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पाक के जुल्म से रोया ‘भगवान’, रोटी देख ‘रोती’ थी आंखे
Updated Sat, 30 Dec 2017 10:13 PM IST
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पाक के जुल्म से रोया ‘भगवान’, रोटी देख ‘रोती’ थी आंखें
पाकिस्तान ने 144 मछुआरे छोड़े, 14 नौकाएं नहीं वापस की
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर।
भगवान चौधरी 65 वर्ष कें है। शुक्रवार रात पाक जेलों से छूटे 144 भारतीय कैदियों में एक हैं। वह कहते हैं किप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृह जिले में उनकी पत्नी सीता व बेटा लक्ष्मण के साथ पिछले नौ महीने में कोई बातचीत नहीं हुई है। बेटी धरती है, जिसके लिए भगवान ने पाक की जेल में मोबाइल कवर बुना है। भगवान रोते हुए कहते हैं कि पाक की जेलों में सजा काटने का मतलब है कि पल-पल मरना। पता नहीं क्या पाकिस्तान के दिमाग में है कि वो भारतीय कैदियों को देश के विरोध में उसकाता है, अगर कोई भारतीय इंकार करता है तो उसे पेड़ पर उल्टा लटका दिया जाता है। कई-कई दिनों तक दाना-पानी नहीं दिया जाता। कई भारतीय कैदी पाक की जेलों में दम तोड़ चुके हैं।
पड़ोसी देश कितना शरीफ है इस बात का अंदाजा आप पाक से छूटे भगवान ही नहीं 144 मछुआरों में किसी के साथ बातचीत करके अंदाजा लगा सकते हैं। पाक जेलों में बंद भारतीय कैदियों को 24 घंटे में तीन रोटी जीने के लिए मिलती है। दिन भर बंधुआ मजदूरों की तरह काम करवाया जाता है। कोई विरोध करे तो उसे निवृस्त्र करके पेड़ से लटका दिया जाता है। पाक जेलों में बंद भारतीयों को देश विरोधी बयानों को लेकर वीडियो रिकार्डिंग करवाई जाती है, जो भारतीय जुबान बंद रखता है उसकी आंखें बंद (हत्या) कर दी जाती हैं।
पाक की जेल भारतीय कैदियों की कब्रगाह बनती जा रही हैं। यह बातें पाक से छूटे मछुआरों में 70 वर्ष के बुजुर्ग से लेकर 20 वर्ष के नौजवान कर रहे हैं जो कि पाक जेलों में नौ महीने की सजा काट कर लौटें हैं। गुजरात स्थित समुंदर में जीविका चलाने के लिए यह मछुआरे मछलियां पकड़ते थे। इन मछुआरों को नौ महीने की जेल के बाद पाक ने 24 घंटे पहले रिहा तो कर दिया है लेकिन इनकी रोजी-रोटी यानि की नौकाएं नहीं लौटाई हैं। पाक से लौटे यह 144 भारतीय मछुआरे रविवार को अमृतसर से गुजरात के लिए रवाना होंगे।
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पाक से आए 144 मछुआरों में शामिल म सलिम इस्माइल के चेहरे पर मुस्कान दिखी। कहा कि अल्लाह को शायद मंजूर था कि मैं जब समुंदर में मछलियां पकड़ते समय पाकिस्तान द्वारा पकड़ा गया उस दिन ही मैंने यह धंधा बंद करने का निर्णय लिया था। खुदा की मर्जी मैं समझ नहीं सका और बिना गलती पाकिस्तान ने मुझे 9 महीने तक जेल में ठूंसे रखा।
इस्माइल निकाह के चार दिन पहले हुआ गिरफ्तार
पाक की जेल में नौ महीने की सजा काट चुका गुजरात प्रांत का इस्माइल 144 मछुआरों में एकमात्र मुस्लिम है। कहता है कि पाक जेलों में साजिशें रच रहा है, भारतीय कैदियों पर जुल्म ढाया जा रहा है। पाक जेलों में इंसानियत का जनाजा निकल रहा है, अल्लाह ही पाक को बचाए। इस्माइल 38 वर्ष का है। अम्मी नसीब और अब्बू यूसुफ बुजुर्ग हैं। निकाह नहीं हुआ है। कहता है कि जिस दिन पकड़ा गया, उसके चार दिन बाद निकाह था।
‘प्रधानमंत्री पाक से कहें, हमारी बोट लौटा दे’
पाक की जेल से आजाद हुए राम सिंह, राकेश भगवान, किशोर जाधव, जय सिंह देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहते हैं कि हम सभी गुजरात से हैं, हमारा पेशा मछलियां पकड़ना है। पाक ने हमारी बोट (नौकाएं) जब्त कर ली हैं, ऐसे में भारत सरकार को पाक सरकार से बात करनी चाहिए, ताकि हमारी नौकाएं वापस मिले। यही नहीं दोनो देशों के बीच समुंदर के बंटवारे को लेकर वैसे ही लकीर खींची जाए जैसे भारत-पाक के बीच कंटीली तारें हैं। पाक भारतीय मछुआरों को केवल नौकाएं जब्त करने के लिए निशाना बनाता है।
