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'सपनों की उड़ान' में बोली टीवी की 'प्रतिज्ञा', छुपाएं नहीं, खुलकर करें उन दिनों पर बात
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Mon, 26 Nov 2018 07:38 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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स्टार प्लस पर आने वाले टीवी सीरियल प्रतिज्ञा में लीड रोल निभाने वाली अभिनेत्री पूजा गौर को तो आप भूले नहीं होंगे। वो रविवार को व्हिस्पर चॉइस और अमर उजाला की ओर से वाराणसी के चेतगंज आर्य महिला पीजी कॉलेज आयोजित सपनों की उड़ान कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंची थीं। यहां पूजा गौर ने महीने के उन दिनों से जुड़ी परेशानियों और भ्रांतियों से बेटियों के साथ-साथ उनकी माताओं को भी जागरूक किया। आगे की स्लाइड्स में देखें....
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माहवारी बीमारी नहीं है, यह किसी काम में बाधक भी नहीं और न ही इस दौरान लड़की अशुद्ध हो जाती है। बल्कि यह तो भगवान का दिया गया उपहार है। इससे हम परिवार या समाज के निर्माण में सहयोग करते हैं। बेटियां झिझक छोड़ इस विषय पर खुलकर बात करें। यह कहना था टीवी कलाकार पूजा गौर का।
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कॉलेज सभागार में आयोजित कार्यक्रम में पूजा गौर ने कहा कि मासिक धर्म एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसका न होना एक बीमारी है। उन्होंने छात्राओं को सलाह दी कि वो अपनी हर समस्या मां से खुलकर बताएं। इस दौरान उन्होंने अपने पहले पीरियड का अनुभव भी साझा किया। स्त्री व प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. शिप्रा धर ने बताया कि माहवारी एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, जो आमतौर पर 9 से 12 वर्ष की आयु की लड़कियों में शुरू होती है। इसकी वजह से किशोरियों में कई शारीरिक बदलाव होते हैं।
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इस विषय पर समाज में लड़कियां व महिलाएं खुलकर बात नहीं करतीं, जिससे वो कई तरह भ्रांतियों का शिकार हो जाती हैं। उन्होंने माहवारी के दौरान साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने, कपड़े की जगह पैड का इस्तेमाल करने की सलाह दी। बताया कि कभी-कभी अगर पीरियड देर से आता है तो घबराने की जरूरत नहीं, यह एक तरह का हार्मोनल इमबैलेंस है। इस दौरान उन्होंने बेटियाें के साथ उनकी मां के सवालों के जवाब भी दिए।
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आर्य महिला पीजी कॉलेज की प्राचार्या प्रो. रचना दूबे ने कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम की बहुत जरूरत है। इसकी शुरूआत कक्षा 6 से होनी चाहिए, जिससे कि बेटियों को कोई भी परेशानी आने पर वो अपनी मां से इन समस्याओं को साझा कर सकें। कराते प्रशिक्षक दिव्या पांडेय ने बताया कि पीरियड एक शारीरिक प्रक्रिया है, इससे घबराने की जरूरत नहीं।