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यूपी: गैंगेस्टर अभिषेक सिंह उर्फ हनी के अवैध निर्माण पर वीडीए का चला हथौड़ा, दर्ज हैं 36 मुकदमे

Mon, 22 Mar 2021 11:14 PM IST
हरि User न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: हरि User Updated Mon, 22 Mar 2021 11:14 PM IST
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VDA hammers illegal construction of gangster Abhishek Singh Honey Varanasi
गैंगेस्टरअभिषेक सिंह के मकान को ध्वस्त करती टीम। - फोटो : अमर उजाला

माफियाओं के खिलाफ जारी प्रदेश सरकार की मुहिम में सोमवार को वाराणसी प्रशासन ने गैंगेस्टर के अवैध निर्माण पर हथौड़ा चलाया। खजूरी मोहल्ला स्थित अहिराना गली में वीडीए, जिला प्रशासन व पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गैंगेस्टर अभिषेक उर्फ हनी के दो मंजिल मकान को ध्वस्त करने की शुरुआत की। 


गैंगस्टर अभिषेक सिंह उर्फ हनी पर विभिन्न थानों में हत्या, लूट, रंगदारी, आर्म्स एक्ट समेत गंभीर धाराओं में कुल 36 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें केवल कैंट थाने में 19 मुकदमें दर्ज हैं। खजूरी स्थित  एस-8/441 बी-1 मकान में वह अपने पिता अनिल सिंह और माता मंजू के साथ रहता है। बिना वीडीए की परमिशन के इस मकान का निर्माण कराए जाने पर नोटिस काटने के बाद मकान की अनुमन्यता मांगी तो भवन स्वामी मंजू सिंह नहीं दिखा सकी। बाद में इस मामले में वीडीए ने गत 12 फरवरी को ध्वस्तीकरण आदेश पारित करते हुए भवन स्वामी को मकान गिराने के लिए एक माह का समय दिया। अगली स्लाइड पर भी क्लिक कर देखें...

VDA hammers illegal construction of gangster Abhishek Singh Honey Varanasi
गैंगेस्टर अभिषेक सिंह के मकान को ध्वस्त करने पहुंची टीम। - फोटो : अमर उजाला

इसके बाद मंजू सिंह ने कमिश्नर कोर्ट में अपील की और बताया कि अनजाने में मैंने अवैध निर्माण करा लिया है। इसको लेकर कमिश्नर कोर्ट में सुनवाई हुई और इस मामले में कोर्ट ने अपील को बलहीन व निरस्त करने योग्य पाया। कोर्ट के निरस्त करने के आदेश के बाद वीडीए की टीम वीसी ईशा दुहन के निर्देश पर संयुक्त सचिव परमानंद यादव के साथ मौके पर पहुंची। दोपहर बाद मकान को गिराने की शुरुआत कर दी। हालांकि जैसे ही अभियान की शुरूआत हुई वहां मंजू सिंह के वकील पहुंचे और मकान को नहीं गिराने की बात कही, लेकिन प्रशासन ने कमिश्नर कोर्ट का आदेश दिखाते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी रखी। शाम 5.30 बजे के बाद टीम ने कार्रवाई अंधेरा होने के नाते रोक दी। वीडीए वीसी ईशा दुहन ने बताया कि जिस मकान की चौहदी मंजू सिंह ने दिखाई है उसी मकान पर वीडीए ने कार्रवाई की है। मकान नंबर को लेकर मंजू सिंह ने अपील से लेकर वीडीए कार्यालय में कोई भी आपत्ति नहीं दर्ज कराई है।

VDA hammers illegal construction of gangster Abhishek Singh Honey Varanasi
गैंगेस्टर अभिषेक सिंह के मकान को ध्वस्त करने के दौरान ड्रोन से रिकार्डिंग। - फोटो : अमर उजाला

मकान का भू-प्रयोग आवासीय नहीं
गैंगेस्टर अभिषेक सिंह उर्फ हनी जिस मकान में रहता था उस मकान का भू-प्रयोग भी आवासीय नहीं है। वीडीए की मास्टर प्लान-2031 में उस जमीन का भू-प्रयोग राजकीय, अर्धराजकीय व अन्य कार्यालय है। इस पर आवासीय नक्शा किसी भी दशा में पास नहीं हो सकता था। गैंगेस्टर अभिषेक उर्फ हनी के जिस मकान पर वीडीए ने ध्वस्तीकरण की है। वह उसके बाबा नरसिंह सिंह ने खरीदी थी। बाद में नरसिंह ने अपने पुत्र वधू मंजू सिंह के नाम पर इस जमीन की रजिस्ट्री कर दी। मौके पर पहुंचे एसपी सिटी विकास चंद्र त्रिपाठी को हनी के पिता अनिल सिंह ने यह बात बताई।

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पहुंचे अधिवक्ता। - फोटो : अमर उजाला

मकान नंबर और सुनवाई की तारीख पर वकीलों का विरोध
मंजू सिंह के मकान को तोड़ने के दौरान पहुंचे उनके आधा दर्जन वकीलों ने वीडीए की कार्रवाई का विरोध किया। मकान नंबर से लेकर कमिश्नर कोर्ट में सुनवाई की मुकर्रर हुई तिथि को लेकर भी सवाल खड़ा किया। कमिश्नर कोर्ट की नकल दिखाते हुए वकीलों ने कहा कि 31 मार्च को इस केस की सुनवाई होनी थी लेकिन प्रशासन ने पहले ही कार्रवाई कर दी। वहीं जिस मकान को तोड़ा जा रहा है, वह एस-8/ 441 डीई है जबकि वीडीए एस-8/441 बी-1 पर ध्वस्तीकरण आदेश पारित किया है। 

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गैंगेस्टर अभिषेक सिंह के मकान को ध्वस्त करने पहुंची टीम। - फोटो : अमर उजाला

टॉप-10 गैंगेस्टर में हनी सिंह
एसपी सिटी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि गैंगेस्टरों की सूची में हनी सिंह का गैंग टॉप-10 में है। अभिषेक सिंह उर्फ हनी सिंह उर्फ जहर का गैंग पुलिस की रिकार्ड में आईडी-23 है। नियमों को ताक पर रखकर मकान बनाया गया था जिसका वीडीए ने ध्वस्तीकरण पास किया। फिलहाल हनी बागपत जेल में निरुद्ध है। उसके खिलाफ ढाई दर्जन मामले दर्ज हैं जिसमें रंगदारी के 10, हत्या के पांच और हत्या के प्रयास के सात मामले हैं। उन्होंने बताया कि जेल में रहने के दौरान 28 अगस्त 2020 को जैतपुरा थाना क्षेत्र के चौकाघाट दोहरे हत्याकांड की साजिश में हनी का नाम सामने आया था।

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