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सीकेडी के पूर्व अध्यक्ष चरणजीत सिंह चड्ढा का भविष्य तय करेगी 23 जनवरी
Updated Tue, 23 Jan 2018 06:41 PM IST
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सीकेडी के पूर्व अध्यक्ष चरणजीत सिंह चड्ढा का भविष्य तय करेगी 23 जनवरी
श्री अकाल तख्त कर सकता है पंथ से निकालने का फैसला, एसआईटी ने चड्ढा को चंडीगढ़ बुलाया
चीफ खालसा दीवान की बैठक, नए अध्यक्ष के नाम पर हो सकती है घोषणा
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर।
अश्लील वीडियो से घिरे चीफ खालसा दीवान (सीकेडी) के पूर्व अध्यक्ष चरणजीत सिंह चड्ढा का भविष्य मंगलवार पर टिका है। 23 जनवरी को जहां चड्ढा को लेकर श्री अकाल तख्त साहिब पर पंथ से निकालने पर फैसला आ सकता है वहीं दूसरी तरफ सीकेडी की बैठक में नए अध्यक्ष के नाम की घोषणा हो सकती है। फिलहाल चड्ढा को बर्खास्त करने के बाद सीकेडी को कार्यकारिणी अध्यक्ष चला रहे हैं। इसी के साथ ही चड्ढा को अपने बेटे इंद्रप्रीत सिंह चड्ढा की आत्महत्या को लेकर चंडीगढ़ स्थित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने भी बुलाया है। ऐसे में अब चड्ढा कहां पहुंचते हैं और कहां नहीं जाते यह कल ही पता चल सकेगा।
चरणजीत सिंह चड्ढा को पंथ से निष्काशित करने की सिफारिश एसजीपीसी अध्यक्ष गोबिंद सिंह लौंगोवाल भी कर चुके हैं। जबकि कई सिख जत्थेबंदियों ने चड्ढा को पंथ से निकालने की गुहार श्री अकाल तख्त साहिब लगाई है। चड्ढा की अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद उनके खिलाफ अमृतसर पुलिस में मामला दर्ज है, जिसकी अंतरिम जमानत पर वह हैं। चड्ढा को श्री अकाल तख्त साहिब से किसी भी धार्मिक कार्य करने पर रोक लगा दी थी, लेकिन पिछले दिनों यतीम खाना में चड्ढा ने जब लंगर लगाया तो लंगर छकने के लिए कांग्रेस के कई विधायक पहुंचे जो कि बाद में इसी बात को लेकर चर्चाओं में रहे।
माना जा रहा है कि चड्ढा मंगलवार को होने वाली श्री अकाल तख्त साहिब पर बैठक में पंथ से निकाले जा सकते हैं। जबकि दूसरी तरफ एसआईटी उनसे उन बिजनेस पार्टनरों को लेकर सवाल पूछेंगी जो कि बड़े बेटे इंद्रप्रीत सिंह चड्ढा के ससुाइड के बाद नामजद हुए हैं। चड्ढा से यह भी जवाब मांगा जाएगा कि वो आखिर ब्लैकमेल क्यों हो रहे थे, उन्होंने अपने ही मुलाजिम व एक फ्रीलांसर फोटोग्राफर के खिलाफ अमृतसर के बजाए जालंधर में ब्लैकमेलिंग का मामला क्यों दर्ज करवाया।
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चड्ढा ने कांग्रेसी से साधी नजदीकियां
चरणजीत सिंह चड्ढा एसजीपीसी के शिक्षा विंग के बड़े पद पर 22 सालों से आसीन रहे हैं। करीब 60 हजार स्टूडेंट पढ़ते हैं। उनकी अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद जहां अकाली दल बादल व भाजपा ने उनसे दूरियां बना ली वहीं कांग्रेस के कुछ विधायकों से उनकी नजदीकियां देखी जा सकती है। चर्चाएं यहां तक हैं कि जिसकी लाठी उसी की भैंस। चड्ढा अब कांग्रेस से नजदीकियां बनाकर केस को किसी तरह इंक्वायरी लगाकर समाप्त करने की राह ढूंढ रहे हैं।
