वाराणसी में 24 घंटे पहले जलस्तर में गिरावट के बाद गंगा में उफान शुरू हो गया है। गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण वरुणा में पलट प्रवाह से तटीय इलाकों के मकानों में पानी प्रवेश कर गया है। कुछ लोगों ने पहली मंजिल पर शरण ली है तो कई लोगों ने ऊंची जगहों पर पलायन शुरू कर दिया है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार रात आठ बजे गंगा का जलस्तर 68.47 मीटर दर्ज किया गया।
गुरुवार की सुबह से गंगा में जलस्तर में बढ़ोतरी शुरू हो गई। छह सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से गंगा के जलस्तर में बढ़ाव के कारण सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 67.81 मीटर दर्ज किया गया। दोपहर के बाद से गंगा के जलस्तर में सात सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोत्तरी शुरू हो गई और रात आठ बजे गंगा का जलस्तर 68.47 मीटर तक पहुंच गया। देखें अगली स्लाइड्स...
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चौकाघाट क्षेत्र में घरों में घुसने लगा पानी।
- फोटो : अमर उजाला
जलस्तर चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर से केवल 1.79 मीटर कम है। बुधवार को गंगा के जलस्तर में प्रति घंटे 2 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई थी लेकिन गुरुवार को 7 सेमी प्रतिघंटे का बढ़ाव दर्ज किया गया। गंगा के पलट प्रवाह से वरुणा किनारे रहने वालों की दिक्कतें बढ़ गई है।
काफी घरों में पानी घुस गया है। जलस्तर यदि इसी वेग से बढ़ता रहा तो वाराणसी में सामने घाट क्षेत्र की कॉलोनियों, वरुणा किनारे के मोहल्लों और ढाब क्षेत्र के गांवों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण जल पुलिस और एनडीआरएफ की 11वीं वाहिनी के जवानों को अतिरिक्त सतर्कता के साथ ड्यूटी करने के लिए कहा गया है। वहीं बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों को सतर्क होकर रहने के लिए प्रशासन की ओर से आगाह किया गया है।
24 घंटे अलर्ट रहने का निर्देश
बढ़ते जलस्तर के कारण आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ की टीमों को चौबीसों घंटे तैयार रहने को कहा गया है। सभी एसडीएम, तहसीलदार और एसीएम को भी इस संबंध में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है। जिले के बाढ़ प्रभावित जो भी इलाके हैं वहां के ग्राम प्रधानों से प्रशासन लगातार संपर्क में है।
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बढ़ रहा गंगा का जलस्तर।
- फोटो : अमर उजाला
प्रतिबंध के बावजूद नौका संचालन जारी
बाढ़ को देखते हुए जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने गंगा में सभी तरह के नौका के संचालन पर रोक लगा दी है। बावजूद उसके नौका का संचालन हो रहा है। जिन्हें इन नावों की मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी दी गई है, वह भी इन्हें रोकने में कोई खास दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं जिससे बेरोकटोक नावों का संचालन जारी है।