विधानसभा विशेष सत्र: महामहिम कोविंद बोले- एक दिन देश का सिरमौर बने हिमाचल प्रदेश
कोरोना वैक्सीन की पहली डोज का तय लक्ष्य पूरा करने में हिमाचल प्रदेश के देश में पहला राज्य बनने पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने हिमाचल सरकार को शाबाशी दी है।
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विस्तार
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने हिमाचल प्रदेश के सभी विधायकों, सांसदों और अन्य जनप्रतिनिधियों का आह्वान किया है कि वे निरंतर प्रयास करें, जिससे प्रदेश एक दिन विकास का सिरमौर बने। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत का ध्यान रखते हुए उन्हें लगातार मेहनत करनी होगी। हिमाचल प्रदेश के पूर्ण राज्यत्व की स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य पर उन्होंने शुक्रवार को राज्य विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित किया। वह प्रदेश के चार दिवसीय दौरे पर हैं।
राष्ट्रपति कोविंद ने कहा, आप सभी विधायक, सांसद और प्रदेश के अन्य निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को प्रदेश की जनता भाग्य विधाता के रूप में देखती है। आप सबसे अपेक्षा करती है कि सब प्रदेश और राष्ट्र के निर्माता बनें। अब तक की विकास यात्रा से आपने समावेशी विकास और भविष्य का मार्ग प्रशस्त किया है। पर्यावरण के अनुकूल कृषि, बागवानी, पर्यटन, शिक्षा, रोजगार विशेषकर स्वरोजगार आदि के क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं।
प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत को संजोए रखने के साथ-साथ विकास के निरंतर प्रयास करने होंगे। हम सब लोग जानते हैं कि एक जिले का नाम सिरमौर भी है। वह शुभकामनाएं देते हैं कि एक दिन हिमाचल प्रदेश देश का सिरमौर बने। 2047 में जब देश आजादी के सौ साल मनाएगा, तो यह प्रदेश अपनी 75वीं वर्षगांठ में विश्वस्तरीय विकास और समृद्धि का आदर्श प्रस्तुत कर रहा होगा।
सदन में राज्यपाल राजेंद्र सदाशिव आर्लेकर, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार और नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने भी संबोधित कर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का स्वागत किया। राष्ट्रपति की धर्मपत्नी सविता कोविंद और बेटी स्वाति कोविंद भी वीआईपी दीर्घा में उपस्थित रहीं। सदन में मौजूदा विधायक अपनी सीटों पर बैठे। केंद्रीय युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री अनुराग ठाकुर, पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक आदि भी मौजूद रहे।
हिमाचल में किसान रासायनिक उर्वरकों से मुक्त प्राकृतिक खेती करें
प्रदेश में नदियों का पानी निर्मल, मिट्टी साफ -सुथरी और पोषक तत्वों से युक्त है। वह चाहेंगे कि यहां किसान रासायनिक उर्वरकोें से मुक्त प्राकृतिक खेती करें और यहां की सस्य श्यामला को खतरनाक रसायनों से मुक्त करें।
बादल फटने से नुकसान से बचाव को केंद्र और राज्य विकसित करे वैज्ञानिक तकनीक
राष्ट्रपति ने चिंता जताई कि बादल फटने और जल प्लावन से हिमाचल प्रदेश में बहुत नुकसान हो रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसके लिए कें द्र और हिमाचल सरकार मिलकर ऐसी आपदाओं से निपटने को वैज्ञानिक तरीके विकसित करेंगे।
राष्ट्रपति बोले -पीएम ने हिमाचलवासियों को भेजी हैं शुभकामनाएं