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पाकिस्तान ने 144 मछुआरे छोड़े, 14 नौकाएं नहीं वापस की
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर।
भगवान चौधरी 65 वर्ष कें है। शुक्रवार रात पाक जेलों से छूटे 144 भारतीय कैदियों में एक हैं। वह कहते हैं किप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृह जिले में उनकी पत्नी सीता व बेटा लक्ष्मण के साथ पिछले नौ महीने में कोई बातचीत नहीं हुई है। बेटी धरती है, जिसके लिए भगवान ने पाक की जेल में मोबाइल कवर बुना है। भगवान रोते हुए कहते हैं कि पाक की जेलों में सजा काटने का मतलब है कि पल-पल मरना। पता नहीं क्या पाकिस्तान के दिमाग में है कि वो भारतीय कैदियों को देश के विरोध में उसकाता है, अगर कोई भारतीय इंकार करता है तो उसे पेड़ पर उल्टा लटका दिया जाता है। कई-कई दिनों तक दाना-पानी नहीं दिया जाता। कई भारतीय कैदी पाक की जेलों में दम तोड़ चुके हैं।
पड़ोसी देश कितना शरीफ है इस बात का अंदाजा आप पाक से छूटे भगवान ही नहीं 144 मछुआरों में किसी के साथ बातचीत करके अंदाजा लगा सकते हैं। पाक जेलों में बंद भारतीय कैदियों को 24 घंटे में तीन रोटी जीने के लिए मिलती है। दिन भर बंधुआ मजदूरों की तरह काम करवाया जाता है। कोई विरोध करे तो उसे निवृस्त्र करके पेड़ से लटका दिया जाता है। पाक जेलों में बंद भारतीयों को देश विरोधी बयानों को लेकर वीडियो रिकार्डिंग करवाई जाती है, जो भारतीय जुबान बंद रखता है उसकी आंखें बंद (हत्या) कर दी जाती हैं।
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पाक की जेल भारतीय कैदियों की कब्रगाह बनती जा रही हैं। यह बातें पाक से छूटे मछुआरों में 70 वर्ष के बुजुर्ग से लेकर 20 वर्ष के नौजवान कर रहे हैं जो कि पाक जेलों में नौ महीने की सजा काट कर लौटें हैं। गुजरात स्थित समुंदर में जीविका चलाने के लिए यह मछुआरे मछलियां पकड़ते थे। इन मछुआरों को नौ महीने की जेल के बाद पाक ने 24 घंटे पहले रिहा तो कर दिया है लेकिन इनकी रोजी-रोटी यानि की नौकाएं नहीं लौटाई हैं। पाक से लौटे यह 144 भारतीय मछुआरे रविवार को अमृतसर से गुजरात के लिए रवाना होंगे।
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पाक से आए 144 मछुआरों में शामिल म सलिम इस्माइल के चेहरे पर मुस्कान दिखी। कहा कि अल्लाह को शायद मंजूर था कि मैं जब समुंदर में मछलियां पकड़ते समय पाकिस्तान द्वारा पकड़ा गया उस दिन ही मैंने यह धंधा बंद करने का निर्णय लिया था। खुदा की मर्जी मैं समझ नहीं सका और बिना गलती पाकिस्तान ने मुझे 9 महीने तक जेल में ठूंसे रखा।
इस्माइल निकाह के चार दिन पहले हुआ गिरफ्तार
पाक की जेल में नौ महीने की सजा काट चुका गुजरात प्रांत का इस्माइल 144 मछुआरों में एकमात्र मुस्लिम है। कहता है कि पाक जेलों में साजिशें रच रहा है, भारतीय कैदियों पर जुल्म ढाया जा रहा है। पाक जेलों में इंसानियत का जनाजा निकल रहा है, अल्लाह ही पाक को बचाए। इस्माइल 38 वर्ष का है। अम्मी नसीब और अब्बू यूसुफ बुजुर्ग हैं। निकाह नहीं हुआ है। कहता है कि जिस दिन पकड़ा गया, उसके चार दिन बाद निकाह था।
‘प्रधानमंत्री पाक से कहें, हमारी बोट लौटा दे’
पाक की जेल से आजाद हुए राम सिंह, राकेश भगवान, किशोर जाधव, जय सिंह देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहते हैं कि हम सभी गुजरात से हैं, हमारा पेशा मछलियां पकड़ना है। पाक ने हमारी बोट (नौकाएं) जब्त कर ली हैं, ऐसे में भारत सरकार को पाक सरकार से बात करनी चाहिए, ताकि हमारी नौकाएं वापस मिले। यही नहीं दोनो देशों के बीच समुंदर के बंटवारे को लेकर वैसे ही लकीर खींची जाए जैसे भारत-पाक के बीच कंटीली तारें हैं। पाक भारतीय मछुआरों को केवल नौकाएं जब्त करने के लिए निशाना बनाता है।