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भूख हड़ताल पर बैठी दो महिला मुलाजिमों की हालत बिगड़ी

Mon, 01 Apr 2019 10:35 PM IST
Panchkula bureau Panchkula bureau
Updated Mon, 01 Apr 2019 10:35 PM IST
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भूख हड़ताल पर बैठी दो महिला मुलाजिमों की हालत बिगड़ी
धरने पर बैठी दो महिलाओं की हाल बिगड़ी
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अस्पताल में कराया गया भर्ती, चार अप्रैल तक बहाली न होने पर मरणव्रत की चेतावनी
एसजीपीसी की ओर से निकाले गए 523 कर्मचारी चार दिन से हड़ताल पर
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मुख्यालय तेजा सिंह समुंद्री हॉल के बाहर नौकरी बहाली के लिए भूख हड़ताल व धरना-प्रदर्शन पर बैठी दो महिला कर्मचारियों की सेहत बिगड़ गई है। दोनों महिलाओं को तुरंत श्री गुरु राम दास चैरिटेबल हॉस्पिटल में दाखिल करवाया गया। वहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। अस्पताल के डॉक्टर की टीम ने उनका इलाज शुरू कर दिया है। चार दिन से भूख हड़ताल पर बैठी इन महिलाओं के नाम मंजीत कौर और राजविंदर कौर है।
निकाले गए कर्मचारियों की अगुवाई कर रहे शमशेर सिंह ने बताया कि एसजीपीसी ने नियमों के विपरीत भर्ती का बहाना बनाकर 523 मुलाजिमों को नौकरी से निकाल दिया है। एसजीपीसी के प्रधान भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल से कई बार उन्हें बहाल करने की अपील की गई। नौकरी से निकाले मुलाजिमों ने पांच बार शांतिमय ढंग से प्रदर्शन कर एसजीपीसी का ध्यान उनकी मांगो के प्रति दिलवाने के प्रयास किए हैं। पांचों बार एसजीपीसी के अधिकारियों के आश्वासन पर उन्होंने धरने खत्म किए हैं। इसके बावजूद एसजीपीसी ने उनकी मांगे स्वीकार नहीं की। बजट अधिवेशन में भी उनकी मांगों पर कोई भी निर्णय नहीं किया गया है।
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शमशेर सिंह ने एसजीपीसी अधिकारीयों को चेतावनी दी की यदि चार अप्रैल तक उनकी मांगे स्वीकार नहीं की गई तो पांच अप्रैल से भूख हड़ताल मरणव्रत में तब्दील हो जाएगी।
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523 कर्मचारियों की बहाली के प्रयास जारी हैं : लौंगोवाल
एसजीपीसी के अध्यक्ष भाई गोबिद सिंह लौंगोवाल का कहना है कि वह फारिग किए गए 523 मुलाजिमों को बहाल करने के पक्ष में हैं। निकाले गए कर्मचारियों का केस अदालत में चल रहा है। इस कारण उनकी बहाली में कुछ क़ानूनी पेंच फंसे हुए हैं। एसजीपीसी इन मुलाजिमों की बहाली के लिए वचनबद्ध है। एसजीपीसी के सीनियर उपप्रधान रघुजीत सिंह विर्क ने कहा कि इन मुलाजिमों की बहाली का अधिकार प्रधान भाई लौंगोवाल का है। इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने कभी इन कर्मचारियों की बहाली का विरोध नहीं किया है।


कर्मचारियाें से 30 अप्रैल तक का समय मांगा
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर। एसजीपीसी की ओर से निकाले गए मुलाजिमों के मसले को लेकर एक बैठक का आयोजन किया गया। छह घंटे चली इस बैठक में मुख्य सचिव डॉ. रूप सिंह, एसजीपीसी सदस्य भाई राजिंदर सिंह मेहता, भगवंत सिंह स्यालका, भाई राम सिंह के साथ-साथ सचिव दर्शन सिंह, मंजीत सिंह बाठ व बलविंदर सिंह जोड़ासिंघा शामिल हुए। बैठक के बाद फारिग किए गए मुलाजिमों के साथ बातचीत कर उनसे धरना समाप्त करने की अपील की गई। डॉ. रूप सिंह ने बताया कि मुलाजिमों से इस मसले के हल के लिए 30 अप्रैल का समय मांगा गया है। एसजीपीसी अधिकारियों और सदस्यों ने विश्वास दिलाया कि 30 अप्रैल तक उनके मसले का हल हो जाएगा। मसले के हल के लिए प्रधान लौंगोवाल से भी बातचीत की गई है। निकाले गए कर्मचारियों को बातचीत के लिए बुलाया गया था। फारिग कर्मचारी अपना अड़ियल रवैया छोड़कर बातचीत के लिए आगे आएं।
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