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि हिमाचल प्रदेश आने से पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की और उन्हें जन्मदिन की बधाई दी। इस पर प्रधानमंत्री ने प्रदेश के हिमाचल के पूर्ण राज्यत्व के 50 साल की स्वर्ण जयंती पर प्रदेशवासियों को भी शुभकामनाएं देने को कहा है।
प्राकृतिक खेती के लिए वरदान हैं हिमाचल की निर्मल नदियां : कोविंद
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को विधानसभा के विशेष सत्र में कहा कि हिमाचल की निर्मल नदियां और मृदा प्राकृतिक खेती के लिए वरदान हैं। राष्ट्रपति को प्राकृतिक खेती के लिए आह्वान इस कारण से भी करना पड़ा है, क्योंकि हर साल प्रदेश के बागवान और किसान करोड़ों की अंग्रेजी खादें और कीटनाशकों का प्रयोग करते हैं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जो मूलमंत्र किसानों और बागवानों को दिया है, वे इसे अपनाकर गुणवत्ता वाली फसलें पैदा कर सकेंगे। वर्तमान में लोग भी प्राकृतिक खेती अपनाकर पैदा की फसलों की मांग सबसे ज्यादा करते हैं और फसलों के दाम भी अधिक रहते हैं। ऐसी स्थिति में प्रदेश में प्राकृतिक खेती को अपनाकर किसान अपनी आय आसानी से दोगुना भी कर सकते हैं।
इसी सदन में विट्ठल भाई पटेल ने 1925 में ब्रिटिश प्रत्याशी को हराया
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि वह प्रदेश के 70 लाख नागरिकों को पूरे देश की ओर से बधाई देते हैं। इसी वर्ष स्वाधीनता की 75वीं वर्षगांठ है। इस साल देश में आजादी का अमृत महोत्सव चल रहा है। हिमाचल प्रदेश के लोग पूर्ण राज्यत्व की स्वर्ण जयंती भी बना रहे हैं। यह वर्ष हिमाचल प्रदेश और पूरे देश के लोगों के लिए हर्षोल्लास का है।
राष्ट्रपति ने कहा कि विधानसभा का यह कौंसिल चैंबर आधुनिक भारत की कई महत्वपूर्ण घटनाओं के साक्षी रहे हैं। इसी सदन में विट्ठल भाई पटेल ने 1925 में ब्रिटिश प्रत्याशी को हराकर सेंट्रल लेजिस्लटिव एसेंबली के अध्यक्ष का चुनाव जीता था। अध्यक्ष के अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने संसदीय मर्यादाओं और निष्पक्षता का ऐसा उदाहरण पेश किया, जो आज भी संसद और विधानसभाओं के लिए आदर्श है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में भी जसवंत राम से लेकर ठाकुर सेन नेगी सहित अध्यक्षों एवं प्रभावशाली लोगों समृद्ध परंपरा रही है। इस विशेष सत्र में नेता प्रतिपक्ष का यहां संबोधन होना परिवक्व लोकतांत्रिक संस्कृति का अनुकरणीयउदाहरण है। इस स्वस्थ परंपरा के बीज आजादी की लड़ाई में भी निहित थे।
बाबा कांशीराम, डॉ. परमार, पूर्व मुख्यमंत्रियों को याद किया
राष्ट्रपति ने कहा कि पहाड़ी गांधी के नाम से विख्यात कांगड़ा के बाबा कांशीराम जैसे स्वाधीनता सेनानियों ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ यहां शांतिपूर्ण सत्याग्रह किया और कारावास में जीवन बिताया। संविधान सम्मत मार्ग पर चलते हुए डॉ. यशवंत सिंह परमार, पंडित पद्मदेव, शिवानंद रमौल तथा अन्य जनसेवकों ने पहाड़ी क्षेत्रों के एकीकरण और हिमाचल की स्थापना के संघर्ष को आगे बढ़ाया। पचास साल में विकास की लोकगाथा पर सभी देशवासियों को गर्व है।
इसके लिए सभी पूर्ववर्ती सरकारों ने अहम भूमिका निभाई। सभी पूर्ववर्ती मुख्यमंत्रियों डॉ. वाईएस परमार, रामलाल ठाकुर, शांता कुमार, वीरभद्र सिंह और प्रेमकुमार धूमल की वह सराहना करते हैं। नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार इंडिया इंडेक्स 2020-21 के तहत सतत विकास लक्ष्य में हिमाचल देश में दूसरे नंबर पर है। हिमाचल प्रदेश कई और मापदंडों में भी अग्रणी राज्य है। वह राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और सरकार की सारी टीम को बधाई देते हैं।
