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कहने को सरप्लस पर मूलभूत सुविधांए भी नहीं
Updated Thu, 22 Mar 2018 10:24 PM IST
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निगम के अधीन आये नये क्षेत्रों में तीन साल में नहीं हुआ कोई काम
कहने को सरप्लस पर मूलभूत सुविधाएं भी नहीं
निगम के अधीन आये नये क्षेत्रों में तीन साल में नहीं हुआ कोई काम
कहीं स्ट्रीट लाइटों ही नहीं तो कहीं पानी की है किल्लत
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट।
नगर निगम में नये शामिल किये गए क्षेत्रों को चाहे सरप्लस एरिया के नाम से जाना जाता है लेकिन इन क्षेत्रों में कोई भी सरप्लस सुविधा नहीं है। सरप्लस तो दूर की बात है कई क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं से भी लोग वंचित हैं। इस तरह से यह क्षेत्र कहने को ही सरप्लस रह गए हैं। इन सरप्लस क्षेत्रों को नगर निगम के अधीन आए हुए तीन साल हो चुके हैं। लेकिन बावजूद इसके यहां पर तीन साल में कोई भी काम नहीं हो पाया है। लोग भी अब नगर निगम से परेशान हो चुके हैं।
दरअसल साल 2015 में नगर निगम की हदबंदी बढ़ाते हुए शहर के आसपास की कई ग्राम पंचायतों को भंग करके उन्हें नगर निगम के अधीन लाते हुए वार्ड का दर्जा दिया गया था। इसके बाद नगर निगम ने नये शामिल किये गए इन क्षेत्रों को सरप्लस घोषित किया था। उस समय हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने नगर निगम पर कब्जा किया। नगर निगम ने इन सरप्लस क्षेत्रों के लिए विशेष फंड जुटा कर विकास करने की बात कही थी। लेकिन ऐसा कुछ भी तीन साल बाद भी नहीं हो पाया। सरप्लस क्षेत्रों में नगर निगम ने पहल के आधार पर विकास करवाने की योजना बनाई थी। लेकिन विकास करवाना तो दूर की बात इन क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल सकीं हैं। कहीं स्ट्रीट लाईटें नहीं लगीं हैं तो कहीं वाटर सप्लाई और सीवरेज की पुरानी पाईपें होने से दिक्कत है। नये शामिल किये गए क्षेत्रों में गांव धीरा, मलिकपुर, भरोली कलां, मामून आदि में ऐसी समस्यांए आम हैं।
टैक्स स्लैब में आ चुके हैं सरप्लस एरिया
वहीं दूसरी तरफ हैरत की बात यह है कि नगर निगम के ये सरप्लस क्षेत्र अब टैक्स स्लैब में भी आ चुके हैं। इससे पहले सरप्लस क्षेत्रों के लोग निगम को प्रॉपर्टी या हाऊस टैक्स नहीं दे रहे थे। चिंता का विषय यह है कि टैक्स से इन क्षेत्रों को मिली छूट भी खत्म हो चुकी है लेकिन फिर भी यहां पर अब तक कोई काम नहीं हुआ। बता दें कि उक्त नये शामिल क्षेत्रों को नगर निगम ने कुछ समय के लिए प्रॉपर्टी एंव हाउस टैक्स से छूट दी थी। लेकिन वित्त वर्ष 2017-18 में यह क्षेत्र भी टैक्स स्लैब में आ चुके हैं।
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सरप्लस क्षेत्रों में जल्द होगा काम शुरू
वहीं जब इस संबंधी मेयर अनिल वासुदेवा से बात की गई तो उन्होनें इस बात को माना कि सरप्लस क्षेत्रों में नगर निगम कोई काम नहीं कर सका है। लेकिन उन्होनें कहा कि आने वाले समय में जल्द ही इन क्षेत्रों में निगम द्वारा काम शुरू करवाया जाएगा। उन्होनें कहा कि कुछ कार्यों के टेंडर लगे थे लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। अब जल्द ही दोबारा टेंडर लगवाए जाएंगे।
