{"_id":"5b43936f4f1c1b84468b5794","slug":"191531155311-amritsar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नशे से पीड़ित युवक की इलाज के दौरान मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नशे से पीड़ित युवक की इलाज के दौरान मौत
Updated Mon, 09 Jul 2018 10:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नशे से पीड़ित युवक की इलाज के दौरान मौत
पीजीआई चंडीगढ़ में चल रहा था इलाज, पेशे से ड्राइवर था हैप्पी
अमर उजाला ब्यूरो
बटाला।
गांव दाखला के रहने वाले 27 साल के युवक की नशे के कारण मौत हो गई। मृतक हैप्पी मसीह कई दिनों से पीजीआई चंडीगढ़ में दाखिल था। रविवार रात इलाज के दौरान पीड़ित की मौत हो गई। मृतक पेशे से ड्राइवर था और तीन बहनों का इकलौता भाई था। सोमवार सुबह हैप्पी मसीह का शव बटाला के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया।
हैप्पी मसीह की मां भजनी, बहन भोली ने बताया कि उनका भाई सोनू मसीह पेशे से ड्राइवर था। वह काफी समय से नशे का आदी था। जब भी वह घर आता था वह किसी से बातचीत नहीं करता था। करीब दस दिन पहले बाइक सवार दो युवक हैैप्पी को नशे की हालत में घर के बाहर उतार गए थे। पठानकोट में रहने वाली मृतक की बहन रीटा ने बताया कि उसका भाई नशे का आदी था और उसकी मां की माली हालत ठीक न होनेे की वजह से वह उसे पठानकोट ले गई और पठानकोट के सिविल अस्पताल में दाखिल करवा दिया। हालत गंभीर होने की वजह से पठानकोट के डॉक्टरों ने पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। जहां इलाज के दौरान उसके भाई की को मौत हो गई। उन्होंने कहा कि वह सरकार से अपील करती हैं कि वह नशे बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई ताकि लोगों के जवान बेटे इस दलदल में न फंसे। पुलिस थाना सदर के एएसआई रंजीत सिंह ने बताया कि पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर 174 की कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम करवा दिया है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही हैप्पी की मौत के कारण की पुष्टि होगी।
फोटो- 09जीडीआरबीटीएलीपी01
कैप्शन- बटाला के गांव दाखला में मृतक सोनू की मां और बहने अपना दुखांत सुनाते हुये।
विज्ञापन
पीजीआई चंडीगढ़ में चल रहा था इलाज, पेशे से ड्राइवर था हैप्पी
अमर उजाला ब्यूरो
बटाला।
गांव दाखला के रहने वाले 27 साल के युवक की नशे के कारण मौत हो गई। मृतक हैप्पी मसीह कई दिनों से पीजीआई चंडीगढ़ में दाखिल था। रविवार रात इलाज के दौरान पीड़ित की मौत हो गई। मृतक पेशे से ड्राइवर था और तीन बहनों का इकलौता भाई था। सोमवार सुबह हैप्पी मसीह का शव बटाला के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया।
हैप्पी मसीह की मां भजनी, बहन भोली ने बताया कि उनका भाई सोनू मसीह पेशे से ड्राइवर था। वह काफी समय से नशे का आदी था। जब भी वह घर आता था वह किसी से बातचीत नहीं करता था। करीब दस दिन पहले बाइक सवार दो युवक हैैप्पी को नशे की हालत में घर के बाहर उतार गए थे। पठानकोट में रहने वाली मृतक की बहन रीटा ने बताया कि उसका भाई नशे का आदी था और उसकी मां की माली हालत ठीक न होनेे की वजह से वह उसे पठानकोट ले गई और पठानकोट के सिविल अस्पताल में दाखिल करवा दिया। हालत गंभीर होने की वजह से पठानकोट के डॉक्टरों ने पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। जहां इलाज के दौरान उसके भाई की को मौत हो गई। उन्होंने कहा कि वह सरकार से अपील करती हैं कि वह नशे बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई ताकि लोगों के जवान बेटे इस दलदल में न फंसे। पुलिस थाना सदर के एएसआई रंजीत सिंह ने बताया कि पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर 174 की कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम करवा दिया है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही हैप्पी की मौत के कारण की पुष्टि होगी।
विज्ञापन
फोटो- 09जीडीआरबीटीएलीपी01
कैप्शन- बटाला के गांव दाखला में मृतक सोनू की मां और बहने अपना दुखांत सुनाते हुये।