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स्वच्छता सर्वे सिर पर, मेयर का वार्ड तक साफ नहीं
Updated Mon, 01 Jan 2018 10:17 PM IST
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सफाई कर्मी मेयर के वार्ड में फेंक रहे कूड़ा
स्वच्छता सर्वे के लिए किसी भी समय आ सकती है केंद्र की टीम
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट।
पिछले साल में हुए केंद्र सरकार के स्वच्छता सर्वे में शहर का रैंक सूबे में चाहे चौथे नंबर पर आने पर नगर निगम बहुत खुश था। इस एक साल में नगर निगम ने सर्वे की रिपोर्ट से कुछ खास सीख नहीं ली है। अब सिर पर अगला स्वच्छता सर्वे भी आ चुका है।आलम यह है कि शहर में जगह-जगह कूड़ा दिखना आम बात है। हैरत की बात तो यह है कि शहर के मिशन रोड का जो एरिया खुद मेयर अनिल वासुदेवा के वार्ड नंबर 17 के अधीन आता है, वहां भी सफाई कर्मचारी खुले में कूड़ा फेंक रहे हैं।
पिछली साल जनवरी में हुए स्वच्छता सर्वेक्षण में केंद्र सरकार की टीमों ने शहर का दौरा किया था। सर्वे का रिजल्ट आया, जिसमें पठानकोट ने देश में 188वां और सूबे में चौथा सबसे साफ शहर होने का दर्जा पाया। चौथे स्थान पर रहे पठानकोट की रिजल्ट रिपोर्ट में केंद्र सरकार ने कई खामियां भी स्थानीय निकाय को गिनाईं थीं और नगर निगम को इन्हें दूर करने की नसीहत भी दी थी। बावजूद इसके कुछ खास बदलाव इस बार शहर में देखने को नहीं मिल रहा है।
इसी हफ्ते में केंद्र सरकार द्वारा इस साल का स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू किया जाना है। केंद्र की टीम निरीक्षण के लिए शहर में कभी भी आ सकती है। लेकिन बदलाव तो दूर की बात यहां स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए आने वाली टीम के लिए तैयारी भी नहीं की गई है। मेयर अनिल वासुदेवा ने कहा कि उन्हें इस बारे जानकारी नहीं है कि कोई कर्मी उनके वार्ड में खुले में कूड़ा फेंक रहा है। कर्मचारी आउटसोर्स पर रखे गए हैं। ठेका कंपनी को हिदायत दी गई है कि ऐसा न होने दिया जाये। फिर भी ऐसा हो रहा है तो संबंधित कंपनी पर कार्रवाई होगी।
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स्वच्छता सर्वे के लिए किसी भी समय आ सकती है केंद्र की टीम
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट।
पिछले साल में हुए केंद्र सरकार के स्वच्छता सर्वे में शहर का रैंक सूबे में चाहे चौथे नंबर पर आने पर नगर निगम बहुत खुश था। इस एक साल में नगर निगम ने सर्वे की रिपोर्ट से कुछ खास सीख नहीं ली है। अब सिर पर अगला स्वच्छता सर्वे भी आ चुका है।आलम यह है कि शहर में जगह-जगह कूड़ा दिखना आम बात है। हैरत की बात तो यह है कि शहर के मिशन रोड का जो एरिया खुद मेयर अनिल वासुदेवा के वार्ड नंबर 17 के अधीन आता है, वहां भी सफाई कर्मचारी खुले में कूड़ा फेंक रहे हैं।
पिछली साल जनवरी में हुए स्वच्छता सर्वेक्षण में केंद्र सरकार की टीमों ने शहर का दौरा किया था। सर्वे का रिजल्ट आया, जिसमें पठानकोट ने देश में 188वां और सूबे में चौथा सबसे साफ शहर होने का दर्जा पाया। चौथे स्थान पर रहे पठानकोट की रिजल्ट रिपोर्ट में केंद्र सरकार ने कई खामियां भी स्थानीय निकाय को गिनाईं थीं और नगर निगम को इन्हें दूर करने की नसीहत भी दी थी। बावजूद इसके कुछ खास बदलाव इस बार शहर में देखने को नहीं मिल रहा है।
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इसी हफ्ते में केंद्र सरकार द्वारा इस साल का स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू किया जाना है। केंद्र की टीम निरीक्षण के लिए शहर में कभी भी आ सकती है। लेकिन बदलाव तो दूर की बात यहां स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए आने वाली टीम के लिए तैयारी भी नहीं की गई है। मेयर अनिल वासुदेवा ने कहा कि उन्हें इस बारे जानकारी नहीं है कि कोई कर्मी उनके वार्ड में खुले में कूड़ा फेंक रहा है। कर्मचारी आउटसोर्स पर रखे गए हैं। ठेका कंपनी को हिदायत दी गई है कि ऐसा न होने दिया जाये। फिर भी ऐसा हो रहा है तो संबंधित कंपनी पर कार्रवाई होगी।
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