-मेयर अनिल वासुदेवा
फोटो -18- मेयर अनिल वासुदेवा।
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कहने को सरप्लस पर मूलभूत सुविधाएं भी नहीं
निगम के अधीन आये नये क्षेत्रों में तीन साल में नहीं हुआ कोई काम
कहीं स्ट्रीट लाइटों ही नहीं तो कहीं पानी की है किल्लत
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट।
नगर निगम में नये शामिल किये गए क्षेत्रों को चाहे सरप्लस एरिया के नाम से जाना जाता है लेकिन इन क्षेत्रों में कोई भी सरप्लस सुविधा नहीं है। सरप्लस तो दूर की बात है कई क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं से भी लोग वंचित हैं। इस तरह से यह क्षेत्र कहने को ही सरप्लस रह गए हैं। इन सरप्लस क्षेत्रों को नगर निगम के अधीन आए हुए तीन साल हो चुके हैं। लेकिन बावजूद इसके यहां पर तीन साल में कोई भी काम नहीं हो पाया है। लोग भी अब नगर निगम से परेशान हो चुके हैं।
दरअसल साल 2015 में नगर निगम की हदबंदी बढ़ाते हुए शहर के आसपास की कई ग्राम पंचायतों को भंग करके उन्हें नगर निगम के अधीन लाते हुए वार्ड का दर्जा दिया गया था। इसके बाद नगर निगम ने नये शामिल किये गए इन क्षेत्रों को सरप्लस घोषित किया था। उस समय हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने नगर निगम पर कब्जा किया। नगर निगम ने इन सरप्लस क्षेत्रों के लिए विशेष फंड जुटा कर विकास करने की बात कही थी। लेकिन ऐसा कुछ भी तीन साल बाद भी नहीं हो पाया। सरप्लस क्षेत्रों में नगर निगम ने पहल के आधार पर विकास करवाने की योजना बनाई थी। लेकिन विकास करवाना तो दूर की बात इन क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल सकीं हैं। कहीं स्ट्रीट लाईटें नहीं लगीं हैं तो कहीं वाटर सप्लाई और सीवरेज की पुरानी पाईपें होने से दिक्कत है। नये शामिल किये गए क्षेत्रों में गांव धीरा, मलिकपुर, भरोली कलां, मामून आदि में ऐसी समस्यांए आम हैं।
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टैक्स स्लैब में आ चुके हैं सरप्लस एरिया
वहीं दूसरी तरफ हैरत की बात यह है कि नगर निगम के ये सरप्लस क्षेत्र अब टैक्स स्लैब में भी आ चुके हैं। इससे पहले सरप्लस क्षेत्रों के लोग निगम को प्रॉपर्टी या हाऊस टैक्स नहीं दे रहे थे। चिंता का विषय यह है कि टैक्स से इन क्षेत्रों को मिली छूट भी खत्म हो चुकी है लेकिन फिर भी यहां पर अब तक कोई काम नहीं हुआ। बता दें कि उक्त नये शामिल क्षेत्रों को नगर निगम ने कुछ समय के लिए प्रॉपर्टी एंव हाउस टैक्स से छूट दी थी। लेकिन वित्त वर्ष 2017-18 में यह क्षेत्र भी टैक्स स्लैब में आ चुके हैं।
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सरप्लस क्षेत्रों में जल्द होगा काम शुरू
वहीं जब इस संबंधी मेयर अनिल वासुदेवा से बात की गई तो उन्होनें इस बात को माना कि सरप्लस क्षेत्रों में नगर निगम कोई काम नहीं कर सका है। लेकिन उन्होनें कहा कि आने वाले समय में जल्द ही इन क्षेत्रों में निगम द्वारा काम शुरू करवाया जाएगा। उन्होनें कहा कि कुछ कार्यों के टेंडर लगे थे लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। अब जल्द ही दोबारा टेंडर लगवाए जाएंगे।
-मेयर अनिल वासुदेवा
फोटो -18- मेयर अनिल वासुदेवा।