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सरकार के खिलाफ फूटा नर्सिंग स्टाफ का गुस्सा
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर
Updated Tue, 08 Dec 2015 10:12 PM IST
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गुरु नानक देव अस्पताल की सैकड़ों नर्सों का मंगलवार को सरकार के खिलाफ गुस्सा फूट पड़ा। पंजाब ठेका नर्सिंग एंड पैरा मेडिकल इंप्लाइज एसोसिएशन के बैनर तले नर्सिंग स्टाफ ने मजीठा रोड पर सुबह 11 बजे से जाम लगा दिया। एसडीएम मंजीत सिंह के आश्वासन पर तीन घंटे बाद धरना उठाया गया।
नर्सिंग स्टाफ यूनियन की प्रधान मंजीत कौर ने कहा कि राज्य सरकार ने उन्हें 2010 में ठेके के आधार पर रखा था। उसी के आधार पर उन्हें हर माह 12000 हजार के हिसाब से मासिक वेतन मिल रहा है। चार माह से उन्हें वेतन नहीं मिला है जिससे घर का गुजारा मुश्किल हो रहा है।
अस्पताल प्रशासन व सरकार के मंत्रियों से मुलाकात के बाद भी समस्या जस की तस है। सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जब कैबिनेट मंत्री अनिल जोशी से अपनी समस्याओं को लेकर मुलाकात की थी तब उन्होंने आश्वासन दिया था कि वह इस बाबत मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से मिलकर समस्या का जल्द समाधान निकालेंगे लेकिन उन्होंने अब तक कुछ नहीं किया।
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मजबूरन उन्हें सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करना पड़ा। धरने का पता चलने पर पुलिस प्रशासन ने थाना मजीठा रोड पुलिस को धरनास्थल पर तैनात कर दिया। थाना प्रभारी गगनदीप सिंह की ओर से नर्सिंग स्टाफ की अध्यक्षा को कई बार समझाने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने पुलिस की एक न सुनी।
बाद में एसडीएम मंजीत सिंह धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने उनका मांगपत्र मुख्यमंत्री तक पहुंचाने और समस्या के निदान का आश्वासन दिया। इसके बाद जाम हटाया गया।
कैबिनेट मंत्री अनिल जोशी का कहना है कि नर्सिंग स्टाफ को धरना देने की आदत पड़ गई है। उनका वेतन जल्द जारी कर दिया जाएगा। ठेके पर रखे गए मुलाजिमों को पक्का करना आसान बात नहीं है।
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नर्सिंग स्टाफ यूनियन की प्रधान मंजीत कौर ने कहा कि राज्य सरकार ने उन्हें 2010 में ठेके के आधार पर रखा था। उसी के आधार पर उन्हें हर माह 12000 हजार के हिसाब से मासिक वेतन मिल रहा है। चार माह से उन्हें वेतन नहीं मिला है जिससे घर का गुजारा मुश्किल हो रहा है।
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अस्पताल प्रशासन व सरकार के मंत्रियों से मुलाकात के बाद भी समस्या जस की तस है। सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जब कैबिनेट मंत्री अनिल जोशी से अपनी समस्याओं को लेकर मुलाकात की थी तब उन्होंने आश्वासन दिया था कि वह इस बाबत मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से मिलकर समस्या का जल्द समाधान निकालेंगे लेकिन उन्होंने अब तक कुछ नहीं किया।
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मजबूरन उन्हें सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करना पड़ा। धरने का पता चलने पर पुलिस प्रशासन ने थाना मजीठा रोड पुलिस को धरनास्थल पर तैनात कर दिया। थाना प्रभारी गगनदीप सिंह की ओर से नर्सिंग स्टाफ की अध्यक्षा को कई बार समझाने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने पुलिस की एक न सुनी।
बाद में एसडीएम मंजीत सिंह धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने उनका मांगपत्र मुख्यमंत्री तक पहुंचाने और समस्या के निदान का आश्वासन दिया। इसके बाद जाम हटाया गया।
कैबिनेट मंत्री अनिल जोशी का कहना है कि नर्सिंग स्टाफ को धरना देने की आदत पड़ गई है। उनका वेतन जल्द जारी कर दिया जाएगा। ठेके पर रखे गए मुलाजिमों को पक्का करना आसान बात नहीं है।