरे लड़के को टीका लगा दिया। मेरे बड़े लकड़े ने डाक्टर के कहे अनुसार उसे पांच हजार रुपये मौके पर ही दिए। जबकि डाक्टर के टीका लगने के तुरंत बाद बेटा बेहोश हो गया और उसके मुंह से झाग निकलने लगी। लड़के की हालत खराब होती देख मेरा बड़ा लड़का और पति उसे बाइक पर सवार होकर सिविल अस्पताल गुरदासपुर पहुंच गए। जबकि जाते जाते ही मेरे लड़के की तबीयत काफी बिगड़ चुकी थी। सिविल अस्पताल पहुंचने पर डाक्टरों ने उसे मृतक घोषित करार दे दिया। मौत हो जाने के बाद उक्त आरएमपी डाक्टर जगीर सिंह मौके पर से फरार हो गया। डाक्टरों ने बताया कि गलत इंजेक्शन लगाने के कारण युवक की मौत हो गई है। पीड़िता ने बताया कि जिस वक्त मेेरे लड़के को जगीर सिंह ने इंजेक्शन लगाया था उसके साथ उसका लड़का जिसका नाम मालूम नहीं है ने मेरा बेटे की कस कर बाजू पकड़ी थी। अब वह डाक्टर हमें आदमी भे कर 2 लाख रुपये लेकर मामला रफा दफा करने की बात कर रहे हैं। जबकि अभी तक आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कर आरोेपी के खिलाफ बनती कार्रवाई की जाए। इस संबंधी एसएसपी हरचरण सिंह भुल्लर से जब संपर्क किया गया तो उनसे बात नही हो सकी। पीड़िता ने जिला प्रमुख से इंसाफ की गुहार लगाई है।
03जीडीआर014- परिवार के साथ एसएसपी को शिकायत पत्र देती परमजीत कौर।
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परिवार ने एसएसपी को लगाई इंसाफ की गुहार
इतने दिन बीत जाने के बावजूद नहीं हुआ मामला दर्ज
गुरदासपुर
कस्बा मानचोपड़ा की निवासी परमजीत कौर पत्नी अमरजीत कौर निवासी गांव भुंभली के नौजवान बेटे की एक आरएमपी डाक्टर की कथित लापरवाही से गलत टीका लगने से जान चली गई। करीब 10 दिन बीत बाद भी पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया है।
अपने परिवार समेत परमजीत कौर ने एसएसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में लिखा है कि 24 अप्रैल 2018 को करीब 8 बजे उनका लड़के हरप्रीत सिंह की बाजू टूट गई। जिस कारण उसे गांव में ही तैनात डॉे. जगीर सिंह उर्फ लाड़ी निवासी मानचोपड़ा के पास लेकर गए तो जगीर सिंह कहने लगा कि वह उनके लड़के को ठीक कर सकता है। पहले तो वह कच्ची पट्टी फिर इसकी टूटी बाजू को ठीक कर देगा। मेरा पति और मेरा बड़ा लड़का लवप्रीत सिंह उक्त डाक्टर जगीर सिंह आरएमपी पास गए। जगीर सिंह ने उन्हें कहा कि आपके लड़के का नार्मल सा आपरेशन करना है, जिस पर डाक्टर ने मेरे लड़के को टीका लगा दिया। मेरे बड़े लकड़े ने डाक्टर के कहे अनुसार उसे पांच हजार रुपये मौके पर ही दिए। जबकि डाक्टर के टीका लगने के तुरंत बाद बेटा बेहोश हो गया और उसके मुंह से झाग निकलने लगी। लड़के की हालत खराब होती देख मेरा बड़ा लड़का और पति उसे बाइक पर सवार होकर सिविल अस्पताल गुरदासपुर पहुंच गए। जबकि जाते जाते ही मेरे लड़के की तबीयत काफी बिगड़ चुकी थी। सिविल अस्पताल पहुंचने पर डाक्टरों ने उसे मृतक घोषित करार दे दिया। मौत हो जाने के बाद उक्त आरएमपी डाक्टर जगीर सिंह मौके पर से फरार हो गया। डाक्टरों ने बताया कि गलत इंजेक्शन लगाने के कारण युवक की मौत हो गई है। पीड़िता ने बताया कि जिस वक्त मेेरे लड़के को जगीर सिंह ने इंजेक्शन लगाया था उसके साथ उसका लड़का जिसका नाम मालूम नहीं है ने मेरा बेटे की कस कर बाजू पकड़ी थी। अब वह डाक्टर हमें आदमी भे कर 2 लाख रुपये लेकर मामला रफा दफा करने की बात कर रहे हैं। जबकि अभी तक आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कर आरोेपी के खिलाफ बनती कार्रवाई की जाए। इस संबंधी एसएसपी हरचरण सिंह भुल्लर से जब संपर्क किया गया तो उनसे बात नही हो सकी। पीड़िता ने जिला प्रमुख से इंसाफ की गुहार लगाई है।
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03जीडीआर014- परिवार के साथ एसएसपी को शिकायत पत्र देती परमजीत कौर।