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जत्थेदार ने दिए आदेश- एसजीपीसी के दो वरिष्ठ सदस्य तनखैया घोषित और तीन अधिकारी सस्पेंड
Wed, 05 Aug 2020 02:28 PM IST
पंजाब ब्यूरो
अमर उजाला, अमृतसर
अमर उजाला, अमृतसर
Published by: पंजाब ब्यूरो
Updated Wed, 05 Aug 2020 02:28 PM IST
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सुच्चा सिंह लंगाह
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श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने एसजीपीसी के सीनियर सदस्य गुरिंदरपाल सिंह गोरा व एसजीपीसी की धर्म प्रचार कमेटी के पूर्व सदस्य रत्न सिंह जफरवाल को तनखैया घोषित कर दिया है। जत्थेदार ने एसजीपीसी को आदेश दिया है कि इन दोनों को धार्मिक व अन्य सब-कमेटियों से भी बाहर निकाल दिया जाए। इन दोनों पर सिख पंथ से निष्कासित पूर्व मंत्री सुच्चा सिंह लंगाह को पंथ में दोबारा शामिल करने के लिए गुरदासपुर स्थित गुरुद्वारा गढ़ी बंदा सिंह बहादुर के पंज प्यारों के समक्ष पेश करने का आरोप है
जत्थेदार ने बिना नाम लिए शिअद (बादल) के अध्यक्ष सुखबीर बादल को भी निर्देश दिए हैं कि पंथ निष्कासित लंगाह के साथ जिन नेताओं का उठना-बैठना है, उसके साथ सांझ रखने वालों व अन्य राजनीतिक संबंध जोड़ने वाले अकाली नेताओं की अपने स्तर पर जांच करवा कर उन्हें पार्टी से निष्कासित करें। जत्थेदार ने एसजीपीसी को आदेश दिए कि लंगाह के साथ संबंध रखने वाले एसजीपीसी के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों की जांच के लिए एक सब-कमेटी का गठन किया जाए और उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाए।
21 साल बाद श्री अकाल तख्त साहिब के किसी जत्थेदार ने एसजीपीसी के किसी सदस्य को तनखैया घोषित किया है। इससे पहले तत्कालीन जत्थेदार भाई रंजीत सिंह और ज्ञानी पूर्ण सिंह ने एसजीपीसी के कुछ सदस्यों पर कार्रवाई की थी।
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जत्थेदार ने बिना नाम लिए शिअद (बादल) के अध्यक्ष सुखबीर बादल को भी निर्देश दिए हैं कि पंथ निष्कासित लंगाह के साथ जिन नेताओं का उठना-बैठना है, उसके साथ सांझ रखने वालों व अन्य राजनीतिक संबंध जोड़ने वाले अकाली नेताओं की अपने स्तर पर जांच करवा कर उन्हें पार्टी से निष्कासित करें। जत्थेदार ने एसजीपीसी को आदेश दिए कि लंगाह के साथ संबंध रखने वाले एसजीपीसी के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों की जांच के लिए एक सब-कमेटी का गठन किया जाए और उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाए।
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21 साल बाद श्री अकाल तख्त साहिब के किसी जत्थेदार ने एसजीपीसी के किसी सदस्य को तनखैया घोषित किया है। इससे पहले तत्कालीन जत्थेदार भाई रंजीत सिंह और ज्ञानी पूर्ण सिंह ने एसजीपीसी के कुछ सदस्यों पर कार्रवाई की थी।
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एसजीपीसी ने तीन अधिकारियों को किया सस्पेंड
गुरुद्वारा गढ़ी बंदा सिंह बहादुर के पंज प्यारों से सुच्चा सिंह लंगाह को अमृत छकाने के आरोप में एसजीपीसी ने तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। इनमें गुरुद्वारा साहिब के इंचार्ज यशपाल सिंह, ग्रंथी खुशवंत सिंह और कथावाचक हरमीत सिंह है।
सख्त कार्रवाई की हुई थी मांग
इससे पहले भाई लखविंदर सिंह की अगुवाई में एक जत्थे ने जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह को एक ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में मांग की गई कि लंगाह को अमृत छकाने वाले पंज प्यारों, एसजीपीसी सदस्य गुरिंदर पाल सिंह गोरा व रत्न सिंह जफरवाल के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में में कोई भी सिख श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को चुनौती न दे सके।
निहंग तरसेम सिंह ने लंगाह को अमृत छका कर पंज प्यारों व श्री अकाल तख्त साहिब के बीच टकराव पैदा करने की कोशिश की है। श्री अकाल तख्त से निष्कासित सिख को किसी दूसरे गुरुद्वारा साहिबान से अमृत नहीं छकाया जा सकता। गुरुद्वारा साहिब में बैठने वाला निहंग तरसेम सिंह गुरुद्वारा बंदा सिंह बहादुर में मनमर्जी कर रहा है।
सख्त कार्रवाई की हुई थी मांग
इससे पहले भाई लखविंदर सिंह की अगुवाई में एक जत्थे ने जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह को एक ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में मांग की गई कि लंगाह को अमृत छकाने वाले पंज प्यारों, एसजीपीसी सदस्य गुरिंदर पाल सिंह गोरा व रत्न सिंह जफरवाल के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में में कोई भी सिख श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को चुनौती न दे सके।
निहंग तरसेम सिंह ने लंगाह को अमृत छका कर पंज प्यारों व श्री अकाल तख्त साहिब के बीच टकराव पैदा करने की कोशिश की है। श्री अकाल तख्त से निष्कासित सिख को किसी दूसरे गुरुद्वारा साहिबान से अमृत नहीं छकाया जा सकता। गुरुद्वारा साहिब में बैठने वाला निहंग तरसेम सिंह गुरुद्वारा बंदा सिंह बहादुर में मनमर्जी कर रहा है।