{"_id":"92-31303","slug":"Amritsar-31303-92","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘सति सरोत’ के लेखक पर केस दर्ज कराएगी एसजीपीसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘सति सरोत’ के लेखक पर केस दर्ज कराएगी एसजीपीसी
Amritsar
Updated Fri, 14 Dec 2012 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमृतसर। एसजीपीसी अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ ने कहा कि डेरा नानक निरवान काशीपुर, हीरा सिंह वाला जिला बठिंडा के बैनर तले प्रकाशित पंजाबी पुस्तक ‘सति सरोत’ के लेखक केवल कृ ष्ण के खिलाफ केस दर्ज करवाने के आदेश दे दिए गए हैं। एसजीपीसी के धर्म प्रचार विंग के सचिव ने पुलिस कमिश्नर को इस संबंध में शिकायती पत्र दिया है।
मक्कड़ ने बताया कि किसी भी डेरे या संस्थान के लेखक को गुरबाणी की लाइनों और अरदास आदि को तोड़ मरोड़ कर अपने हित में अर्थ निकालने की इजाजत एसजीपीसी नहीं देती है। ‘सति सरोत’ के लेखक ने अपने तंग नजरिए का प्रदर्श्न करते हुए गुरु साहिब की लिखी गुरबाणी के अर्थ तोड़ मरोड़ कर लिखे हैं। लेखक ने अपने डेरे के मुखियों को ऊपर उठाने की कोशिश की है। इस से सिख संगत के अंदर काफी भ्रम पैदा हो गए हैं। इससे संगत के मन में कई तरह के सवाल भी पैदा हुए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी लेखक अपने स्वार्थों के लिए गुरबाणी के अर्थ तोड़ मरोड़ कर पेश करेगा उसके खिलाफ एसजीपीसी कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी।
इस संबंध में एसजीपीसी के धर्म प्रचार विंग की ओर से अमृतसर के पुलिस कमिश्नर के पास आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए शिकायत दी गई है। उन्होंने कहा कि इससे पहले बाबा भनियारा वाला आदि की ओर से गुरबाणी को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया ।
विज्ञापन
विज्ञापन
मक्कड़ ने बताया कि किसी भी डेरे या संस्थान के लेखक को गुरबाणी की लाइनों और अरदास आदि को तोड़ मरोड़ कर अपने हित में अर्थ निकालने की इजाजत एसजीपीसी नहीं देती है। ‘सति सरोत’ के लेखक ने अपने तंग नजरिए का प्रदर्श्न करते हुए गुरु साहिब की लिखी गुरबाणी के अर्थ तोड़ मरोड़ कर लिखे हैं। लेखक ने अपने डेरे के मुखियों को ऊपर उठाने की कोशिश की है। इस से सिख संगत के अंदर काफी भ्रम पैदा हो गए हैं। इससे संगत के मन में कई तरह के सवाल भी पैदा हुए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी लेखक अपने स्वार्थों के लिए गुरबाणी के अर्थ तोड़ मरोड़ कर पेश करेगा उसके खिलाफ एसजीपीसी कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी।
विज्ञापन
इस संबंध में एसजीपीसी के धर्म प्रचार विंग की ओर से अमृतसर के पुलिस कमिश्नर के पास आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए शिकायत दी गई है। उन्होंने कहा कि इससे पहले बाबा भनियारा वाला आदि की ओर से गुरबाणी को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया ।
विज्ञापन