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श्री अकाल तख्त कर सकता है पंथ से निकालने का फैसला, एसआईटी ने चड्ढा को चंडीगढ़ बुलाया
चीफ खालसा दीवान की बैठक, नए अध्यक्ष के नाम पर हो सकती है घोषणा
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर।
अश्लील वीडियो से घिरे चीफ खालसा दीवान (सीकेडी) के पूर्व अध्यक्ष चरणजीत सिंह चड्ढा का भविष्य मंगलवार पर टिका है। 23 जनवरी को जहां चड्ढा को लेकर श्री अकाल तख्त साहिब पर पंथ से निकालने पर फैसला आ सकता है वहीं दूसरी तरफ सीकेडी की बैठक में नए अध्यक्ष के नाम की घोषणा हो सकती है। फिलहाल चड्ढा को बर्खास्त करने के बाद सीकेडी को कार्यकारिणी अध्यक्ष चला रहे हैं। इसी के साथ ही चड्ढा को अपने बेटे इंद्रप्रीत सिंह चड्ढा की आत्महत्या को लेकर चंडीगढ़ स्थित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने भी बुलाया है। ऐसे में अब चड्ढा कहां पहुंचते हैं और कहां नहीं जाते यह कल ही पता चल सकेगा।
चरणजीत सिंह चड्ढा को पंथ से निष्काशित करने की सिफारिश एसजीपीसी अध्यक्ष गोबिंद सिंह लौंगोवाल भी कर चुके हैं। जबकि कई सिख जत्थेबंदियों ने चड्ढा को पंथ से निकालने की गुहार श्री अकाल तख्त साहिब लगाई है। चड्ढा की अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद उनके खिलाफ अमृतसर पुलिस में मामला दर्ज है, जिसकी अंतरिम जमानत पर वह हैं। चड्ढा को श्री अकाल तख्त साहिब से किसी भी धार्मिक कार्य करने पर रोक लगा दी थी, लेकिन पिछले दिनों यतीम खाना में चड्ढा ने जब लंगर लगाया तो लंगर छकने के लिए कांग्रेस के कई विधायक पहुंचे जो कि बाद में इसी बात को लेकर चर्चाओं में रहे।
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माना जा रहा है कि चड्ढा मंगलवार को होने वाली श्री अकाल तख्त साहिब पर बैठक में पंथ से निकाले जा सकते हैं। जबकि दूसरी तरफ एसआईटी उनसे उन बिजनेस पार्टनरों को लेकर सवाल पूछेंगी जो कि बड़े बेटे इंद्रप्रीत सिंह चड्ढा के ससुाइड के बाद नामजद हुए हैं। चड्ढा से यह भी जवाब मांगा जाएगा कि वो आखिर ब्लैकमेल क्यों हो रहे थे, उन्होंने अपने ही मुलाजिम व एक फ्रीलांसर फोटोग्राफर के खिलाफ अमृतसर के बजाए जालंधर में ब्लैकमेलिंग का मामला क्यों दर्ज करवाया।
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चड्ढा ने कांग्रेसी से साधी नजदीकियां
चरणजीत सिंह चड्ढा एसजीपीसी के शिक्षा विंग के बड़े पद पर 22 सालों से आसीन रहे हैं। करीब 60 हजार स्टूडेंट पढ़ते हैं। उनकी अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद जहां अकाली दल बादल व भाजपा ने उनसे दूरियां बना ली वहीं कांग्रेस के कुछ विधायकों से उनकी नजदीकियां देखी जा सकती है। चर्चाएं यहां तक हैं कि जिसकी लाठी उसी की भैंस। चड्ढा अब कांग्रेस से नजदीकियां बनाकर केस को किसी तरह इंक्वायरी लगाकर समाप्त करने की राह ढूंढ रहे हैं।