{"_id":"5afd591b4f1c1be2408b6030","slug":"varanasi-flyover-collapse-two-days-gone-officers-now-carelessness","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"वाराणसी फ्लाईओवर हादसे के दो दिनः पहले सोते रहे हुक्मरान, अब बचाने में जुटे अपनी जान ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वाराणसी फ्लाईओवर हादसे के दो दिनः पहले सोते रहे हुक्मरान, अब बचाने में जुटे अपनी जान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 18 May 2018 10:26 AM IST
विज्ञापन
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अधिकारियों की लापरवाही और वक्त पर सही निर्णय नहीं ले पाना भी वाराणसी में निर्माणाधीन फ्लाईओवर हादसे का बड़ा कारण है। हृदयविदारक हादसे के बाद पुलिस, प्रशासन से लेकर सेतु निगम और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ने में कसर नहीं छोड़ रहे हैं, जबकि इससे पहले सुरक्षा मानकों और यातायात व्यवस्था पर निर्णय ही नहीं लिया गया। आगे की स्लाइड्स में देखें..
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
अब 15 मौतों के लिए कसूरवार अधिकारी अपनी गर्दन बचाने के लिए जांच समिति से लेकर शासन तक को अपने-अपने पक्ष में तर्क देने में जुट गए हैं। पूरी रस्साकसी से साफ है कि हुक्मरान पहले सोते रहे और अब अपनी-अपनी जान बचाने में लग गए हैं।
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
यह भी तब, जब यह बात काफी हद तक स्पष्ट हो चुकी है कि हादसे के लिए सेतु निगम के अलावा जिला प्रशासन, यातायात विभाग, पुलिस और ट्रैफिक पुलिस भी बराबर के जिम्मेदार हैं। सेतु निगम की फ्लाईओवर को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए प्रशासन की सक्रियता हाल ही में बढ़ गई है। तीन दिन पहले मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बैठक कर सेतु निगम को रूट डायवर्जन का प्रस्ताव देने के लिए कहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
मगर, बड़ा सवाल यह है कि निर्देशों पर अमल के लिए क्या किया गया। सेतु निगम अधिकारी दावा कर रहे हैं कि प्रशासन को रूट डायवर्जन और यातायात बंद कराने के लिए कई पत्र भेजे गए, उनका संज्ञान नहीं लिया गया। प्रशासन सिरे से इस दावे को खारिज कर रहा है। जाहिर है कि हादसे को लेकर न तो कोई सतर्क था, न ही इसे रोकने के लिए किसी भी स्तर से उचित निर्णय नहीं लिया गया और प्रभावी कदम भी नहीं उठाए गए।
विज्ञापन
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
आम लोगों को सुविधा और सुरक्षा दिलाने की जिम्मेदारी प्रशासन की है। ऐसे में निर्माणाधीन फ्लाईओवर पर बीम के काम कराने से पहले प्रशासन को निर्णय ही नहीं, प्रभावी अमल कराना चाहिए था। मगर, प्रशासन ने पहल तक नहीं की और सेतु निगम की लापरवाही को नजरअंदाज करता रहा।