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‘मनमानी फीस वसूल रहे स्कूल, प्रशासन बना हुआ है मौन’
Updated Tue, 03 Apr 2018 09:48 PM IST
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‘मनमानी फीस ले रहे स्कूल, प्रशासन मौन’
शिवसेना समाजवादी ने उठाया निजी स्कूलों की फीसों का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट।
शिवसेना समाजवादी ने पार्टी कार्यालय में राष्ट्रीय उपप्रमुख ओंकार नाथ शर्मा की अगुवाई में बैठक का आयोजन किया। बैठक में निजी स्कूलों की मनमानी का मुद्दा उठाया गया।
राष्ट्रीय उपप्रमुख शर्मा ने कहा निजी स्कूलों और कालेज सरकार से निर्धारित फीसों से अधिक की वसूली कर रहे हैं। सब कुछ जानते हुए भी प्रशासन चुप्पी साधे बैठा है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकारी स्कूल को बढ़ावा देने के लिए सरकार नई-नई स्कीमें दे रही है ताकि सरकारी स्कूल के बच्चों की संख्या अधिक हो। दूसरी ओर निजी स्कूलों की लूट की ओर ध्यान नहीं जा रहा है। उन्होंने बताया कि निजी स्कूल बच्चों के जूतों से लेकर किताबें तक दे रहे है। इन्हें न कोई सेल टैक्स वाला चैक करता है और न इनकम टैक्स वाले चेक करते हैं।
वहीं बच्चों को दाखिल कराने पर भी टैक्स के नाम पर भी पैसे वसूलते है। दस की सीट हो तो 100 बच्चों के दाखिल टेस्ट लेते हैं। शेष बच्चों के पैसों का डकार लेते हैं और उन पैसों की कोई भी रसीद नहीं मिलती। उत्तर भारत के उपप्रमुख राजिंद्र जिंदी ने कहा कि निजी स्कूलों का सरकार की ओर से निरीक्षण होना चाहिए। इस मौके पर जिला चेयरमैन मंगा बाबा, तहसील प्रधान अशोक, गणेश महाजन उपस्थित थे।
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शिवसेना समाजवादी ने उठाया निजी स्कूलों की फीसों का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट।
शिवसेना समाजवादी ने पार्टी कार्यालय में राष्ट्रीय उपप्रमुख ओंकार नाथ शर्मा की अगुवाई में बैठक का आयोजन किया। बैठक में निजी स्कूलों की मनमानी का मुद्दा उठाया गया।
राष्ट्रीय उपप्रमुख शर्मा ने कहा निजी स्कूलों और कालेज सरकार से निर्धारित फीसों से अधिक की वसूली कर रहे हैं। सब कुछ जानते हुए भी प्रशासन चुप्पी साधे बैठा है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकारी स्कूल को बढ़ावा देने के लिए सरकार नई-नई स्कीमें दे रही है ताकि सरकारी स्कूल के बच्चों की संख्या अधिक हो। दूसरी ओर निजी स्कूलों की लूट की ओर ध्यान नहीं जा रहा है। उन्होंने बताया कि निजी स्कूल बच्चों के जूतों से लेकर किताबें तक दे रहे है। इन्हें न कोई सेल टैक्स वाला चैक करता है और न इनकम टैक्स वाले चेक करते हैं।
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वहीं बच्चों को दाखिल कराने पर भी टैक्स के नाम पर भी पैसे वसूलते है। दस की सीट हो तो 100 बच्चों के दाखिल टेस्ट लेते हैं। शेष बच्चों के पैसों का डकार लेते हैं और उन पैसों की कोई भी रसीद नहीं मिलती। उत्तर भारत के उपप्रमुख राजिंद्र जिंदी ने कहा कि निजी स्कूलों का सरकार की ओर से निरीक्षण होना चाहिए। इस मौके पर जिला चेयरमैन मंगा बाबा, तहसील प्रधान अशोक, गणेश महाजन उपस्थित थे।
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