फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Amritsar News ›   अमृतसर कांड पंजाब के माथे पर कलंक : लक्ष्मीकांता चावला

अमृतसर कांड पंजाब के माथे पर कलंक : लक्ष्मीकांता चावला

Sun, 09 Dec 2012 05:30 AM IST
Amritsar
Amritsar Updated Sun, 09 Dec 2012 05:30 AM IST
विज्ञापन
अमृतसर। पूर्व कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीकांता चावला ने कहा कि चार महीने पहले हथियारों के बल पर सरकारी साये में पलने वाले गुंडों द्वारा छात्रा अपहरण कांड और अब अकाली दल के पदाधिकारी द्वारा किसी बेटी को अपमानित करने की कोशिश और विरोध करने पर उसके एएसआई पिता की हत्या, पंजाब के माथे पर दो बड़े कलंक हैं। चावला ने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को एक पत्र लिखा है।
विज्ञापन

इसमें उन्होंने लिखा है कि मेरा सवाल यह है कि जिस तरह अब आपकी सरकार ने तेजी से कदम उठाया, जनता को यह बताया कि पांच जिलों के एसएसपी मिलकर अभियान करते रहे और उन्होंने 24 घंटे के अंदर अपराधी पकड़ लिए तो क्या यही तेजी छात्रा को बरामद करने और अपहरणकर्ताओं को पकड़ने के लिए नहीं दिखाई जा सकती थी। फरीदकोट में पुलिस की लापरवाही या सरकारी आदेशों से देरी के लिए किसे दंड दिया गया। क्या यह सच नहीं कि फरीदकोट में ड्यूटी पूरी न करने वाले अफसरों को ट्रांसफर के नाम पर पुरस्कार दिया गया।
विज्ञापन

पूर्व मंत्री ने कहा कि मुझे ऐसा लगता है कि पुलिस जो बहुत जल्दी हरकत में आई, उसका कारण अकाली दल की बदनामी होना था, एएसआई की मौत की शायद इतनी चिंता न होती। सवाल सरकार से है कि क्या एक बेटी को गुंडों द्वारा उठाया जाना, उसका अपमान होना और एक बेटी के लिए उसके पिता की हत्या कर देना क्या एक जैसे घृणित अपराध नहीं। सारी जनता जानती है कि सरकार की यह तेजी अपनी नाक बचाने के लिए है, इससे ज्यादा कुछ नहीं। अब अपनी भूल सुधारिए और शहीद एएसआई की बेटी और फरीदकोट की छात्रा दोनों को ही पुलिस में उच्च पद दें, जिससे यह दोनों युवतियां गुंडों और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध पूरी निष्ठा से काम कर सकें। घायल की गति घायल जानता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed