अमृत भारत परियोजना: RCF कपूरथला में बन रहे 160 किमी की रफ्तार वाली वंदे भारत के सेट; मंत्री ने जानी खूबियां
रेल कोच फैक्टरी (आरसीएफ) में 160 किमी की रफ्तार से दौड़ने वाली वंदे भारत ट्रेन के सेट तैयार हो रहे रहे हैं। बुधवार को केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने आरसीएफ का दौरा किया। बिट्टू ने अमृत भारत परियोजना तहत बनने वाली ट्रेन उत्पादन की रिबन काटकर शुरुआत की।
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केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने बुधवार को रेल कोच फैक्टरी (आरसीएफ) का पहला दौरा करते हुए कहा कि आरसीएफ विश्व स्तरीय यात्री डिब्बों के उत्पादन में नए मानक स्थापित करने की यात्रा जारी रखते हुए देश के रेलवे के आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
केंद्रीय रेल राज्य मंत्री ने अमृत भारत परियोजना तहत बनने वाली ट्रेन उत्पादन की रिबन काटकर शुरुआत की। उन्होंने कहा कि अमृत भारत योजना तहत बनने वाले कोच किफायती लागत पर आराम, सुरक्षा और आधुनिक सुविधाएं प्रदान करके आम आदमी की आकांक्षाओं को साकार करेंगे।
आरसीएफ कपूरथला के अपने पहले दौरे पर मीडिया से बातचीत दौरान रेलवे और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह ने कहा कि अमृत भारत ट्रेन आम आदमी की यात्रा के लिए शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि इस साल 50 से अधिक अमृत भारत ट्रेनें चलाई जाएंगी, जिनमें नॉन एसी स्लीपर होंगे। आरसीएफ की ओर से इस साल 22-22 कोचों वाले पांच अमृत भारत रैक बनाए जाएंगे। इनमें 8 स्लीपर, 11 जनरल, 1 पेंट्री, 2 एसएलआरडी और एक लोको होगा, जिसमें बर्थ की बेहतर सौंदर्यता के साथ उन्नत दिख, सीसीटीवी, बेहतर एलईडी लाइटिंग, अग्निश्मन प्रणाली, फोल्डेबल स्नैक टेबल और बोतल होल्डर, मोबाइल चार्जर और रात के दौरान किसी भी अप्रिय घटना के मामले में स्वचालित रूप से प्रकाश देने के लिए बाहरी एलईडी लाइटें होंगी।
वंदे मेट्रो रै को जल्द दिखाई जाएगी ही हरी झंडी
बिट्टू ने कहा कि वंदे भारत और वंदे मेट्रो ट्रेन सेट, अत्याधुनिक तकनीक, समकालीन डिजाइन और बेहतर प्रदर्शन मानक वाली हाई-स्पीड रेल में भारत के प्रवेश को प्रदर्शित करते हैं, जिनका निर्माण आरसीएफ की ओर से किया जा रहा है। कम दूरी की इंटरसिटी यात्रा के लिए 130 किमी प्रति घंटे की गति क्षमता वाले 16 कोचों वाली पहली वंदे मेट्रो रैक को जल्द ही हरी झंडी दिखाई जाएगी। 4364 की वहन क्षमता वाली वंदे मेट्रो में रूट मैप इंडिकेटर, सीसीटीवी, दिव्यांगजन यात्री शौचालय, बैठने की जगह के अंदर और बाहर इमरजेंसी टॉक बैक यूनिट, ट्रेन टक्कर से बचाव प्रणाली और यात्री सूचना प्रणाली भी होगी। इस साल 160 किमी प्रति घंटे की गति क्षमता वाले वंदे भारत ट्रेन सेट के 2 रैक भी बनेंगे।