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खेल उद्योग संघ ने जीएसटी के विरोध में किया प्रदर्शन
Updated Sat, 07 Oct 2017 10:28 PM IST
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जीएसटी के खिलाफ खेल उद्योग संघ का प्रदर्शन
जीएसटी काउंसिल की बैठक में पक्ष न रखने पर वित्त मंत्री के खिलाफ फूटा गुस्सा
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट।
जीएसटी का विरोध शनिवार को खेल उद्योग संघ जालंधर से पठानकोट पहुंच गया। पठानकोट पहुंचे संघ ने पटेल चौक स्थित कांग्रेस के चुनाव कार्यालय के बाहर सूबा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। संघ प्रतिनिधियों ने कहा कि सूबे के वित्त मंत्री मनप्रीत बादल ने जीएसटी काउंसिल की बैठक में खेल उद्योग संघ का पक्ष नहीं रखा है।
संघ के कनवीनर विजय धीर ने कहा कि केंद्र सरकार ने जब जीएसटी का प्रपोजल तैयार किया था, तब कहा गया था कि जीएसटी खेल उद्योग पर पहले से ही लागू पांच प्रतिशत टैक्स के आसपास ही रहेगा। जीएसटी लागू होने के बाद खेल उद्योग संघ को पता चला कि केंद्र सरकार ने खेल उद्योग को 12 प्रतिशत से अधिक के जीएसटी स्लैब में रखा है। इस प्रकार से खेल उद्योग पर केंद्र सरकार ने टैक्स का बोझ बढ़ा दिया है।
धीर ने आरोप लगाया कि वह अपनी मांग को लेकर केंद्र सरकार के नुमाइंदो से लेकर सूबा सरकार के वित्त मंत्री मनप्रीत बादल से भी मिल चुके हैं। सदस्य होने के बाद भी मनप्रीत बादल ने खेल उद्योग संघ का पक्ष जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में नहीं रखा। उन्होंने कहा कि खेल उद्योग संघ से मिलने के लिए नेताओं के पास समय नहीं है। गुरदासपुर उपचुनाव के तहत सभी नेता गुरदासपुर-पठानकोट में डेरा जमाए बैठे हैं। इसीलिए वह यहां प्रदर्शन करने पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि जीएसटी के बाद बढ़े टैक्स के कारण जालंधर की स्पोर्ट्स गुड्स इंडस्ट्री डूब जाएगी।
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जीएसटी काउंसिल की बैठक में पक्ष न रखने पर वित्त मंत्री के खिलाफ फूटा गुस्सा
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट।
जीएसटी का विरोध शनिवार को खेल उद्योग संघ जालंधर से पठानकोट पहुंच गया। पठानकोट पहुंचे संघ ने पटेल चौक स्थित कांग्रेस के चुनाव कार्यालय के बाहर सूबा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। संघ प्रतिनिधियों ने कहा कि सूबे के वित्त मंत्री मनप्रीत बादल ने जीएसटी काउंसिल की बैठक में खेल उद्योग संघ का पक्ष नहीं रखा है।
संघ के कनवीनर विजय धीर ने कहा कि केंद्र सरकार ने जब जीएसटी का प्रपोजल तैयार किया था, तब कहा गया था कि जीएसटी खेल उद्योग पर पहले से ही लागू पांच प्रतिशत टैक्स के आसपास ही रहेगा। जीएसटी लागू होने के बाद खेल उद्योग संघ को पता चला कि केंद्र सरकार ने खेल उद्योग को 12 प्रतिशत से अधिक के जीएसटी स्लैब में रखा है। इस प्रकार से खेल उद्योग पर केंद्र सरकार ने टैक्स का बोझ बढ़ा दिया है।
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धीर ने आरोप लगाया कि वह अपनी मांग को लेकर केंद्र सरकार के नुमाइंदो से लेकर सूबा सरकार के वित्त मंत्री मनप्रीत बादल से भी मिल चुके हैं। सदस्य होने के बाद भी मनप्रीत बादल ने खेल उद्योग संघ का पक्ष जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में नहीं रखा। उन्होंने कहा कि खेल उद्योग संघ से मिलने के लिए नेताओं के पास समय नहीं है। गुरदासपुर उपचुनाव के तहत सभी नेता गुरदासपुर-पठानकोट में डेरा जमाए बैठे हैं। इसीलिए वह यहां प्रदर्शन करने पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि जीएसटी के बाद बढ़े टैक्स के कारण जालंधर की स्पोर्ट्स गुड्स इंडस्ट्री डूब जाएगी।
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