स्वतंत्र भारत का पहला मतदाता हिमाचल से, यहां लोकतांत्रिक चेतना जन-जन में
रामनाथ कोविंद ने कहा कि इस क्षेत्र के जन-जन में व्याप्त लोकतांत्रिक चेतना से ही यह ऐतिहासिक संयोग बना कि स्वतंत्र भारत के पहले वोटर का श्रेय हिमाचल के ही श्याम सरण नेगी को जाता है। वह भारतीय निर्वाचन आयोग ने उन्हें 2014 के चुनाव में ब्रांड एंबेसडर बनाया था। सौ साल से अधिक आयु के नेगी आज भी सक्रिय हैं। एक सजग मतदाता का उनका उदाहरण राज्य निर्वाचन आयोग भी प्रस्तुत करता है।
वैक्सीन की पहली डोज का लक्ष्य पूरा करने पर पीएम के बाद अब राष्ट्रपति की शाबाशी
कोरोना वैक्सीन की पहली डोज का तय लक्ष्य पूरा करने में हिमाचल प्रदेश के देश में पहला राज्य बनने पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने हिमाचल सरकार को शाबाशी दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस बात से वह इत्तफाक रखते हैं कि हिमाचल इस बारे में सचमुच चैंपियन बना है। हिमाचल के पूर्ण राज्यत्व के स्वर्णिम वर्ष 2021 के उपलक्ष्य पर राष्ट्रपति ने शुक्रवार को सदन में अपने संबोधन के दौरान सरकार को शुभकामनाएं दीं।
इससे पहले देश में सबसे पहले वैक्सीन की पहली डोज लगाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छह सितंबर को हिमाचल के छह लोगों के साथ वर्चुअली संवाद किया और प्रदेश सरकार की पीठ थपथपाई। उन्होंने हिमाचल सरकार को दूसरी डोज में भी पहले नंबर पर आने की बात कही। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार सरकार ने 18 साल व इससे ज्यादा उम्र के 53.77 लाख लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा था। हालांकि, इस लक्ष्य को पार करते हुए 5601421 लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लगाई जा चुकी है।
अब सरकार ने नवंबर तक दूसरी डोज लगाने का लक्ष्य रखा है। 18 साल व इससे ज्यादा उम्र वालों की जनसंख्या में यह लक्षित लोग इसलिए बढ़ गए हैं। चूंकि, प्रदेश में दस साल में जनसंख्या भी बढ़ गई है। इसके अलावा बाहरी राज्यों के मजदूर और अन्य लोग भी इसमें शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग के पास प्रदेश में करीब 12 लाख वैक्सीन की डोज हैं। शुक्रवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान प्रदेश सरकार का हौसला बढ़ाया है।
तंबाकू नियंत्रण, प्लास्टिक कचरा मुक्त जैसे कई कानून सराहे
शिमला। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने हिमाचल में तंबाकू कंट्रोल कानून को सख्ती से लागू करने, प्लास्टिक कचरा मुक्त करने जैसे कानून बनाने की सराहना की। कहा कि इस विधानसभा ने कई कानूनों को बनाया है।
राष्ट्रपति के फेसबुक पेज पर हुआ लाइव प्रसारण
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में शुक्रवार को हुए विशेष सत्र का सीधा प्रसारण राष्ट्रपति के आधिकारिक फेसबुक पेज पर भी हुआ। इसके अलावा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और सीएमओ हिमाचल के फेसबुक पेज पर भी समारोह को प्रसारित किया गया। सरकार की ओर से आम जनता को लाइव प्रसारण दिखाने के लिए यू ट्यूब का लिंक भी सोशल मीडिया के माध्यम से शेयर किया गया था।