{"_id":"5ab13dad4f1c1bb22a8b466b","slug":"81521565101-amritsar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार की पुष्टि पर कोई भरोसा नही,आस अभी भी बाकी- मनजीत सिंह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार की पुष्टि पर कोई भरोसा नही,आस अभी भी बाकी- मनजीत सिंह
Updated Tue, 20 Mar 2018 10:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकार की पुष्टि पर कोई भरोसा नहीं : मनजीत सिंह
2014 में मलकीत सिंह और उसका साला हरीश काम से गए थे इराक
अमर उजाला ब्यूरो
बटाला।
इराक में 39 भारतीयों की मौत की खबर कोे बटाला के मोहल्ला तेलियांवाल के रहने वाले मलकीत सिंह के भाई मनजीत सिंह ने सही मानने से इंकार कर दिया है। मनजीत सिंह का कहना है कि उन्हें सरकार की बातों पर यकीन नहीं है। इस संबंध में मलकीत सिंह के भाई मनजीत सिंह ने सरकार की इस पुष्टि से असंतुष्टि जताते हुए कहा कि उनका भाई मलकीत सिंह और मलकीत का साला हरीश कुमार 2014 में दोनों इराक में इकट्ठे काम के लिए गए थे। पहले हरीश कुमार बटाला में रहता था, लेकिन अब कुछ सालों से हरीश के परिवार की रिहाइश अमृतसर में हैं। भाई मनजीत सिंह ने बताया कि जब से सरकार के अधिकारी उनका डीएनए लेकर गए थे, तभी से उनको कुछ गड़बड़ लग रही थी। मनजीत सिंह ने आरोप लगाया है कि सरकार अब इस मामले से पल्ला झाड़ना चाहती है। उन्होंने बताया कि जब वह इस मामले में सरकार के पास जाते थे, तब सरकार का बयान और होता था, अब कुछ और बयान दिया जा रहा है। मनजीत सिंह ने बताया कि कल तक जो सरकार इन भारतीयों के जीवित होने की बात करती थी, वह आज उनके मारे जाने के सबूत दे रही है। मनजीत सिंह ने कहा कि चाहे सरकार ने इन युवकों की मारे जाने की पुष्टि कर दी है, मगर इससे उनकी आस नहीं टूटी और आज भी विश्वास है कि उनके भाई एक दिन सही सलामत घर आएंगे।
विज्ञापन
2014 में मलकीत सिंह और उसका साला हरीश काम से गए थे इराक
अमर उजाला ब्यूरो
बटाला।
इराक में 39 भारतीयों की मौत की खबर कोे बटाला के मोहल्ला तेलियांवाल के रहने वाले मलकीत सिंह के भाई मनजीत सिंह ने सही मानने से इंकार कर दिया है। मनजीत सिंह का कहना है कि उन्हें सरकार की बातों पर यकीन नहीं है। इस संबंध में मलकीत सिंह के भाई मनजीत सिंह ने सरकार की इस पुष्टि से असंतुष्टि जताते हुए कहा कि उनका भाई मलकीत सिंह और मलकीत का साला हरीश कुमार 2014 में दोनों इराक में इकट्ठे काम के लिए गए थे। पहले हरीश कुमार बटाला में रहता था, लेकिन अब कुछ सालों से हरीश के परिवार की रिहाइश अमृतसर में हैं। भाई मनजीत सिंह ने बताया कि जब से सरकार के अधिकारी उनका डीएनए लेकर गए थे, तभी से उनको कुछ गड़बड़ लग रही थी। मनजीत सिंह ने आरोप लगाया है कि सरकार अब इस मामले से पल्ला झाड़ना चाहती है। उन्होंने बताया कि जब वह इस मामले में सरकार के पास जाते थे, तब सरकार का बयान और होता था, अब कुछ और बयान दिया जा रहा है। मनजीत सिंह ने बताया कि कल तक जो सरकार इन भारतीयों के जीवित होने की बात करती थी, वह आज उनके मारे जाने के सबूत दे रही है। मनजीत सिंह ने कहा कि चाहे सरकार ने इन युवकों की मारे जाने की पुष्टि कर दी है, मगर इससे उनकी आस नहीं टूटी और आज भी विश्वास है कि उनके भाई एक दिन सही सलामत घर आएंगे।